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Panipat: पिता से मिलकर घर लौट रहे थे दो मासूम, करंट लगने से मौत, सदमे से बेहोश हुई मां

Mon, 25 Jul 2022 09:36 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 25 Jul 2022 09:36 AM IST
सार

मूलरूप से बिहार के जिला बेगूसराय के गांव मधुरापुर निवासी रोहित पानीपत में चौटाला रोड स्थित कर्ण देव हैचरी में लेबर क्वार्टर में रहता है। रविवार को उसका मंझला बेटा दो वर्षीय सनोज और एक वर्षीय अमर उससे मिलकर घर जा रहे थे। तभी हादसा हो गया। 

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Two brothers died due to electrocution in Panipat
पानीपत में बच्चों की मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

पानीपत के चौटाला रोड पर फैक्टरी में पिता से मिलकर घर जा रहे एक और दो साल के सगे भाइयों की करंट लगने से मौत हो गई। हल्की बरसात आने पर पिता ने दोनों बच्चों को घर भेज दिया था, रास्ते में उन्होंने एक दीवार को छू लिया, जिसमें करंट था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों के चिल्लाने का शोर सुनकर आस पास के लोग इकट्ठे हो गए। पहचान के बाद लोगों ने मां को हादसे के बारे में बताया तो वह बेहोश हो गई। सेक्टर 29 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया। 

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मूलरूप से बिहार के जिला बेगूसराय के गांव मधुरापुर निवासी रोहित ने बताया कि वह पानीपत में चौटाला रोड स्थित कर्ण देव हैचरी में लेबर क्वार्टर में रहता है। रविवार को वह फीड मिल में काम कर रहा था। देर शाम उसका मंझला बेटा दो वर्षीय सनोज और एक वर्षीय अमर उसके पास आए। इसी बीच हल्की बरसात शुरू हो गई। उसने मौसम खराब होते देख दोनों बच्चों को मां शांति के पास जाने को कहा। वह दोनों मिल से निकलकर घर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने एक दीवार को छू लिया, जिस वजह करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रोहित ने बताया कि दीवार के ऊपर से एचटी लाइन गुजर रही है, बरसात में दीवार गीली होने की वजह उसमें अर्थ बना हुआ था, जिस वजह यह हादसा हुआ।

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मां का रो-रोकर बुरा हाल, पिता खुद को दे रहा दोष

रोहित ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, बड़ी बेटी नंदिनी पांच साल की है। फिर सनोज और अमर थे। बच्चों की मौत की खबर सुनने के बाद मां शांति का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने दोनों बच्चों को पुकार रही है। वहीं रोहित खुद को दोष दे रहा है कि अगर वह बच्चों को जाने के लिए नहीं कहता तो शायद यह हादसा न होता।

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