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Panipat News: मांगों को लेकर यूनियन ने निकाली किसान मजदूर परेड
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान समालखा में किसान मजदूर परेड निकाली गई। यह परेड नई अनाज मंडी से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग, पुलिस चौकी, जीटी रोड पुल के नीचे से रेलवे रोड पर मेन बाजार से रेलवे स्टेशन तक निकाली गई। इसमें किसानों, मजदूरों, सामाजिक संगठनों, यूनियनों, संस्थाओं के कार्यकर्ताओं हिस्सा लिया।
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राज्य संयुक्त सचिव राजेंद्र ने कहा कि हम एनपीएफएएम को तीन काले कृषि कानूनों का नया संस्करण मानते हुए पूरी तरह खारिज करते हैं और इसे रद्द कराने के लिए संघर्ष करेंगे। सांसद कार्यालयों के समक्ष जन प्रतिनिधिमंडल का आयोजन किया जाएगा। एमएसपी की कानूनी गारंटी, सभी किसानों और कृषि श्रमिकों के लिए कर्ज माफी और नौ दिसंबर 2021 की लंबित मांगों को पूरा करने तक संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा पांच मार्च से राज्यों की राजधानियों, जिला और उपमंडल स्तर पर पक्के मोर्चे स्थापित करने का भी आह्वान किया है। श्रम कानूनों को भी रद्द करने की मांग की गई।
जिला उपाध्यक्ष प्रीतम रावल ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति फ्रेमवर्क को किसानों के खिलाफ साजिश बताया। सरकार मंडियों का निजीकरण करके बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। मांगों को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विधानसभाओं का सत्र बुलाने और प्रस्ताव पारित करने की मांग की जाएगी। इस अवसर पर अध्यक्ष कंवर सिंह, यूनियन के जिलाध्यक्ष रोहतास, ओमपाल, रोहतास, सतबीर राठी, प्रेम चौकीदार, एडवोकेट विनय कुमार, सीताराम, प्रवीण कुमार, वेदपाल और बिट्टू राठी मौजूद रहे।
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समालखा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान समालखा में किसान मजदूर परेड निकाली गई। यह परेड नई अनाज मंडी से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग, पुलिस चौकी, जीटी रोड पुल के नीचे से रेलवे रोड पर मेन बाजार से रेलवे स्टेशन तक निकाली गई। इसमें किसानों, मजदूरों, सामाजिक संगठनों, यूनियनों, संस्थाओं के कार्यकर्ताओं हिस्सा लिया।
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राज्य संयुक्त सचिव राजेंद्र ने कहा कि हम एनपीएफएएम को तीन काले कृषि कानूनों का नया संस्करण मानते हुए पूरी तरह खारिज करते हैं और इसे रद्द कराने के लिए संघर्ष करेंगे। सांसद कार्यालयों के समक्ष जन प्रतिनिधिमंडल का आयोजन किया जाएगा। एमएसपी की कानूनी गारंटी, सभी किसानों और कृषि श्रमिकों के लिए कर्ज माफी और नौ दिसंबर 2021 की लंबित मांगों को पूरा करने तक संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा पांच मार्च से राज्यों की राजधानियों, जिला और उपमंडल स्तर पर पक्के मोर्चे स्थापित करने का भी आह्वान किया है। श्रम कानूनों को भी रद्द करने की मांग की गई।
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जिला उपाध्यक्ष प्रीतम रावल ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति फ्रेमवर्क को किसानों के खिलाफ साजिश बताया। सरकार मंडियों का निजीकरण करके बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। मांगों को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विधानसभाओं का सत्र बुलाने और प्रस्ताव पारित करने की मांग की जाएगी। इस अवसर पर अध्यक्ष कंवर सिंह, यूनियन के जिलाध्यक्ष रोहतास, ओमपाल, रोहतास, सतबीर राठी, प्रेम चौकीदार, एडवोकेट विनय कुमार, सीताराम, प्रवीण कुमार, वेदपाल और बिट्टू राठी मौजूद रहे।
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