फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   traffic-problme-pnp

शहर में जाम का जिम्मेदार खुद नगर निगम, 50 रुपये में दे रहा हैं ट्रेड लाइसेंस

Fri, 04 Sep 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत Updated Fri, 04 Sep 2015 12:20 AM IST
विज्ञापन
शहर में जाम का  एक मुख्य कारण सड़कों पर बेतरतीब लगती रेहड़ियां हैं। रेहड़ी वाले बिना किसी के डर के अपनी इच्छानुसार  कहीं भी रेहड़ी लेकर खड़े हो जाते हैं। जिस कारण आए दिन जाम की स्थिति रहती है। रेहड़ियों के कारण लगने वाले जाम का जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि खुद नगर निगम ही है।
विज्ञापन


जी हां, नगर निगम जो सिर्फ 50 रुपये में रेहड़ी वालों को ट्रेड लाइसेंस जारी कर रहा है।  ट्रेड लाइसेंस के नाम में निगम 50 रुपये में अतिक्रमण का लाइसेंस दे रहा है।
विज्ञापन


शहर में स्ट्रीट वेंडरों के लिए कोई भी स्थान निर्धारित नहीं है। उसके बाद भी निगम  सड़क किनारे रेहड़ी व फुटपाथ पर फड़ी लगाकर समान बेचने वालों को 50 रुपये में ट्रेड लाइसेंस के नाम पर अतिक्रमण का लाइसेंस दे रहा है। जिससे पूरा शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है। लेकिन  प्रशासन उस तरफ कोई ध्यान नहीं दो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यापार के हिसाब से अलग अलग फीस तय
शहर में किसी प्रकार का व्यापार करने के लिए विक्रेता को निगम से ट्रेड लाइसेंस लेन होता है। निगम प्रशासन ने शहर में होटल, रेस्तरां, रेहड़ी व फड़ी वालों के लिए लाइसेंस की अलग अलग फीस निर्धारित की है। जिसमें फुटकर विक्रेेता के लिए ट्रेड लाइसेंस की फीस 50 रुपये निर्धारित की गई है।

हालांकि निगम द्वारा पिछले कई वर्षों से रेहड़ी व फुटपाथ पर फड़ी लगाने वालों को लाइसेंस न देने का निर्णय लिया था। लेकिन इस बार स्ट्रीट वेंडरों ने शहर की पॉश कॉलोनियों में किराए की दुकानों नाम पर लाइसेंस लेकर शहर की मुख्य सड़कों व चौक चौराहों पर कब्जा जमाया है। निगम द्वारा अगस्त माह में सैकड़ों उपभोक्ताओं को लाइसेंस जारी किए गए हैं।

यह भी सच है कि शहर में बिना लाइसेंस के लगने वाली रेहड़ियों की संख्या अनगिनत है। जो रेहड़ी माफिया व प्रशासन के उच्चाधिकारियों की शह पर चल रही हैं। जिसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि पिछले तीन माह में निगम द्वारा एक भी रेहड़ी या फुटपाथ पर फड़ी लगाने वालों का चालान नहीं काटा है। जबकि शहर में अवैध रूप से लग रही रेहड़ियों की संख्या हजारों में है।

दो हजार रेहड़ियों ने लोगों से छीनी फुटपाथ
शहर में करीब दो हजार से भी अधिक सब्जी, फल फ्रूट, कपड़े व फास्ट फूड की रेहड़ियां लगी हैं। जिनका निगम के पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।जीटी रोड से लेकर शहर की तंग गलियों तक इन रेहड़ियों ने लोगों से फुटपाथ छीन ली है। जिससे राहगीरों के लिए पैदल चलने का भी रास्ता नहीं है।

अतिक्रमण से शहर में लग रहा जाम
शहर में जाम की समस्या का प्रमुख कारण भी सड़कों व फुटपाथ पर लगी रेहड़ियों से फैला अतिक्रमण है। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। निगम ने एक बार फिर 31 अगस्त तक सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी संचालकों को ट्रेड लाइसेंस जारी कर, उन्हें अतिक्रमण का लाइसेंस जारी कर दिया है।

शहर में आज तक नहीं बना वेंडर जोन
ऐतिहासिक नगरी के इतिहास में आज तक स्ट्रीट वेंडरों के लिए वेंडर जोन नहीं बना है। बरसों से फुटपाथ पर कब्जा जमाए बैठे वेंडर उसे छोड़ने को तैयार नहीं है।  जिससे पूरे शहर में जाम  की समस्या बनी रहती है। लेकिन निगम प्रशासन ने आज तक उस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है।

ट्रेड लाइसेंस के लिए दुकान होना जरूरी
 निगम द्वारा रेहड़ी व फड़ी वालों के लिए ट्रेड लाइसेंस की फीस 50 रुपये निर्धारित की  है। लेकिन लाइसेंस जारी करने से पहले निगम को आवेदन कर्त्ता की दुकान या व्यापार के लिए निश्चित स्थान का मुआयना करना होता है। उसके बाद ही निगम लाइसेंस जारी करता है। लेकिन निगम अधिकारियों की मनमानी के चलते कार्यालय में बैठे ही लाइसेंस को मंजूरी दी जा रही है ।

रेहड़ी माफिया व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बड़ा खेल
शहर में अवैध रूप से लगी रेहड़ियों के पीछे रेहड़ी माफिया व निगम प्रशासन के बीच बड़ा खेल है। एक रेहड़ी संचालक ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि रोडवेज बस अड्डे के सामने लगी रेहड़ियों व अन्य विभागों व बाजार में दुकानों के सामने लगी रेहड़ियों से हर  माह आठ से दस हजार रुपये कमीशन संबधित विभागों के अधिकारियों व दुकानदारों को देनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त जब निगम की टीम छापामारी करती है तो उसकी कमीशन भी अलग से देनी पड़ती है।

पार्षदों से बातचीत
सड़कों व चौक चौराहों पर रेहड़ियां लगने से शहर में जाम की समस्या रहती है। इसके लिए निगम को एक स्ट्रीट वेंडर जोन बनाना चाहिए। हाउस की मीटिंग में भी इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
अशोक कटारिया पार्षद वार्ड-10

जाठल रोड रेलवे स्टेशन के पास खाली जगह पर स्ट्रीट वेंडर जोन बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन राजनेताओं व जिला प्रशासन की अनदेखी वे वह योजना सिरे नहीं चढ़ी।

भूपेंद्र सिंह पूर्व मेयर नगर निगम।

लोगों की सुविधा के लिए शहर में खाली पड़ी जगह पर वेंडर जोन बनाए जाएंगे। हाउस की मीटिंग में भी इस पर विचार विमर्श हुआ है। निगम द्वारा जिला उपायुक्त को भी इस संदर्भ में एक प्रपोजल भेजा गया है। निगम जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा।
सुरेश वर्मा, मेयर नगर निगम पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed