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Panipat News: आत्महत्या के लिए उकसाने में तीन साल कैद
Tue, 29 Sep 2026 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 29 Sep 2026 03:04 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह की अदालत ने बीएससी की छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के करीब छह साल पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सिद्धार्थ उर्फ हन्नी को दोषी ठहराते हुए तीन साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
घटना 29 अप्रैल 2018 की मॉडल टाउन थाना क्षेत्र की सतकरतार कॉलोनी की है। कॉलोनी निवासी मीना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी 19 वर्षीय बेटी नीरू बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ती थी। उनके पड़ोस का सिद्धार्थ उर्फ हन्नी उनकी बेटी को काफी समय से फोन कर मानसिक रूप से परेशान कर रहा था।
उसकी हरकतों से तंग आकर नीरू ने 29 अप्रैल 2018 को अपने घर के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया था। बाद में अदालत के आदेश पर फोन को फॉरेंसिक लैब भेजा गया। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) ने इस बात की पुष्टि कर दी कि आरोपी छात्रा को लगातार फोन करके प्रताड़ित कर रहा था।
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गवाहों, एफएसएल रिपोर्ट और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी सिद्धार्थ को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
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घटना 29 अप्रैल 2018 की मॉडल टाउन थाना क्षेत्र की सतकरतार कॉलोनी की है। कॉलोनी निवासी मीना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी 19 वर्षीय बेटी नीरू बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ती थी। उनके पड़ोस का सिद्धार्थ उर्फ हन्नी उनकी बेटी को काफी समय से फोन कर मानसिक रूप से परेशान कर रहा था।
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उसकी हरकतों से तंग आकर नीरू ने 29 अप्रैल 2018 को अपने घर के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया था। बाद में अदालत के आदेश पर फोन को फॉरेंसिक लैब भेजा गया। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) ने इस बात की पुष्टि कर दी कि आरोपी छात्रा को लगातार फोन करके प्रताड़ित कर रहा था।
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गवाहों, एफएसएल रिपोर्ट और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी सिद्धार्थ को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तीन साल कैद की सजा सुनाई है।