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Panipat News: हाउस की बैठक में भ्रष्टाचार पर हंगामा
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पानीपत। शहर की सरकार ने नगर निगम के हाउस की छह महीने बाद हुई बैठक में भ्रष्टाचार पर जमकर हंगामा किया। सीवर सिस्टम फेल होने समेत कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सदन के आरोपों के बाद अधिकारियों ने एक्सईएन राजेश कौशिक से सीवर का चार्ज वापस ले लिया। साथ ही जेई विवेक का काम संतोषजनक न होने पर वेतन रोकने का फैसला लिया। सोनू नाम के ठेकेदार की फर्म को सदन के प्रस्ताव पर दो एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर भुगतान पर रोक लगा दी। जजपा के मनोनीत पार्षद नरेंद्र सूरा भ्रष्टाचार के मुद्दे को अनसुना करने पर प्रस्ताव की कापी वहीं रखकर बैठक छोड़ कर बाहर निकल गए।
नगर निगम हाउस की बैठक सोमवार दोपहर तीन बजे देवीलाल कांप्लेक्स में हुई। यह शाम सात बजे तक चली। बैठक में 26 में से चार पार्षद नहीं पहुंचे। यहां शहर के 42 सार्वजनिक और 15 वार्डों के 221 प्रस्तावों को पास किया गया। बैठक का संचालन निगम आयुक्त राहुल नरवाल और अध्यक्षता मेयर अवनीत कौर ने की। सदन ने बैठक की शुरुआत में नूंह हिंसा में मारे गए अभिषेक की मौत पर मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके साथ अभिषेक बजरंगी के नाम से शहर में स्वागत द्वार या चौक बनाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया। कुछ देर बाद पार्षदों ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। जजपा के मनोनीत पार्षद नरेंद्र सूरा की भ्रष्टाचार पर आयुक्त, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर ने बात नहीं सुनी तो वे हंगामा करते हुए बैठक छोड़कर बाहर आ गए। कुछ देर बाद फिर वापस गए और मेयर, आयुक्त, सीनियर डिप्टी मेयर के टेबल पर एजेंडों की कॉपी पटक आए। उनको रोकने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा कि उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है। सदन में उन्हें बात तक नहीं रखने दिया गया।
वार्ड-तीन की पार्षद अंजलि शर्मा ने प्रॉपर्टी टैक्स में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी 10 लाख के टैक्स को 10 हजार तक कर देते हैं। यह खेल बिना रुपयों के नहीं हो सकता। आम आदमी इतने रुपये नहीं दे सकता। वे आज इन सबको ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कई प्रकरण बताए। निगम अधिकारी उनके सवालों के जवाब नहीं दे पाए। निगम आयुक्त ने सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड से मामले की जांच कराने की बात कही। आयुक्त ने पार्षद अंजलि शर्मा और रविंद्र भाटिया की कमेटी बनाई। यह कमेटी प्रॉपर्टी टैक्स के गोलमाल की जांच करेगी।
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पार्षदों ने शहर की सीवर लाइन दुरुस्त न होने और पार्षदों की बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान न होने पर सदन में जमकर हंगामा किया। एक्सईएन राजेश कौशिक से सीवर का चार्ज वापस ले लिया गया। पानीपत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दो एक्सईएन को अलग-अलग काम दिया। राजेश कौशिक अब इन दोनों एक्सईएन का काम में सहयोग कर सकेंगे। सीवर टेंडर पर भी अधिकारी पार्षदों को संतुष्ट नहीं कर पाए। पिछले एक साल से बार-बार टेंडर लगाने पर सवाल उठाए। अधिकारियों ने बताया कि टेंडर में तीन फर्मों का आना जरूरी है। ऐसे में टेंडर दोबारा लगाना पड़ता है। सदन ने इस पर शर्तों में ढील देकर टेंडर लगाने की बात रखी।
पार्षदों ने बार-बार शिकायत के बाद काम न करने के आरोपों के बाद निगम आयुक्त ने जेई विवेक का वेतन रोकने आदेश दिए। इसके अलावा कई विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे ठेकेदार सोनू की दो एजेंसी रमेश और नवीन कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट कर भुगतान रोकने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया। इसके लिए पूरा सदन एकजुट दिखाई दिया। पार्षद अशोक कटारिया ने शहर की स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एजेंसी से लाइट मरम्मत कराने में एक जेई नाकाफी है। उन्होंने जेई को एजेंसी के सामने लाचार होने तक की बात कही। उनकी मांग पर एक जेई को बदल दिया। इसके साथ तीन जेई को स्ट्रीट लाइट के लिए आठ-आठ वार्ड दिए।
नगर निगम सदन ने कूड़ा डंपिंग प्वाइंट तय करने का फैसला निगम आयुक्त को दिया। निगम की सफाई कमेटी ने यह प्रस्ताव रखा था। इसके अलावा कमेटी ने शहर के पांच मुख्य रास्तों गोहाना रोड, असंध रोड, बरसत रोड, सनौली रोड और जाटल रोड पर कुछ जगह चिह्नित की है। इसके अलावा वार्डों में भी जगह चिह्नित की गई हैं। इनका फैसला भी आयुक्त लेंगे। कमेटी ने नगर निगम के नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि नियम 270-ए के तहत आयुक्त शहर में किसी भी खाली जमीन पर कूड़ा डलवा सकते हैं।
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नगर निगम हाउस की बैठक सोमवार दोपहर तीन बजे देवीलाल कांप्लेक्स में हुई। यह शाम सात बजे तक चली। बैठक में 26 में से चार पार्षद नहीं पहुंचे। यहां शहर के 42 सार्वजनिक और 15 वार्डों के 221 प्रस्तावों को पास किया गया। बैठक का संचालन निगम आयुक्त राहुल नरवाल और अध्यक्षता मेयर अवनीत कौर ने की। सदन ने बैठक की शुरुआत में नूंह हिंसा में मारे गए अभिषेक की मौत पर मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके साथ अभिषेक बजरंगी के नाम से शहर में स्वागत द्वार या चौक बनाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया। कुछ देर बाद पार्षदों ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। जजपा के मनोनीत पार्षद नरेंद्र सूरा की भ्रष्टाचार पर आयुक्त, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर ने बात नहीं सुनी तो वे हंगामा करते हुए बैठक छोड़कर बाहर आ गए। कुछ देर बाद फिर वापस गए और मेयर, आयुक्त, सीनियर डिप्टी मेयर के टेबल पर एजेंडों की कॉपी पटक आए। उनको रोकने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा कि उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है। सदन में उन्हें बात तक नहीं रखने दिया गया।
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वार्ड-तीन की पार्षद अंजलि शर्मा ने प्रॉपर्टी टैक्स में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी 10 लाख के टैक्स को 10 हजार तक कर देते हैं। यह खेल बिना रुपयों के नहीं हो सकता। आम आदमी इतने रुपये नहीं दे सकता। वे आज इन सबको ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कई प्रकरण बताए। निगम अधिकारी उनके सवालों के जवाब नहीं दे पाए। निगम आयुक्त ने सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड से मामले की जांच कराने की बात कही। आयुक्त ने पार्षद अंजलि शर्मा और रविंद्र भाटिया की कमेटी बनाई। यह कमेटी प्रॉपर्टी टैक्स के गोलमाल की जांच करेगी।
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पार्षदों ने शहर की सीवर लाइन दुरुस्त न होने और पार्षदों की बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान न होने पर सदन में जमकर हंगामा किया। एक्सईएन राजेश कौशिक से सीवर का चार्ज वापस ले लिया गया। पानीपत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दो एक्सईएन को अलग-अलग काम दिया। राजेश कौशिक अब इन दोनों एक्सईएन का काम में सहयोग कर सकेंगे। सीवर टेंडर पर भी अधिकारी पार्षदों को संतुष्ट नहीं कर पाए। पिछले एक साल से बार-बार टेंडर लगाने पर सवाल उठाए। अधिकारियों ने बताया कि टेंडर में तीन फर्मों का आना जरूरी है। ऐसे में टेंडर दोबारा लगाना पड़ता है। सदन ने इस पर शर्तों में ढील देकर टेंडर लगाने की बात रखी।
पार्षदों ने बार-बार शिकायत के बाद काम न करने के आरोपों के बाद निगम आयुक्त ने जेई विवेक का वेतन रोकने आदेश दिए। इसके अलावा कई विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे ठेकेदार सोनू की दो एजेंसी रमेश और नवीन कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट कर भुगतान रोकने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया। इसके लिए पूरा सदन एकजुट दिखाई दिया। पार्षद अशोक कटारिया ने शहर की स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एजेंसी से लाइट मरम्मत कराने में एक जेई नाकाफी है। उन्होंने जेई को एजेंसी के सामने लाचार होने तक की बात कही। उनकी मांग पर एक जेई को बदल दिया। इसके साथ तीन जेई को स्ट्रीट लाइट के लिए आठ-आठ वार्ड दिए।
नगर निगम सदन ने कूड़ा डंपिंग प्वाइंट तय करने का फैसला निगम आयुक्त को दिया। निगम की सफाई कमेटी ने यह प्रस्ताव रखा था। इसके अलावा कमेटी ने शहर के पांच मुख्य रास्तों गोहाना रोड, असंध रोड, बरसत रोड, सनौली रोड और जाटल रोड पर कुछ जगह चिह्नित की है। इसके अलावा वार्डों में भी जगह चिह्नित की गई हैं। इनका फैसला भी आयुक्त लेंगे। कमेटी ने नगर निगम के नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि नियम 270-ए के तहत आयुक्त शहर में किसी भी खाली जमीन पर कूड़ा डलवा सकते हैं।