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Panipat News: महाअष्टमी पर बन रहे दो महासंयोग, रवि और सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा भगवती का पूजन
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पानीपत। चैत्र नवरात्र के अंतर्गत मंगलवार को दुर्गा अष्टमी है। इस बार मां अष्टमी पर अद्भुत और महासंयोग लेकर आ रही हैं। मंगलवार के दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में भगवती की पूजा होगी। जो बहुत ही शुभ मानी गई है। मंगलवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का होना अपने आप में एक चमत्कार है। जिससे भगवती और अधिक प्रसन्न होती है। इस दिन कन्याओं की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेने से सभी प्रकार के दुख दरिद्रता दूर होती है। दुर्गा अष्टमी पर कंजक पूजन को लेकर सुबह से शाम तक बर्तनों व प्रसाद के लिए सामान की खरीदारी चलती रही।
ज्योतिषाचार्य डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि मां दुर्गा को समर्पित इस त्योहार पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में माता रानी की विधि विधान से पूजा करने से और व्रत रखने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सभी तरह के कष्ट दूर करती हैं। नवरात्र के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम का जन्म भी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। इसलिए राम नवमी नवरात्र के आखिरी दिन यानी नवमी तिथि को मनाई जाती है।
अष्टमी कन्या पूजन मुहूर्त
16 अप्रैल को सुबह 07:51 से 10:41 बजे तक मां दुर्गा की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त है। दोपहर को 1:30 से 2:55 बजे तक कन्या पूजन कर सकते हैं।
महानवमी पर कन्या पूजन मुहूर्त सुबह 6:27 से 7:51 और दोपहर को 1:30 से 2:55 बजे तक रहेगा।
बाजार में दिनभर चली खरीदारी
बाजार में बर्तन, करियाना और मिठाई की दुकानों पर पूरा दिन खरीदारी चली। असंध रोड स्थित मित्तल स्वीट्स के संचालक संजय मित्तल ने बताया कि नवरात्र पर पेड़े की सबसे अधिक बिक्री हुई है। इंसार बाजार स्थित गुलाटी बर्तन भंडार के संचालक प्रवेश गुलाटी ने बताया कि स्टील की प्लेट व कटोरी के साथ गिलास की उपहार को लेकर सबसे अधिक बिक्री हुई है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि मां दुर्गा को समर्पित इस त्योहार पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में माता रानी की विधि विधान से पूजा करने से और व्रत रखने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सभी तरह के कष्ट दूर करती हैं। नवरात्र के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम का जन्म भी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। इसलिए राम नवमी नवरात्र के आखिरी दिन यानी नवमी तिथि को मनाई जाती है।
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अष्टमी कन्या पूजन मुहूर्त
16 अप्रैल को सुबह 07:51 से 10:41 बजे तक मां दुर्गा की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त है। दोपहर को 1:30 से 2:55 बजे तक कन्या पूजन कर सकते हैं।
महानवमी पर कन्या पूजन मुहूर्त सुबह 6:27 से 7:51 और दोपहर को 1:30 से 2:55 बजे तक रहेगा।
बाजार में दिनभर चली खरीदारी
बाजार में बर्तन, करियाना और मिठाई की दुकानों पर पूरा दिन खरीदारी चली। असंध रोड स्थित मित्तल स्वीट्स के संचालक संजय मित्तल ने बताया कि नवरात्र पर पेड़े की सबसे अधिक बिक्री हुई है। इंसार बाजार स्थित गुलाटी बर्तन भंडार के संचालक प्रवेश गुलाटी ने बताया कि स्टील की प्लेट व कटोरी के साथ गिलास की उपहार को लेकर सबसे अधिक बिक्री हुई है।
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