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चार दिन में लिए दो हजार सैंपल, माह के अंत में मिलेगा परिणाम
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पानीपत। जिले में तीसरे सीरो लॉजिकल सर्वे पूरा हो गया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमें फील्ड में उतरीं। टीमों ने आठ कलस्टर से 218 लोगों के रैंडमली सैंपल लिए हैं। इनमें 110 सैंपल 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग, 21 सैंपल 6-10 आयु वर्ग वालों व 69 सैंपल 10-17 के आयुवर्ग वालों के लिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को अपना दो हजार सैंपल को टारगेट पूरा कर लिया है। विभाग ने शनिवार को समालखा, ददलाना, रेरकलां, अहर, मतलौडा, इसराना, खटीक बस्ती, वार्ड 12, नारायणा व नूरवाला क्षेत्र से सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को पंचकूला मुख्यालय भेजा गया है। इसी माह के अंत तक सैंपल की रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट में ये देखा जाएगा कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है।
क्या होता है सीरो लॉजिकल सर्वे-
सीरो लॉजिकल सर्वे के दौरान रेंडमली लोगों के कोरोना के सैंपल लिए जाते हैं। टीमें अलग अलग क्षेत्रों में जाकर अलग अलग वर्ग के लोगों के सैंपल लेती है। ये सैंपल पंचकूला लैब में भेजते हैं। सर्वे में ये देखा जाता है कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है । कितने प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो कोरोना से संक्रमित होकर खुद ब खुद ठीक हो चुके हैं। जिन्होंने कोरोना की जांच नहीं करवाई है। इससे पहले भी दो सर्वे हो चुके हैं।
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दूसरे सर्वे में शहरी क्षेत्र के 14 प्रतिशत व ग्रामीण के 23 प्रतिशत लोगों में मिली थी एंटीबॉडी-
2020 में जुलाई व अक्तुबर में दो बार सीरो लॉजिकल सर्वे किया गया था। इन सर्वे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में 23 प्रतिशत एंटीबॉडी मिली थी, जबकि शहरी क्षेत्रों में 14 प्रतिशत लोग ऐसे मिले थे जिनमें एंटीबॉडी विकसित हो चुकी थी। अब कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है। अब ये आंकड़ा काफी बढ़ने की उम्मीद है।
सैंपल की रिपोर्ट में पता चलेगा कितने प्रतिशत लोगों में बनी एंटीबॉडी - डॉ. वर्मा
टीमों ने जिले भर से दो हजार सैंपल लिए हैँ। सैंपल मुख्यालय में भेज दिए गए हैं, वहीं से रिपोर्ट जारी होगी। ये देखा जाएगा कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है।
डॉ. ललित वर्मा, नोडल अधिकारी सीरो लॉजिकल सर्वे
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स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को अपना दो हजार सैंपल को टारगेट पूरा कर लिया है। विभाग ने शनिवार को समालखा, ददलाना, रेरकलां, अहर, मतलौडा, इसराना, खटीक बस्ती, वार्ड 12, नारायणा व नूरवाला क्षेत्र से सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को पंचकूला मुख्यालय भेजा गया है। इसी माह के अंत तक सैंपल की रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट में ये देखा जाएगा कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है।
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क्या होता है सीरो लॉजिकल सर्वे-
सीरो लॉजिकल सर्वे के दौरान रेंडमली लोगों के कोरोना के सैंपल लिए जाते हैं। टीमें अलग अलग क्षेत्रों में जाकर अलग अलग वर्ग के लोगों के सैंपल लेती है। ये सैंपल पंचकूला लैब में भेजते हैं। सर्वे में ये देखा जाता है कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है । कितने प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो कोरोना से संक्रमित होकर खुद ब खुद ठीक हो चुके हैं। जिन्होंने कोरोना की जांच नहीं करवाई है। इससे पहले भी दो सर्वे हो चुके हैं।
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दूसरे सर्वे में शहरी क्षेत्र के 14 प्रतिशत व ग्रामीण के 23 प्रतिशत लोगों में मिली थी एंटीबॉडी-
2020 में जुलाई व अक्तुबर में दो बार सीरो लॉजिकल सर्वे किया गया था। इन सर्वे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में 23 प्रतिशत एंटीबॉडी मिली थी, जबकि शहरी क्षेत्रों में 14 प्रतिशत लोग ऐसे मिले थे जिनमें एंटीबॉडी विकसित हो चुकी थी। अब कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है। अब ये आंकड़ा काफी बढ़ने की उम्मीद है।
सैंपल की रिपोर्ट में पता चलेगा कितने प्रतिशत लोगों में बनी एंटीबॉडी - डॉ. वर्मा
टीमों ने जिले भर से दो हजार सैंपल लिए हैँ। सैंपल मुख्यालय में भेज दिए गए हैं, वहीं से रिपोर्ट जारी होगी। ये देखा जाएगा कि कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है।
डॉ. ललित वर्मा, नोडल अधिकारी सीरो लॉजिकल सर्वे