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Panipat News: आंध्रप्रदेश से गांजा की तस्करी में दो दोषी, एक को 20, दूसरे को पांच साल की कैद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:42 AM IST
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Two convicted for smuggling ganja from Andhra Pradesh, one sentenced to 20 years and the other to five years in prison
पानीपत। गांजा तस्करी के आरोपी सिकंदर उर्फ कुलदीप निवासी समालखा और ताराचंद निवासी बेगा गन्नौर सोनीपत को अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने दोषी सिकंदर को 20 साल कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने व ताराचंद को पांच साल की कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि 19 जून 2020 को एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एएसआई कुलदीप सिंह ने थाना समालखा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह अपनी टीम के साथ राकसेडा गांव के पास गश्त कर रहे थे। उसी समय बुढ़नपुर की ओर से एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। शक होने पर सिकंदर उर्फ कुलदीप निवासी सिबंलगढ़ थाना समालखा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 14.10 किग्रा गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथी ताराचंद, मंगत, शिवम के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश के वंटाकुला राजा बाबू उर्फ राजू से 40 किग्रा गांजा खरीदकर लाए थे, इसमें से 10 किग्रा गांजा ताराचंद और 30 किग्रा उसके पास है। पुलिस ने सिकंदर की निशानदेही पर घर में छिपाकर रखे गए 15 किग्रा गांजे की खेप भी बरामद की थी, इसके साथ ही पुलिस ने ताराचंद को भी 10 किग्रा गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, अन्य तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।
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उप जिला न्यायवादी कुलदीप सिंह ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को अदालत ने सिकंदर और ताराचंद को नशा तस्करी का दोषी माना। सिकंदर के कब्जे से व्यावसायिक मात्रा बरामद होने के कारण 20 साल की कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए, वहीं ताराचंद के कब्जे से 10 किग्रा गांजा बरामद होने के कारण पांच साल की कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। बाकी तीन आरोपियों मंगत, शिवम और वंटाकुला राजाबाबू को आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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