{"_id":"622e56317c4d722cb075a90b","slug":"ultimatum-to-government-on-enhancement-re-calculation-notification-panipat-news-knl1017960126","type":"story","status":"publish","title_hn":"एन्हांसमेंट रि-कैलकुलेशन नोटिफिकेशन पर सरकार को अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एन्हांसमेंट रि-कैलकुलेशन नोटिफिकेशन पर सरकार को अल्टीमेटम
विज्ञापन
Ultimatum to government on enhancement re-calculation notification
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। एन्हांसमेंट के रि-कैलकुलेशन का नोटिफिकेशन जारी नहीं करने से सेक्टरवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। ऐसे में प्रदेश भर के सेक्टरवासी रविवार को सेक्टर-6 में प्रदेश के 16 जिलों के सेक्टरवासी हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कंफेडरेशन के बैनर तले जुटे और सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने सरकार को 27 मार्च तक का समय दिया है, इस दौरान अगर एन्हांसमेंट रि-कैलकुलेशन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू होगा।
कंफेडरेशन के संयोजक यशवीर मलिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें सरकार पर एन्हांसमेंट के रूप में अवैध वसूली करने के साथ ही सेक्टरों पर ध्यान न देने के आरोप लगाया गया। संयोजक ने कहा कि सरकार नियम, कानून एवं संविधान की उपेक्षा कर एन्हांसमेंट के नाम पर सेक्टर वासियों को लूट रही है। इसका प्रमाण है कि सेक्टर-29 को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों की रि-कैलकुलेशन का आदेश दिया गया। यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
रि-कैलकुलेशन तक एन्हांसमेंट का एक रुपया भी नहीं देंगे
सेक्टर-29 पार्ट-2 की पहली रि-कैलकुलेशन के बाद 984 रुपये प्रति वर्ग गज एन्हांसमेंट तय की गई। जिसे सरकार ने 15 प्रतिशत ब्याज लगाकर 4200 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया। इसके नोटिस भी भेज दिए गए हैं। इस 4200 रुपये के एन्हांसमेंट की दोबारा गणना कर जब तक नई दर लागू नहीं होती है, एन्हांसमेंट का एक रुपया भी नहीं देने का फैसला लिया गया। कंफेडरेशन का कहना है कि ब्याज का भुगतान सरकार की जिम्मेदारी है, न कि सेक्टरवासियों की।
विज्ञापन
उद्यमियों को हो रहा नुकसान
एन्हांसमेंट की राशि बकाया होने से उद्यमियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों के बैंकों में लोन के आवेदन अटके हुए हैं। लोन पास नहीं हो रहा है। उद्योगपति न तो प्लॉट खरीद पा रहे हैं और न ही बेच पा रहे हैं। इसको लेकर उद्योगपतियों में रोष है।
सेक्टरों में चल रहे स्कूलों में बच्चों की फीस 50 प्रतिशत माफ करने की भी मांग
बैठक में सेक्टर-18 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सूरजभान राठी ने कहा कि नियमानुसार सेक्टरों में चलने वाले निजी स्कूलों में बच्चों से 50 प्रतिशत फीस लेनी होती है लेकिन यहां पूरी फीस ली जा रही है। ये नियमों के विरुद्ध है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों से भी मिल चुके हैं।
पांच मंजिला इमारतों पर रोक लगाने की मांग
सेक्टरवासियों ने कहा कि सेक्टरों में पांच-पांच मंजिल की इमारत बनाई जा रहीं हैं। ये नियम के विरुद्ध है। अगर सरकार ने 27 मार्च तक इन पर रोक नहीं लगाई तो इनके खिलाफ भी आंदोलन करेंगे।
ये रहे मौजूद
हिसार से डीएस खर्ब, जींद से रामनिवास, राजेंद्र राठी, एसपी तोमर, आरआर पाल, भीम राणा, एसके त्यागी, बलजीत सिंह, दीनानाथ गुप्ता, रामपत नैन, अमरीक सिंह, सूरजभान राठी, एके त्यागी, अजीत जांगड़ा, प्रेम सिंह, ताराचंद मास्टर व रणधीर सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
कंफेडरेशन के संयोजक यशवीर मलिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें सरकार पर एन्हांसमेंट के रूप में अवैध वसूली करने के साथ ही सेक्टरों पर ध्यान न देने के आरोप लगाया गया। संयोजक ने कहा कि सरकार नियम, कानून एवं संविधान की उपेक्षा कर एन्हांसमेंट के नाम पर सेक्टर वासियों को लूट रही है। इसका प्रमाण है कि सेक्टर-29 को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों की रि-कैलकुलेशन का आदेश दिया गया। यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
विज्ञापन
रि-कैलकुलेशन तक एन्हांसमेंट का एक रुपया भी नहीं देंगे
सेक्टर-29 पार्ट-2 की पहली रि-कैलकुलेशन के बाद 984 रुपये प्रति वर्ग गज एन्हांसमेंट तय की गई। जिसे सरकार ने 15 प्रतिशत ब्याज लगाकर 4200 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया। इसके नोटिस भी भेज दिए गए हैं। इस 4200 रुपये के एन्हांसमेंट की दोबारा गणना कर जब तक नई दर लागू नहीं होती है, एन्हांसमेंट का एक रुपया भी नहीं देने का फैसला लिया गया। कंफेडरेशन का कहना है कि ब्याज का भुगतान सरकार की जिम्मेदारी है, न कि सेक्टरवासियों की।
विज्ञापन
उद्यमियों को हो रहा नुकसान
एन्हांसमेंट की राशि बकाया होने से उद्यमियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों के बैंकों में लोन के आवेदन अटके हुए हैं। लोन पास नहीं हो रहा है। उद्योगपति न तो प्लॉट खरीद पा रहे हैं और न ही बेच पा रहे हैं। इसको लेकर उद्योगपतियों में रोष है।
सेक्टरों में चल रहे स्कूलों में बच्चों की फीस 50 प्रतिशत माफ करने की भी मांग
बैठक में सेक्टर-18 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सूरजभान राठी ने कहा कि नियमानुसार सेक्टरों में चलने वाले निजी स्कूलों में बच्चों से 50 प्रतिशत फीस लेनी होती है लेकिन यहां पूरी फीस ली जा रही है। ये नियमों के विरुद्ध है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों से भी मिल चुके हैं।
पांच मंजिला इमारतों पर रोक लगाने की मांग
सेक्टरवासियों ने कहा कि सेक्टरों में पांच-पांच मंजिल की इमारत बनाई जा रहीं हैं। ये नियम के विरुद्ध है। अगर सरकार ने 27 मार्च तक इन पर रोक नहीं लगाई तो इनके खिलाफ भी आंदोलन करेंगे।
ये रहे मौजूद
हिसार से डीएस खर्ब, जींद से रामनिवास, राजेंद्र राठी, एसपी तोमर, आरआर पाल, भीम राणा, एसके त्यागी, बलजीत सिंह, दीनानाथ गुप्ता, रामपत नैन, अमरीक सिंह, सूरजभान राठी, एके त्यागी, अजीत जांगड़ा, प्रेम सिंह, ताराचंद मास्टर व रणधीर सिंह मौजूद रहे।