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Panipat News: पानीपत में पकड़े दो फर्जी क्लीनिक, एक में बेटी की डिग्री पर पिता कर रहे थे प्रैक्टिस, दूसरे की डिग्री मिली फर्जी
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पानीपत। पानीपत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम ने दबिश देकर दो फर्जी क्लीनिक पकड़े हैं। देशवाल चौक स्थित देव ईएच अस्पताल एवं मेडिकल इंस्टीट्यूट में चिकित्सक की डिग्री फर्जी मिली। यहां 10-12 मरीज इंतजार में बैठे थे और दो का इलाज किया जा रहा था। यहीं नहीं युवाओं को प्रैक्टिस भी कराई जा रही थी। आठ मरला चौक स्थित एसके क्लीनिक में पिता अपनी बेटी के नाम का बोर्ड लगाकर फर्जी तरीके से क्लीनिक चला रहा था। जबकि बेटी की पिछले साल शादी हो चुकी है। टीम ने दोनों क्लीनिक पर भारी मात्रा में दवा और इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोनों क्लीनिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल के डीएसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में दाे टीमों ने मंगलवार को सूचना के आधार पर पानीपत में जाटल रोड स्थित दो क्लीनिक पर एक साथ दबिश दी। टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग, जिला आयुष विभाग, औषधी नियंत्रण अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और श्रम विभाग के सदस्य भी शामिल रहे।
बॉक्स
फर्जी डिग्री मिली, अस्पताल में थे 10-12 मरीज
टीम ने जाटल रोड देशवाल चौक स्थित देव ईएच अस्पताल एवं मेडिकल इंस्टीट्यूट का दबिश दी। इस दौरान क्लिनिक का मालिक सुताना गांव के देवेंद्र कुमार मिले। वे मरीजों का इलाज कर रहे थे। 10-12 मरीज इलाज कराने के लिए इंतजार में बैठे मिले। दो मरीजों का इलाज किया जा रहा था। इसमें अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग किया जा रहा था। उन्होंने इलेक्टोपैथी मेडिसन काउंसिल पंचकूला का जारी प्रमाण पत्र दिखाया। आयुष विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच करने पर प्रमाण पत्र आयुष विभाग से संबंधित नहीं पाया गया। देवेंद्र कुमार के पास कोई अधिकृत लाइसेंस व डिग्री नहीं पाई। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौजूद एलोपैथिक दवा व उपकरणों को कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया। बिना लाइसेंस व डिग्री अवैध क्लीनिक चलाए जाने के आधार पर देवेंद्र कुमार के खिलाफ थाना पुराना औद्योगिक पानीपत में अभियोग अंकित कराया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट के संबंध और श्रम विभाग द्वारा क्लिनिक पर नियुक्त कर्मचारियों के संबंध में आगामी कार्रवाई की टीम ने अनुशंसा की है। सामने आया कि देव अस्पताल में एक बोर्ड लगाया हुआ था। जिस पर रोहतक पीजीआई के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. अरुण का भी नाम लिखा है। बोर्ड पर दावा किया गया है कि डॉ.अरुण नवजात शिशुओं के विशेषज्ञ हैं और अस्पताल में इलाज भी करते हैं।
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बेटी की डिग्री पर चला रहा था क्लीनिक
दूसरी टीम ने आठ मरला चौक स्थित एसके क्लीनिक पर दबिश दी। जहां पर साबिर अली उर्फ पप्पू डॉक्टर की सीट पर बैठा मिला। क्लीनिक में काफी अंग्रेजी दवा और प्रयोग की गई सिरिंज मिली। साबिर अली से मेडिकल प्रैक्टिस किए जाने संबंधी डिग्री या दस्तावेज मांगी। वह कोई भी डिग्री या दस्तावेज पेश नहीं कर सके। क्लीनिक के बाहर बोर्ड पर डॉ. काजल बीएएमएस अंकित था। साबिर अली से डॉक्टर काजल को बुलाने को कहा। उन्होंने बताया कि डॉ. काजल उनकी बेटी है। जिनकी शादी नवंबर 2024 में हो चुकी है। बिना डिग्री व लाइसेंस के क्लीनिक चलाने के आधार पर साबिर उपरोक्त के विरुद्ध थाना माडल टाउन पानीपत में अभियोग दर्ज कराया गया। इसके साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बायो मेडिकल वेस्ट संबंधी निरीक्षण किया। इसमें भी आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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दवा और चिकित्सा उपकरण किए जब्त
निरीक्षण करने वाली टीम ने अस्पताल से मिली हर तरह की दवाई, इंजेक्शन और अन्य उपकरणों को जब्त कर लिया है। सभी को बॉक्स में डालकर पैक कर दिया गया है। उन्हें लैब में ले जाकर चेक किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद केस में इससे संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी।
वर्जन :
दोनों अस्पतालों की शिकायत मिली थी। इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ दबिश दी है। इनमें जाटल रोड पर देव क्लीनिक और 8-मरला कॉलोनी में एसके क्लीनिक हैं। इनके खिलाफ फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक चलाने के आरोप हैं। प्रथम दृष्टया में आरोप सही पाए गए हैं।
सुशील कुमार, डीएसपी सीएम फ्लाइंग।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल के डीएसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में दाे टीमों ने मंगलवार को सूचना के आधार पर पानीपत में जाटल रोड स्थित दो क्लीनिक पर एक साथ दबिश दी। टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग, जिला आयुष विभाग, औषधी नियंत्रण अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और श्रम विभाग के सदस्य भी शामिल रहे।
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फर्जी डिग्री मिली, अस्पताल में थे 10-12 मरीज
टीम ने जाटल रोड देशवाल चौक स्थित देव ईएच अस्पताल एवं मेडिकल इंस्टीट्यूट का दबिश दी। इस दौरान क्लिनिक का मालिक सुताना गांव के देवेंद्र कुमार मिले। वे मरीजों का इलाज कर रहे थे। 10-12 मरीज इलाज कराने के लिए इंतजार में बैठे मिले। दो मरीजों का इलाज किया जा रहा था। इसमें अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग किया जा रहा था। उन्होंने इलेक्टोपैथी मेडिसन काउंसिल पंचकूला का जारी प्रमाण पत्र दिखाया। आयुष विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच करने पर प्रमाण पत्र आयुष विभाग से संबंधित नहीं पाया गया। देवेंद्र कुमार के पास कोई अधिकृत लाइसेंस व डिग्री नहीं पाई। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौजूद एलोपैथिक दवा व उपकरणों को कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया। बिना लाइसेंस व डिग्री अवैध क्लीनिक चलाए जाने के आधार पर देवेंद्र कुमार के खिलाफ थाना पुराना औद्योगिक पानीपत में अभियोग अंकित कराया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट के संबंध और श्रम विभाग द्वारा क्लिनिक पर नियुक्त कर्मचारियों के संबंध में आगामी कार्रवाई की टीम ने अनुशंसा की है। सामने आया कि देव अस्पताल में एक बोर्ड लगाया हुआ था। जिस पर रोहतक पीजीआई के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. अरुण का भी नाम लिखा है। बोर्ड पर दावा किया गया है कि डॉ.अरुण नवजात शिशुओं के विशेषज्ञ हैं और अस्पताल में इलाज भी करते हैं।
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बेटी की डिग्री पर चला रहा था क्लीनिक
दूसरी टीम ने आठ मरला चौक स्थित एसके क्लीनिक पर दबिश दी। जहां पर साबिर अली उर्फ पप्पू डॉक्टर की सीट पर बैठा मिला। क्लीनिक में काफी अंग्रेजी दवा और प्रयोग की गई सिरिंज मिली। साबिर अली से मेडिकल प्रैक्टिस किए जाने संबंधी डिग्री या दस्तावेज मांगी। वह कोई भी डिग्री या दस्तावेज पेश नहीं कर सके। क्लीनिक के बाहर बोर्ड पर डॉ. काजल बीएएमएस अंकित था। साबिर अली से डॉक्टर काजल को बुलाने को कहा। उन्होंने बताया कि डॉ. काजल उनकी बेटी है। जिनकी शादी नवंबर 2024 में हो चुकी है। बिना डिग्री व लाइसेंस के क्लीनिक चलाने के आधार पर साबिर उपरोक्त के विरुद्ध थाना माडल टाउन पानीपत में अभियोग दर्ज कराया गया। इसके साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बायो मेडिकल वेस्ट संबंधी निरीक्षण किया। इसमें भी आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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दवा और चिकित्सा उपकरण किए जब्त
निरीक्षण करने वाली टीम ने अस्पताल से मिली हर तरह की दवाई, इंजेक्शन और अन्य उपकरणों को जब्त कर लिया है। सभी को बॉक्स में डालकर पैक कर दिया गया है। उन्हें लैब में ले जाकर चेक किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद केस में इससे संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी।
वर्जन :
दोनों अस्पतालों की शिकायत मिली थी। इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ दबिश दी है। इनमें जाटल रोड पर देव क्लीनिक और 8-मरला कॉलोनी में एसके क्लीनिक हैं। इनके खिलाफ फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक चलाने के आरोप हैं। प्रथम दृष्टया में आरोप सही पाए गए हैं।
सुशील कुमार, डीएसपी सीएम फ्लाइंग।