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Panipat News: त्रिपुरा की किशोरी को पानीपत से मुक्त कराया
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पानीपत। किला थानाक्षेत्र में एक दंपती के कब्जे से त्रिपुरा की 14 वर्षीय नाबालिग को सीडब्ल्यूसी व मिसिंग सेल ने पुलिस के साथ मिलकर एक दंपती से मुक्त कराया। पहली काउंसलिंग कर उसे शेल्टर होम भेजा गया है और उसके माता-पिता व त्रिपुरा सीडब्ल्यूसी को सूचना दी गई है। सीडब्ल्यूसी को आशंका है कि यह मामला मानव तस्करी का हो सकता है। इसलिए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं दंपती से भी पूछताछ की शुरू कर दी गई है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि उनके पास आखिरी सप्ताह त्रिपुरा से एक ई-मेल आई थी, जिसमें त्रिपुरा की बाल कल्याण समिति ने बताया कि त्रिपुरा के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी पानीपत में है। उसने अपने माता-पिता को फोन कर एक दंपती के कब्जे से छुड़ाने की मदद मांगी है। ई-मेल में दंपती का पता भी दिया गया था। उसके आधार पर बाल कल्याण समिति ने सोमवार को पहले मिसिंग सेल का पत्र लिया, फिर टीम गठित की। मिसिंग सेल से हरविंद्र और बाल कल्याण समिति से डॉ. मुकेश आर्य ने मंगलवार को दिए गए पते पर किला थाना क्षेत्र में जाकर जांच पड़ताल की, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि वह दूसरी जगह रहते हैं। इसके बाद बुधवार को वह किला थानाक्षेत्र में ही दंपती के दूसरे निवास स्थान पर पहुंचे। वहां से दंपती का नंबर मिला और संपर्क कर उन्हें वीरवार को थाने बुलाया गया। पूछताछ के बाद उनके कब्जे से नाबालिग बच्ची को मुक्त कराकर उसे शेल्टर होम भेजा गया।
पूछताछ में पति ने बताया कि उसकी पत्नी त्रिपुरा की रहने वाली है। नाबालिग उसकी पत्नी की चचेरी बहन है। वह नौंवी कक्षा में पढ़ती है। वें इसी साल अगस्त में उसको पानीपत लेकर आए थे, उन्होंने नाबालिग के साथ कोई मारपीट या प्रताड़ना नहीं दी। वह 30 नवंबर को उसे वापस गांव छोड़कर आने वाले थे।
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त्रिपुरा से आई ई-मेल के अनुसार अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में नाबालिग ने अपने माता-पिता को फोन कर मदद मांगी। इसके बाद उन्होंने त्रिपुरा पुलिस में नवंबर में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस व बाल कल्याण समिति को आशंका है कि यह मामला मानव तस्करी से संबंधित हो सकता है। युवती को पानीपत बेचने के लिए लाया जा सकता है। उसे बेचकर शादी कराई जा सकती थी। बाल कल्याण समिति नाबालिग की दूसरी काउंसलिंग करेगी, जिसमें इन सब सवालों का जवाब मांगा जाएगा।
नाबालिग के माता-पिता को रेस्क्यु की सूचना दे दी गई है। ऐसे में अब माता-पिता और त्रिपुरा पुलिस पानीपत के लिए रवाना हो गई हैं। दो से तीन दिन बाद वे पानीपत पहुंचेंगे। ऐसे में त्रिपुरा पुलिस दंपती को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले जा सकती है।
डाॅ. मुकेश आर्य ने बताया कि वर्ष 2019 में बलावा गांव में मानव तस्करी का मामला सामने आया था। गांव में 10 साल से रहने वाली महिला अपने गांव से लड़कियां लाकर पानीपत में बेचती थी। एक नाबालिग ने मदद मांगी तो उन्होंने कार्रवाई करते हुए रेस्क्यु किया था और महिला के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि उनके पास आखिरी सप्ताह त्रिपुरा से एक ई-मेल आई थी, जिसमें त्रिपुरा की बाल कल्याण समिति ने बताया कि त्रिपुरा के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी पानीपत में है। उसने अपने माता-पिता को फोन कर एक दंपती के कब्जे से छुड़ाने की मदद मांगी है। ई-मेल में दंपती का पता भी दिया गया था। उसके आधार पर बाल कल्याण समिति ने सोमवार को पहले मिसिंग सेल का पत्र लिया, फिर टीम गठित की। मिसिंग सेल से हरविंद्र और बाल कल्याण समिति से डॉ. मुकेश आर्य ने मंगलवार को दिए गए पते पर किला थाना क्षेत्र में जाकर जांच पड़ताल की, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि वह दूसरी जगह रहते हैं। इसके बाद बुधवार को वह किला थानाक्षेत्र में ही दंपती के दूसरे निवास स्थान पर पहुंचे। वहां से दंपती का नंबर मिला और संपर्क कर उन्हें वीरवार को थाने बुलाया गया। पूछताछ के बाद उनके कब्जे से नाबालिग बच्ची को मुक्त कराकर उसे शेल्टर होम भेजा गया।
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पूछताछ में पति ने बताया कि उसकी पत्नी त्रिपुरा की रहने वाली है। नाबालिग उसकी पत्नी की चचेरी बहन है। वह नौंवी कक्षा में पढ़ती है। वें इसी साल अगस्त में उसको पानीपत लेकर आए थे, उन्होंने नाबालिग के साथ कोई मारपीट या प्रताड़ना नहीं दी। वह 30 नवंबर को उसे वापस गांव छोड़कर आने वाले थे।
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त्रिपुरा से आई ई-मेल के अनुसार अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में नाबालिग ने अपने माता-पिता को फोन कर मदद मांगी। इसके बाद उन्होंने त्रिपुरा पुलिस में नवंबर में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस व बाल कल्याण समिति को आशंका है कि यह मामला मानव तस्करी से संबंधित हो सकता है। युवती को पानीपत बेचने के लिए लाया जा सकता है। उसे बेचकर शादी कराई जा सकती थी। बाल कल्याण समिति नाबालिग की दूसरी काउंसलिंग करेगी, जिसमें इन सब सवालों का जवाब मांगा जाएगा।
नाबालिग के माता-पिता को रेस्क्यु की सूचना दे दी गई है। ऐसे में अब माता-पिता और त्रिपुरा पुलिस पानीपत के लिए रवाना हो गई हैं। दो से तीन दिन बाद वे पानीपत पहुंचेंगे। ऐसे में त्रिपुरा पुलिस दंपती को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले जा सकती है।
डाॅ. मुकेश आर्य ने बताया कि वर्ष 2019 में बलावा गांव में मानव तस्करी का मामला सामने आया था। गांव में 10 साल से रहने वाली महिला अपने गांव से लड़कियां लाकर पानीपत में बेचती थी। एक नाबालिग ने मदद मांगी तो उन्होंने कार्रवाई करते हुए रेस्क्यु किया था और महिला के खिलाफ कार्रवाई की थी।