{"_id":"691ce12b94be4552490c91fe","slug":"two-youths-suspected-of-killing-saint-by-setting-fire-to-hut-panipat-news-c-244-1-pnp1012-147369-2025-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: कुटिया में आग लगाकर साधू की हत्या का आरोप, दो युवकों पर शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: कुटिया में आग लगाकर साधू की हत्या का आरोप, दो युवकों पर शक
विज्ञापन
मृतक कर्मजीत का फाइल फोटो। परिजन
परिजन बोले- 10 दिन बाद भी नहीं हुई एफआईआर, जीआरपी का जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र के कच्ची फाटक रेलवे लाइन के पास साधू कर्मजीत (38) की कुटिया में आग लगाकर हत्या करने का आरोप है। परिजनों का आरोप है कि 5 नवंबर को कॉलोनी के दो युवकों ने कुटिया में आग लगाई थी। आग में झुलसने के तीन दिन बाद 9 नवंबर की सुबह करीब चार बजे साधू की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जीआरपी थाने में शिकायत दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने 10 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की। उधर, जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत की जांच चल रही है। आरोपियों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की जा चुकी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंगाराम कॉलोनी निवासी महावीर सिंह ने बताया कि उनके बेटे कर्मजीत का विवाह हो चुका था, उनके तीन बच्चे हैं। आठ साल पहले वह साधू बन गया और कच्ची फाटक के पास कुटिया में अपने गुरु के पास रहने लगे। करीब तीन साल पहले उनके गुरु की मृत्यु हो गई। जिसके बाद वह अकेला ही कुटिया में रहने लगा। महावीर सिंह का कहना है कि कॉलोनी का रामू और शांतिनगर निवासी आशीष उनके पास बैठकर पार्टी करते थे। 5 नवंबर को वे दोनों कुटिया में पहुंचे थे। जहां पर उनकी किसी बात पर कर्मजीत के साथ कहासुनी हो गई। जिस पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से चले गए। उसी रात को आरोपियों ने उसकी कुटिया में आग लगा दी। जिससे वह झुलस गया।
आस-पास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने कर्मजीत को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे पीजीआई रोहतक भेज दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल पहुंचे थे। 9 नवंबर की अलसुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों ने कुटिया में आग लगाकर उसकी हत्या की। मरने से पहले कर्मजीत ने भी अपने बयान में उनका नाम लिया था। इसके बावजूद भी जीआरपी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को भी परिजनों ने जीआरपी थाना पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। उधर, जीआरपी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। अभी कुछ बिंदुओं पर जांच चल रही है। जल्द इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कुटिया में आग लगने से झुलसे साधू की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने दो युवकों पर आरोप लगाए हैं। दोनों से थाने पर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-चंदन सिंह, प्रभारी थाना जीआरपी पानीपत
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र के कच्ची फाटक रेलवे लाइन के पास साधू कर्मजीत (38) की कुटिया में आग लगाकर हत्या करने का आरोप है। परिजनों का आरोप है कि 5 नवंबर को कॉलोनी के दो युवकों ने कुटिया में आग लगाई थी। आग में झुलसने के तीन दिन बाद 9 नवंबर की सुबह करीब चार बजे साधू की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जीआरपी थाने में शिकायत दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने 10 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की। उधर, जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत की जांच चल रही है। आरोपियों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की जा चुकी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंगाराम कॉलोनी निवासी महावीर सिंह ने बताया कि उनके बेटे कर्मजीत का विवाह हो चुका था, उनके तीन बच्चे हैं। आठ साल पहले वह साधू बन गया और कच्ची फाटक के पास कुटिया में अपने गुरु के पास रहने लगे। करीब तीन साल पहले उनके गुरु की मृत्यु हो गई। जिसके बाद वह अकेला ही कुटिया में रहने लगा। महावीर सिंह का कहना है कि कॉलोनी का रामू और शांतिनगर निवासी आशीष उनके पास बैठकर पार्टी करते थे। 5 नवंबर को वे दोनों कुटिया में पहुंचे थे। जहां पर उनकी किसी बात पर कर्मजीत के साथ कहासुनी हो गई। जिस पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से चले गए। उसी रात को आरोपियों ने उसकी कुटिया में आग लगा दी। जिससे वह झुलस गया।
विज्ञापन
आस-पास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने कर्मजीत को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे पीजीआई रोहतक भेज दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल पहुंचे थे। 9 नवंबर की अलसुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों ने कुटिया में आग लगाकर उसकी हत्या की। मरने से पहले कर्मजीत ने भी अपने बयान में उनका नाम लिया था। इसके बावजूद भी जीआरपी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को भी परिजनों ने जीआरपी थाना पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। उधर, जीआरपी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। अभी कुछ बिंदुओं पर जांच चल रही है। जल्द इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कुटिया में आग लगने से झुलसे साधू की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने दो युवकों पर आरोप लगाए हैं। दोनों से थाने पर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-चंदन सिंह, प्रभारी थाना जीआरपी पानीपत