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पिस्तौल के बल पर मित्र शाखा लूटने आए तीन बदमाश, संचालक की बहादुरी से टली बड़ी लूट
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पानीपत। इस शाखा में घुसकर बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम ।
- फोटो : panipat
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सनौली रोड न्यू सब्जीमंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के साथ वाली गली स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मित्र शाखा में दिनदहाड़े हथियारों से लैस तीन बदमाशों ने शाखा की ऑपरेटर को पिस्तौल के बल पर बंधक बनाकर लूट का प्रयास किया। लेकिन शाखा संचालक की बहादुरी से बड़ी लूट की वारदात टल गई। तीनों बदमाश संचालक के सिर पर पिस्तौल की बट मार, रुपये से भरा बैग वहीं छोड़ फरार हो गए। शाखा संचालक ने बदमाशों का करीब 300 मीटर तक पीछा किया, लेकिन बदमाश भाग निकले। सूचना मिलते ही बलजीत नगर नाका चौकी पुलिस, सीआइए-टू, थ्री सहित एनडीपीएस टीमें मौके पर पहुंची। संचालक की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस की कुल 4 टीमें फरार बदमाशों की धरपकड़ में जुट गई हैं।
वारदात: पीड़िता मित्र शाखा की ऑपरेटर अंजू की जुबानी:
मैं इस केंद्र के शुरुआती दिनों से ही 5 साल से काम कर रही हूं। मेरा काम अकाउंट खोलना व रुपये जमा करने का है। मंगलवार को दोपहर करीब ढाई बजे केंद्र पर दो कस्टमर महिलाएं मेरे साथ बैठी थी। मैं उनके रुपये जमा कर, उनकी एंट्री कर रही थी। इसके करीब 15 मिनट बाद करीब पौने तीन बजे तीन युवक आए। उनमें से एक ने बोला कि उसे एक नया बैंक खाता खुलवाना है। जिस पर मैंने कहा कि सर्वर डाउन है, तीन दिन बाद खाता खुलेगा। जिस पर वो कहने लगा कि उसने अपनी पत्नी के साथ एक ज्वाइंट खाता खुलवाना है। जिस पर मैंने उससे कहा कि ज्वाइंट खाता बैंक में ही खुलेगा। इसलिए आप बैंक के अंदर ही चले जाओ। फिर वे तीनों टेबल पर बैठ गए। मैंने कहा कि यहां बैठने का कोई फायदा नहीं होगा, आप चले जाओ। जिस पर वो बोला कि मेरी पत्नी यहां आ रही है, उसका इंतजार कर रहा हूं। इसी दौरान मेरे पास बैठी दोनों महिला कस्टमर का काम हो गया और वे उठ कर चली गईं। उनके दुकान व गली से बाहर निकलते ही एक बदमाश ने केंद्र का शटर नीचे गिरा दिया और दूसरे बदमाश ने मेरा कस के गला पकड़ लिया। तीसरे बदमाश ने मेरे माथे पर पिस्तौल तान दी। इसके बाद जिस बदमाश ने शटर नीचे गिराया था, वो फटाफट गल्ले के पास आया। उसने गल्ले में रखे रुपये निकाल कर पास में रखे बैग में भरने शुरू कर दिए। बदमाश मुझे धमकी दे रहे थे कि जरा सी भी हलचल की तो जान से मार देंगे।
बहादुरी: केंद्र संचालक अंकित गर्ग की जुबानी:
मैंने ये केंद्र 5 साल से खोला हुआ है। मेरे छोटे भाई रजत की किराना की दुकान है। दोपहर करीब 2.35 बजे मैं किसी काम से पीएनबी बैंक में चला गया था। इसके करीब 10 मिनट बाद ही मैं बैंक से लौट आया। केंद्र के बाहर आकर देखा कि केंद्र का शटर काफी नीचे तक बंद था। शटर बंद देख मुझे किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया था। मैंने आनन-फानन में शटर को ऊपर उठाया। शटर उठाते ही देखा कि तीन बदमाश काउंटर के पास खड़े है। जिनमें से एक बदमाश ने अंजू का गला पकड़ा हुआ है और एक बदमाश ने उस पर पिस्तौल तानी हुई है। एक बदमाश गल्ले से कैश को बैग में भरकर चेन बंद कर रहा था। शटर खुलने की आवाज सुन व मुझे वहां आता देख एक बदमाश मेरी ओर दौड़ कर आया। जिस पर मैंने उसका गला पकड़ा व उसका सिर दीवार में मारा। इसके बाद पिस्तौल वाला बदमाश मेरी ओर आया व मेरे माथे पर पिस्तौल का बट मारा और पिस्तौल मुझ पर तान दी। गोली चलने का अंदेशा पाकर मैंने किसी तरह की हरकत नहीं की। लेकिन केंद्र के आस-पास और दुकानें होने और लोगों की हलचल की आवाज सुन तीनों बदमाश मौके से भाग निकले। मैंने उनका करीब 300 मीटर दूर आहुजा अस्पताल तक पीछा किया, उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं लगा। फिर मैं तुरंत पीएनबी बैंक में तैनात पुलिसकर्मी के पास गया। जिससे मैंने वारदात के बारे में बताया। पुलिसकर्मी ने बलजीत नगर नाका पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मैं केंद्र में आया और आने के बाद देखा कि बदमाश कैश से भरा बैग वहीं छोड़ गए। घायल अंजू को सामान्य अस्पताल ले गए। हम दोनों का वहां मेडिकल हुआ और फिर पुलिस को शिकायत दी।
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- मंगलवार सुबह भी आए थे तीनों बदमाश, कर गए थे रेकी:
घायल अंकित गर्ग ने बताया कि उक्त तीनों ही बदमाश सुबह 10 या सवा 10 बजे भी केंद्र पर आए थे। एक बदमाश ने पजामा-टीशर्ट और दो बदमाशों ने पैंट-कमीज पहनी हुई थी। तीनों बदमाशों ने सुबह भी आकर एक बैंक अकाउंट खुलवाने के बारे में पूछा था। लेकिन पूछताछ के दौरान उनकी हरकत काफी संदिग्ध थी। लेकिन पहले कभी इस तरह की वारदात न घटित होने की वजह उन पर शक नहीं हुआ। मैंने उनको सुबह ही कह दिया था कि सर्वर डाउन है, तीन दिन बाद आकर अकाउंट खुलवा लेना। तीनों पूरी काउंटर को काफी अच्छे से देख रहे थे। दोपहर को वारदात के बाद समझ आया कि तीनों सुबह पहले रेकी कर गए थे। तीनों बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल की है।
- रोजाना के जमा होते हैं 5 लाख, वारदात के वक्त थे 2.75 लाख:
अंकित ने बताया कि रोजाना उसके केंद्र के माध्यम से लोग उनके खातों में रुपये जमा करवाते हैं। जिसका रोजाना का करीब 5 लाख रुपये का कैश जमा हो जाता है। मंगलवार को वारदात के दौरान गल्ले में करीब पौने 3 लाख रुपये थे। पूरे कैश को बदमाशों ने बैग में भर लिया था, लेकिन वे ले जाने में सफल न हुए। केंद्र के पास में करीब 10 गोदाम है। दिनभर नौकर गोदामों में आते-जाते रहते हैं। लेकिन वारदात का वक्त लंच टाइम था, जिस कारण गोदाम भी बंद थे और नौकर भी वहां नहीं थे। बलजीत नगर नाका चौकी इंचार्ज सुमित ने कहा कि शिकायतकर्ता अंकित गर्ग की शिकायत पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। चौकी पुलिस के साथ-साथ सीआइए की दो टीम व एनडीपीएस की टीम पूरे मामले को खंगाल रही हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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वारदात: पीड़िता मित्र शाखा की ऑपरेटर अंजू की जुबानी:
मैं इस केंद्र के शुरुआती दिनों से ही 5 साल से काम कर रही हूं। मेरा काम अकाउंट खोलना व रुपये जमा करने का है। मंगलवार को दोपहर करीब ढाई बजे केंद्र पर दो कस्टमर महिलाएं मेरे साथ बैठी थी। मैं उनके रुपये जमा कर, उनकी एंट्री कर रही थी। इसके करीब 15 मिनट बाद करीब पौने तीन बजे तीन युवक आए। उनमें से एक ने बोला कि उसे एक नया बैंक खाता खुलवाना है। जिस पर मैंने कहा कि सर्वर डाउन है, तीन दिन बाद खाता खुलेगा। जिस पर वो कहने लगा कि उसने अपनी पत्नी के साथ एक ज्वाइंट खाता खुलवाना है। जिस पर मैंने उससे कहा कि ज्वाइंट खाता बैंक में ही खुलेगा। इसलिए आप बैंक के अंदर ही चले जाओ। फिर वे तीनों टेबल पर बैठ गए। मैंने कहा कि यहां बैठने का कोई फायदा नहीं होगा, आप चले जाओ। जिस पर वो बोला कि मेरी पत्नी यहां आ रही है, उसका इंतजार कर रहा हूं। इसी दौरान मेरे पास बैठी दोनों महिला कस्टमर का काम हो गया और वे उठ कर चली गईं। उनके दुकान व गली से बाहर निकलते ही एक बदमाश ने केंद्र का शटर नीचे गिरा दिया और दूसरे बदमाश ने मेरा कस के गला पकड़ लिया। तीसरे बदमाश ने मेरे माथे पर पिस्तौल तान दी। इसके बाद जिस बदमाश ने शटर नीचे गिराया था, वो फटाफट गल्ले के पास आया। उसने गल्ले में रखे रुपये निकाल कर पास में रखे बैग में भरने शुरू कर दिए। बदमाश मुझे धमकी दे रहे थे कि जरा सी भी हलचल की तो जान से मार देंगे।
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बहादुरी: केंद्र संचालक अंकित गर्ग की जुबानी:
मैंने ये केंद्र 5 साल से खोला हुआ है। मेरे छोटे भाई रजत की किराना की दुकान है। दोपहर करीब 2.35 बजे मैं किसी काम से पीएनबी बैंक में चला गया था। इसके करीब 10 मिनट बाद ही मैं बैंक से लौट आया। केंद्र के बाहर आकर देखा कि केंद्र का शटर काफी नीचे तक बंद था। शटर बंद देख मुझे किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया था। मैंने आनन-फानन में शटर को ऊपर उठाया। शटर उठाते ही देखा कि तीन बदमाश काउंटर के पास खड़े है। जिनमें से एक बदमाश ने अंजू का गला पकड़ा हुआ है और एक बदमाश ने उस पर पिस्तौल तानी हुई है। एक बदमाश गल्ले से कैश को बैग में भरकर चेन बंद कर रहा था। शटर खुलने की आवाज सुन व मुझे वहां आता देख एक बदमाश मेरी ओर दौड़ कर आया। जिस पर मैंने उसका गला पकड़ा व उसका सिर दीवार में मारा। इसके बाद पिस्तौल वाला बदमाश मेरी ओर आया व मेरे माथे पर पिस्तौल का बट मारा और पिस्तौल मुझ पर तान दी। गोली चलने का अंदेशा पाकर मैंने किसी तरह की हरकत नहीं की। लेकिन केंद्र के आस-पास और दुकानें होने और लोगों की हलचल की आवाज सुन तीनों बदमाश मौके से भाग निकले। मैंने उनका करीब 300 मीटर दूर आहुजा अस्पताल तक पीछा किया, उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं लगा। फिर मैं तुरंत पीएनबी बैंक में तैनात पुलिसकर्मी के पास गया। जिससे मैंने वारदात के बारे में बताया। पुलिसकर्मी ने बलजीत नगर नाका पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मैं केंद्र में आया और आने के बाद देखा कि बदमाश कैश से भरा बैग वहीं छोड़ गए। घायल अंजू को सामान्य अस्पताल ले गए। हम दोनों का वहां मेडिकल हुआ और फिर पुलिस को शिकायत दी।
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- मंगलवार सुबह भी आए थे तीनों बदमाश, कर गए थे रेकी:
घायल अंकित गर्ग ने बताया कि उक्त तीनों ही बदमाश सुबह 10 या सवा 10 बजे भी केंद्र पर आए थे। एक बदमाश ने पजामा-टीशर्ट और दो बदमाशों ने पैंट-कमीज पहनी हुई थी। तीनों बदमाशों ने सुबह भी आकर एक बैंक अकाउंट खुलवाने के बारे में पूछा था। लेकिन पूछताछ के दौरान उनकी हरकत काफी संदिग्ध थी। लेकिन पहले कभी इस तरह की वारदात न घटित होने की वजह उन पर शक नहीं हुआ। मैंने उनको सुबह ही कह दिया था कि सर्वर डाउन है, तीन दिन बाद आकर अकाउंट खुलवा लेना। तीनों पूरी काउंटर को काफी अच्छे से देख रहे थे। दोपहर को वारदात के बाद समझ आया कि तीनों सुबह पहले रेकी कर गए थे। तीनों बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल की है।
- रोजाना के जमा होते हैं 5 लाख, वारदात के वक्त थे 2.75 लाख:
अंकित ने बताया कि रोजाना उसके केंद्र के माध्यम से लोग उनके खातों में रुपये जमा करवाते हैं। जिसका रोजाना का करीब 5 लाख रुपये का कैश जमा हो जाता है। मंगलवार को वारदात के दौरान गल्ले में करीब पौने 3 लाख रुपये थे। पूरे कैश को बदमाशों ने बैग में भर लिया था, लेकिन वे ले जाने में सफल न हुए। केंद्र के पास में करीब 10 गोदाम है। दिनभर नौकर गोदामों में आते-जाते रहते हैं। लेकिन वारदात का वक्त लंच टाइम था, जिस कारण गोदाम भी बंद थे और नौकर भी वहां नहीं थे। बलजीत नगर नाका चौकी इंचार्ज सुमित ने कहा कि शिकायतकर्ता अंकित गर्ग की शिकायत पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। चौकी पुलिस के साथ-साथ सीआइए की दो टीम व एनडीपीएस की टीम पूरे मामले को खंगाल रही हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।