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आतंकी टुंडा न्यायिक हिरासत में
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 08 Nov 2013 11:31 PM IST
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पानीपत के बस स्टैंड पर सहकारी समिति की बस में बम धमाके के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया।
जहां पर कोर्ट ने उसको फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब अब्दुल करीम को 22 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कोर्ट में पेश किया। सीजेएम आरती सिंह ने 1997 में बम धमाके की सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को अब 22 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पंद्रह मिनट में वापस हुए टुंडा
अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे कोर्ट में लाया गया। इस दौरान कोर्ट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। यहां से साढ़े 11 बजे पेशी के बाद वापस गए। टुंडा की पुलिस वैन के आगे-पीछे पुलिस की कई गाड़ियां थी। जीटी रोड पर कई जगह जाम में फंसी रही।
ये है मामला
एक फरवरी 1997 को पानीपत बस अड्डे पर कालखा-लुहारी जा रही सहकारी समिति की एक बस में बम ब्लास्ट हो गया था। इसमें दस साल के एक लड़के माडू की मौत हो गई थी और करीब 20 लोग घायल हो गए थे। इस बम ब्लास्ट में अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का हाथ बताया था।
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थाना शहर पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 16 अगस्त को नेपाल बॉर्डर से काबू किया था। अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 27 अक्तूबर को जिला कोर्ट में पेश किया था। जहां पर कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
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जहां पर कोर्ट ने उसको फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब अब्दुल करीम को 22 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कोर्ट में पेश किया। सीजेएम आरती सिंह ने 1997 में बम धमाके की सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को अब 22 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पंद्रह मिनट में वापस हुए टुंडा
अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे कोर्ट में लाया गया। इस दौरान कोर्ट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। यहां से साढ़े 11 बजे पेशी के बाद वापस गए। टुंडा की पुलिस वैन के आगे-पीछे पुलिस की कई गाड़ियां थी। जीटी रोड पर कई जगह जाम में फंसी रही।
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ये है मामला
एक फरवरी 1997 को पानीपत बस अड्डे पर कालखा-लुहारी जा रही सहकारी समिति की एक बस में बम ब्लास्ट हो गया था। इसमें दस साल के एक लड़के माडू की मौत हो गई थी और करीब 20 लोग घायल हो गए थे। इस बम ब्लास्ट में अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का हाथ बताया था।
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थाना शहर पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 16 अगस्त को नेपाल बॉर्डर से काबू किया था। अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 27 अक्तूबर को जिला कोर्ट में पेश किया था। जहां पर कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।