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लड़कियां मोबाइल पर भी ढूंढती थीं शिकार
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 18 Oct 2013 10:22 PM IST
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पानीपत में लोगों को जाल में फंसाकर लूटने वाला गिरोह सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि मोबाइल से भी सक्रिय था। गैंग की महिलाएं जान बूझकर किसी व्यक्ति को फोन कर देती थी और गलती से फोन मिलने की बात कह देती थी और इतनी ही देर में अपनी मीठी बोली के जाल में फांस लेती थी।
इनका शिकार कुरुक्षेत्र का एक डॉक्टर भी बन गया था। पहले पकड़े गए गैंग के सातों आरोपियों ने तीन दिन के पुलिस रिमांड में यह सब कबूला है। पुलिस ने पांच महिलाओं समेत छह आरोपियों को तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से सबको न्यायिक हिरासत में ले लिया।
इस गैंग का मास्टर माइंड नरेश दूसरे गैंग के साथ तीन दिन के रिमांड पर चल रहा है। पूछताछ में सातों आरोपियों ने बताया कि वे किसी को भी मोबाइल पर फोन कर देती थीं और उसके साथ कुछ देर मीठी-मीठी बात कर गलती से फोन मिलने की कहकर काट देती थीं। उनकी इतनी ही बातों में सामने वाला फंस जाता था और फिर वहीं उनको फोन करता था। वे ज्यादा समय गंवाने के बजाय उनको समय पर ही बुला लेती थीं।
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कुरुक्षेत्र का डॉक्टर गंवा चुका है सामान
उनके जाल में कुरुक्षेत्र का एक डॉक्टर सब कुछ गंवाकर चला गया। इसी मीठी बोली को सुनकर कुरुक्षेत्र के एक डॉक्टर भी गत दिनों सेक्टर छह में पहुंचा। बताया जा रहा है कि गिरोह ने डॉक्टर से पांच लाख रुपये नकद, सोने की अंगूठी और मोबाइल ले लिया था। कुरुक्षेत्र के इसी व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने दूसरे गिरोह को गिरफ्तार किया है।
दो की तलाश जारी
करनाल के पढ़ाना के प्रेम कुमार और मीना, पूंडरी की उर्मिला, पनौरी की बीरमती और हांसी रोड की संतोष और पानीपत के सौदापुर निवासी उमा को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं दूसरे गैंग में पकड़े गए बांध गांव निवासी नरेश, किशनपुरा की कमला, पूनम, ज्योति और आजाद नगर की बीरमती और सुनीता तीन दिन के रिमांड पर चल रहे हैं। दूसरे गिरोह का सरगना थर्मल के खुखराना निवासी पाले और जींद या सौदापुर पानीपत की शिवानी पुलिस गिरफ्त से दूर है। पुलिस दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
ये है मामला
फतेहाबाद निवासी अनूप ने 13 अक्तूबर को पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। उसने बताया कि उसके दोस्त गुरमिंदर का अपहरण कर लिया है और उसको पानीपत में बंधक बनाया है। गैंग उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। डीएसपी सिटी जितेंद्र गहलावत की अगुवाई में टीम ने दबिश दी। इसी दौरान सेक्टर-18 से इस तरह की सूचना मिली। पुलिस ने नरेश, प्रेम कुमार, बीरमती, संतोष, उमा, मीना और उर्मिला को गिरफ्तार कर लिया। इनका मास्टर माइड नरेश निकला। ये सब पानीपत और करनाल के रहने वाले हैं। पुलिस ने 14 अक्तूबर को सातों को कोर्ट में पेश किया और सात दिन के रिमांड पर लिया। इसी दौरान पुलिस ने एक शिकायत पर सेक्टर छह में दबिश दी और दूसरे गैंग का पर्दाफाश किया।
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इनका शिकार कुरुक्षेत्र का एक डॉक्टर भी बन गया था। पहले पकड़े गए गैंग के सातों आरोपियों ने तीन दिन के पुलिस रिमांड में यह सब कबूला है। पुलिस ने पांच महिलाओं समेत छह आरोपियों को तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से सबको न्यायिक हिरासत में ले लिया।
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इस गैंग का मास्टर माइंड नरेश दूसरे गैंग के साथ तीन दिन के रिमांड पर चल रहा है। पूछताछ में सातों आरोपियों ने बताया कि वे किसी को भी मोबाइल पर फोन कर देती थीं और उसके साथ कुछ देर मीठी-मीठी बात कर गलती से फोन मिलने की कहकर काट देती थीं। उनकी इतनी ही बातों में सामने वाला फंस जाता था और फिर वहीं उनको फोन करता था। वे ज्यादा समय गंवाने के बजाय उनको समय पर ही बुला लेती थीं।
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कुरुक्षेत्र का डॉक्टर गंवा चुका है सामान
उनके जाल में कुरुक्षेत्र का एक डॉक्टर सब कुछ गंवाकर चला गया। इसी मीठी बोली को सुनकर कुरुक्षेत्र के एक डॉक्टर भी गत दिनों सेक्टर छह में पहुंचा। बताया जा रहा है कि गिरोह ने डॉक्टर से पांच लाख रुपये नकद, सोने की अंगूठी और मोबाइल ले लिया था। कुरुक्षेत्र के इसी व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने दूसरे गिरोह को गिरफ्तार किया है।
दो की तलाश जारी
करनाल के पढ़ाना के प्रेम कुमार और मीना, पूंडरी की उर्मिला, पनौरी की बीरमती और हांसी रोड की संतोष और पानीपत के सौदापुर निवासी उमा को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं दूसरे गैंग में पकड़े गए बांध गांव निवासी नरेश, किशनपुरा की कमला, पूनम, ज्योति और आजाद नगर की बीरमती और सुनीता तीन दिन के रिमांड पर चल रहे हैं। दूसरे गिरोह का सरगना थर्मल के खुखराना निवासी पाले और जींद या सौदापुर पानीपत की शिवानी पुलिस गिरफ्त से दूर है। पुलिस दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
ये है मामला
फतेहाबाद निवासी अनूप ने 13 अक्तूबर को पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। उसने बताया कि उसके दोस्त गुरमिंदर का अपहरण कर लिया है और उसको पानीपत में बंधक बनाया है। गैंग उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। डीएसपी सिटी जितेंद्र गहलावत की अगुवाई में टीम ने दबिश दी। इसी दौरान सेक्टर-18 से इस तरह की सूचना मिली। पुलिस ने नरेश, प्रेम कुमार, बीरमती, संतोष, उमा, मीना और उर्मिला को गिरफ्तार कर लिया। इनका मास्टर माइड नरेश निकला। ये सब पानीपत और करनाल के रहने वाले हैं। पुलिस ने 14 अक्तूबर को सातों को कोर्ट में पेश किया और सात दिन के रिमांड पर लिया। इसी दौरान पुलिस ने एक शिकायत पर सेक्टर छह में दबिश दी और दूसरे गैंग का पर्दाफाश किया।