फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   United opposition to development

विकास के लिए विपक्ष लामबंद

Sun, 15 Dec 2013 11:59 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Sun, 15 Dec 2013 11:59 PM IST
विज्ञापन
पानीपत शहर में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष लामबंद हो गया है। उन्होंने विकास के साथ निगम के सदन की मासिक बैठक को भी मुद्दा बनाया है। भाजपा, इनेलो और निर्दलीय पार्षदों ने एक ही बैनर के तले वार्डों में विकास और विपक्षी पार्षदों की अनदेखी का आरोप लगाया।
विज्ञापन


पार्षदों ने एकजुट होकर शहर को नई रूप देने का फैसला किया। पानीपत विकास मंच के बैनर तले विपक्षी पार्षद रविवार को रमायणी चौक पर हुई सभा में एकजुट हुए। इसकी अध्यक्षता भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी ने की। सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि शहर के विकास में भेदभाव हो रहा है और विधायक शहरवासियों की अनदेखी कर रहे हैं।
विज्ञापन


वे शहर के विकास को लेकर एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे। बैैठक में डिप्टी मेयर सीमा पाहवा, पार्षद रोहिता रेवड़ी, पार्षद अशोक नारंग, पार्षद दुष्यंत भट्ट और पार्षद हरीश शर्मा ने राजकुमार पाहवा, प्रेम बजाज, डीएन त्यागी, मंजू गुप्ता, महक दीवान, डीएन त्यागी, बबली अग्रवाल, विजय सहगल, गुलशन, सुरेश सरदाना, हरीश मल्होत्रा, ईश राणा, प्रदीप उपाध्याय, कृष्ण अग्निहोत्री, सुप्रिया रत्न, संजय बक्शी, दीपक मल्होत्रा, नितिन मल्होत्रा, गोविंदा लाहोट, दीनानाथ और सूरज बरेजा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पानीपत विकास मंच की पहली सभा में हर पार्षद और वक्ता ने शहर विधायक बलबीर पाल शाह और मेयर भूपेंद्र सिंह पर निशाना साधा। दुष्यंत भट्ट ने कहा कि शहर में घटिया राजनीति शुरू हो रही है। विधायक और मेयर शहर के विकास के लिए गंभीर नहीं दिखते। वे अपने नजदीकियों को लाभ पहुंचाने में लगे हैं।

शहर की सड़कों और गलियों का हाल बेहाल है और विधायक और मेयर अपनी मर्जी से गलियों के नारियल फोड़ रहे हैं। नगर निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

पार्षदों ने मंच से आरोप लगाया कि मेयर के नजदीकी और कई पार्षद एनओसी कराने के नाम पर कमा रहे हैं। सत्ता पक्ष के लोगों का ठेकेदारों के साथ हिस्सा है। नगर निगम में उन्हीं के ठेकेदारों को काम मिल रहा है। शहर की गलियों और  सड़कों के निर्माण में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। वे इसकी विजिलेंस जांच की मांग करते हैं।

पार्षदों ने कहा कि डीसी और नगर निगम आयुक्त ने भी पार्षदों की विकास के नाम पर एक पखवाड़े तक बैठक ली, जो ड्रामा निकली। डीसी ने हर दिन दो पार्षदों की विभागीय अधिकारियों के सामने वार्ड की समस्या सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया था। उन्होंने उस समय इस सिलसिले को ड्रामा बताया। डीसी के साथ बैठकों का दौर खत्म होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

एक तरफ जहां पर विपक्षी पार्षद सत्ता पक्ष को घेरने में लगे हुए थे। वहीं भाजपा और इनेलो के चार पार्षदों की कमी खलती रही। इनमें भाजपा पार्षद दल के नेता लोकेश नांगरू भी शामिल थे। वे वार्ड 19 से भाजपा पार्षद हैं। इसके अलावा वार्ड 12 के पार्षद सतीश सैनी और वार्ड 18 के संजीव दहिया सभा में नहीं पहुंचे। जबकि सतीश सैनी की जगह उनके भाई पहुंचे थे। इनेलो के वार्ड-आठ के पार्षद अशोक कटारिया भी बैठक में नहीं पहुंच सके।

पानीपत विकास मंच ने शहर के विकास के लिए वार्ड स्तर पर सभा करने का फैसला लिया। मंच का कहना है कि वे इन सभाओं के माध्यम शहर के लोगों को नगर निगम की हालत बताएंगे और उनको जागरूक करेंगे। उनका कहना है कि आज पार्षद विकास न कराने पर खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

नगर निगम के संविधान में हर माह बैठक होना जरूरी है। 1994 की धारा 52 में यह स्पष्ट किया गया है। इन बैठकों में नगर की मुद्दों को रखा जाता है और उन पर आपसी विचार विमर्श के साथ पास किया जाता है। हाउस की बैठक में मंजूर किए गए एजेंडों को सरकार के पास भेजा जाता है।

भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट ने नगर निगम के संविधान की हालात को कविता से बताया। उन्होंने कहा कि मैं नगर निगम का संविधान हूं, रमायणी चौक से बोल रहा हूं, मेरा अंतरमन घायल है, दिल की गांठें खोल रहा हूं, मैं शक्ति का अमर पर्व हूं, आजादी का विजय पर्व हूं, मैं लोकतंत्र का उद्बोधन हूं, अधिकारों का संबोधन हूं, कभी-कभी मैं रामायण होता हूं, कभी-कभी मैं गीता होता हूं, दुर्याधन हट पर रो लेता हूं और रावण वध पर हंस लेता हूं, जब से मैं कांग्रेस के हाथ में गया हूं और अधिक बरबाद हुआ हूं, मेरे पहरेदारों ने ही बोए मेरी राह में ऐसे कांटे, जैसे बेटा ही बूढ़ी मां को मार रहा हो चांटे।

पार्षदों ने कहा कि शहर का विकास नहीं हो रहा और न ही नगर निगम के हाउस की मीटिंग बुलाई जा रही है। चुनाव के पांच माह बाद भी कोई मीटिंग नहीं हुई है। दुष्यंत भट्ट ने बताया कि उनका मकसद मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना नहीं है। मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उनके पार्षद लाएंगे। वे तो मंच के माध्यम लोगों की आवाज को उठाएंगे।

पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के हाउस की पहली मीटिंग 26 सितंबर को हुई थी। इसको लेकर भी उनको काफी संघर्ष करना पड़ा था। मीटिंग में करीब सात एजेंडों समेत 30 मांगों पर सहमति बनी थी। इन एजेंडों पर आज तक कोई योजना या काम नहीं हो सका है। यह शहरवासियों के लिए चिंता का विषय है।

डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के एक जनवरी के धरने को विपक्षी पार्षद समर्थन देंगे और डीसी ऑफिस के बाहर उनके साथ बैठेंगे। सुरेंद्र रेवड़ी ने बताया कि यह पानीपत विकास मंच की पहली बैठक है और अगली बैठक के बारे में जल्द ही घोषणा कर देंगे।

कोट्स
नगर निगम में 60 करोड़ रुपये विकास के नाम पर आया हुआ है। यह राशि सभी पार्षदों को बराबरी पर देनी चाहिए। इस राशि से पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।

हरीश शर्मा, पार्षद

कोट्स
पार्षद को विकास कार्यों व खर्च राशि की कोई जानकारी नहीं दी जाती। उनको वार्डवासियों से काम शुरू होने की जानकारी मिलती है। इससे उनको दुख पहुंचता है। उनके वार्ड की कई गलियां खस्ता हाल में हैं।
अशोक नारंग पार्षद

कोट्स
वार्ड के विकास में अनदेखी बरती जा रही है। एक या दो गली ही बन पाई हैं। वे विकास की अनदेखी बरते जाने से खफा है और डीसी ऑफिस पर धरना देंगे।
सीमा पाहवा, डिप्टी मेयर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed