{"_id":"6abadd67cd1a257cee052646","slug":"preparations-underway-to-upgrade-the-stp-to-a-cetp-in-the-old-industrial-area-refinery-and-fertilizer-plant-to-receive-treated-water-panipat-news-c-244-1-pnp1001-165013-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: पुराने औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदलने की तैयारी, रिफाइनरी व फर्टिलाइजर को मिलेगा शोधित पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: पुराने औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदलने की तैयारी, रिफाइनरी व फर्टिलाइजर को मिलेगा शोधित पानी
विज्ञापन
एसटीपी को लेकर चंडीगढ़ में बैठक करते शहरी विधायक प्रमोद विज। स्रोत : सोशल मीडिया
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र (ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया) में ड्रेनेज और जल निकासी की लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाएगा। अब यहां स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में बदलने की योजना बना रही है। इसके साथ ही यहां नया एसटीपी बनाया जाएगा। इन प्रोजेक्ट का ट्रीट (शोधित) होने वाले पानी को व्यर्थ बहाने के बजाय इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) को आपूर्ति करने की तैयारी है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग के मुख्य इंजीनियरों की एक उच्चस्तरीय बैठक की गई। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने बैठक में सरकार की और से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के एसटीपी को सीईटीपी में परिवर्तित किया जाए। इससे न केवल उद्योगों के रसायनयुक्त और सीवरेज के पानी का सही निस्तारण हो सकेगा, बल्कि भूजल की भी भारी बचत होगी।
500 औद्योगिक इकाई हैं संचालित
पुराना औद्योगिक क्षेत्र शहर का सबसे प्राचीन इंडस्ट्रियल हब है। इसमें लगभग 500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। सीईटीपी न होने के कारण यहां अक्सर जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी रहती थी, जिससे उद्यमियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता था।
विज्ञापन
अर्जुन नगर एसटीपी से रिफाइनरी को दिया जाना है पानी
नगर निगम का काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी को रिफाइनरी में इस्तेमाल के लिए दिया जाना है। अर्जुन नगर एसटीपी अब चालू हो चुका है और रिफाइनरी पहले ही इस शोधित जल को लेने के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। हालांकि प्लांट में कुछ आवश्यक तकनीकी संशोधन (मोडिफिकेशन) किए जाने थे। इसके चलते यह प्रोजेक्ट फिलहाल अटका हुआ था।
उद्यमियों ने जताई खुशी
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पुराना औद्योगिक क्षेत्र में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने से उद्यमी लंबे समय से परेशान थे। स्थानीय उद्यमी सीवरेज और औद्योगिक पानी के निस्तारण की मांग कई बार प्रशासनिक व शासन स्तर पर उठा चुके हैं। एसटीपी को सीईटीपी में बदलने और शोधित पानी के पुनरुपयोग की इस योजना से न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि उद्यमियों को भी जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
वर्जन :
पुराना औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदला जएगा। इसके साथ नया एसटीपी बनाया जाएगा। निगम इसका प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसे जल्द ही सिरे चढ़ाया जाएगा।
डाॅ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
-- -- -- -- --
संपादित
पुराने औद्योगिक क्षेत्र का एसटीपी बनेगा सीईटीपी, रिफाइनरी-एनएफएल को मिलेगा शोधित पानी
500 औद्योगिक इकाइयों को जलभराव और ड्रेनेज की समस्या से राहत की उम्मीद, चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक में योजना पर चर्चा
-शहरी विधायक प्रमोद विज ने उद्यमियों की मांग पर सीएम के सामने रखा था प्रस्ताव
फोटो-38
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज और जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए यहां स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में बदलने की योजना है। इसके साथ ही नया एसटीपी बनाने का प्रस्ताव है। दोनों संयंत्रों से शोधित पानी को व्यर्थ बहाने के बजाय इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) को उपलब्ध कराने पर मंथन किया गया।
इस परियोजना के संबंध में चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें आईएएस अधिकारी यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हुए। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज भी बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने उद्यमियों की मांग पर इस समस्या का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था।
बैठक में जानकारी दी गई सीईटीपी बनने से औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार की व्यवस्था हो सकेगी। वहीं शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल से भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
500 औद्योगिक इकाइयां, जलभराव से परेशानी
शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। सीईटीपी की व्यवस्था नहीं होने और जल निकासी की समस्या के कारण यहां अक्सर जलभराव की स्थिति बनती है। इससे उद्यमियों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
अर्जुन नगर एसटीपी का पानी रिफाइनरी को देने की तैयारी
नगर निगम के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर एसटीपी के शोधित पानी को पानीपत रिफाइनरी में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। अर्जुन नगर एसटीपी चालू हो चुका है और रिफाइनरी की ओर से शोधित पानी लेने पर सहमति भी दी जा चुकी है। हालांकि पानी की आपूर्ति के लिए प्लांट में कुछ तकनीकी संशोधन किए जाने हैं, जिसके चलते परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़नी बाकी है।
उद्यमियों ने जताई खुशी
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने कहा कि जल निकासी की समस्या के लिए उद्यमी लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। सीवरेज और औद्योगिक अपशिष्ट जल के उचित निस्तारण की व्यवस्था होने से क्षेत्र को राहत मिलेगी। शोधित पानी के पुन: उपयोग से पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संसाधनों की भी बचत होगी।
वर्जन
पुराना औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदला जाएगा। इसके साथ नया एसटीपी बनाया जाएगा। निगम इसका प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसे जल्द ही सिरे चढ़ाया जाएगा। -
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
पानीपत। शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र (ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया) में ड्रेनेज और जल निकासी की लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाएगा। अब यहां स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में बदलने की योजना बना रही है। इसके साथ ही यहां नया एसटीपी बनाया जाएगा। इन प्रोजेक्ट का ट्रीट (शोधित) होने वाले पानी को व्यर्थ बहाने के बजाय इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) को आपूर्ति करने की तैयारी है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग के मुख्य इंजीनियरों की एक उच्चस्तरीय बैठक की गई। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने बैठक में सरकार की और से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के एसटीपी को सीईटीपी में परिवर्तित किया जाए। इससे न केवल उद्योगों के रसायनयुक्त और सीवरेज के पानी का सही निस्तारण हो सकेगा, बल्कि भूजल की भी भारी बचत होगी।
विज्ञापन
500 औद्योगिक इकाई हैं संचालित
पुराना औद्योगिक क्षेत्र शहर का सबसे प्राचीन इंडस्ट्रियल हब है। इसमें लगभग 500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। सीईटीपी न होने के कारण यहां अक्सर जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी रहती थी, जिससे उद्यमियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता था।
विज्ञापन
अर्जुन नगर एसटीपी से रिफाइनरी को दिया जाना है पानी
नगर निगम का काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी को रिफाइनरी में इस्तेमाल के लिए दिया जाना है। अर्जुन नगर एसटीपी अब चालू हो चुका है और रिफाइनरी पहले ही इस शोधित जल को लेने के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। हालांकि प्लांट में कुछ आवश्यक तकनीकी संशोधन (मोडिफिकेशन) किए जाने थे। इसके चलते यह प्रोजेक्ट फिलहाल अटका हुआ था।
उद्यमियों ने जताई खुशी
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पुराना औद्योगिक क्षेत्र में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने से उद्यमी लंबे समय से परेशान थे। स्थानीय उद्यमी सीवरेज और औद्योगिक पानी के निस्तारण की मांग कई बार प्रशासनिक व शासन स्तर पर उठा चुके हैं। एसटीपी को सीईटीपी में बदलने और शोधित पानी के पुनरुपयोग की इस योजना से न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि उद्यमियों को भी जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
वर्जन :
पुराना औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदला जएगा। इसके साथ नया एसटीपी बनाया जाएगा। निगम इसका प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसे जल्द ही सिरे चढ़ाया जाएगा।
डाॅ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
संपादित
पुराने औद्योगिक क्षेत्र का एसटीपी बनेगा सीईटीपी, रिफाइनरी-एनएफएल को मिलेगा शोधित पानी
500 औद्योगिक इकाइयों को जलभराव और ड्रेनेज की समस्या से राहत की उम्मीद, चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक में योजना पर चर्चा
-शहरी विधायक प्रमोद विज ने उद्यमियों की मांग पर सीएम के सामने रखा था प्रस्ताव
फोटो-38
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज और जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए यहां स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में बदलने की योजना है। इसके साथ ही नया एसटीपी बनाने का प्रस्ताव है। दोनों संयंत्रों से शोधित पानी को व्यर्थ बहाने के बजाय इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) को उपलब्ध कराने पर मंथन किया गया।
इस परियोजना के संबंध में चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें आईएएस अधिकारी यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हुए। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज भी बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने उद्यमियों की मांग पर इस समस्या का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था।
बैठक में जानकारी दी गई सीईटीपी बनने से औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार की व्यवस्था हो सकेगी। वहीं शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल से भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
500 औद्योगिक इकाइयां, जलभराव से परेशानी
शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। सीईटीपी की व्यवस्था नहीं होने और जल निकासी की समस्या के कारण यहां अक्सर जलभराव की स्थिति बनती है। इससे उद्यमियों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
अर्जुन नगर एसटीपी का पानी रिफाइनरी को देने की तैयारी
नगर निगम के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर एसटीपी के शोधित पानी को पानीपत रिफाइनरी में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। अर्जुन नगर एसटीपी चालू हो चुका है और रिफाइनरी की ओर से शोधित पानी लेने पर सहमति भी दी जा चुकी है। हालांकि पानी की आपूर्ति के लिए प्लांट में कुछ तकनीकी संशोधन किए जाने हैं, जिसके चलते परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़नी बाकी है।
उद्यमियों ने जताई खुशी
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने कहा कि जल निकासी की समस्या के लिए उद्यमी लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। सीवरेज और औद्योगिक अपशिष्ट जल के उचित निस्तारण की व्यवस्था होने से क्षेत्र को राहत मिलेगी। शोधित पानी के पुन: उपयोग से पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संसाधनों की भी बचत होगी।
वर्जन
पुराना औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपी को सीईटीपी में बदला जाएगा। इसके साथ नया एसटीपी बनाया जाएगा। निगम इसका प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसे जल्द ही सिरे चढ़ाया जाएगा। -
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।