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Panipat News: ट्रैक्टर चालक चाचा-भतीजा समेत तीन की हत्या कर शव टैंक में फेंका, तीन मालिकों पर हत्या का केस
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पानीपत। पानीपत-हरिद्वार रोड पर जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री में चाचा-भतीजा समेत तीन कर्मियों की हत्या कर शवों को केमिकलयुक्त दूषित पानी के 16 फीट गहरे टैंक में फेंक दिया गया। इनमें दो ट्रैक्टर चालक और एक मेटेनेंस कर्मी था। हत्या का आरोप फैक्ट्री मालिक समेत तीन पार्टनरों पर लगे हैं। आरोप है कि मालिकों ने फैक्ट्री में लगे करीब 44 कैमरों को रातोंरात हटा दिया और बाकी सबूत भी मिटा दिए। इससे गुस्साए मृतकों के परिजनों ने रविवार को फैक्ट्री और सिविल अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने बताया कि इस्लाम और कुरबान से पिछले दिनों फैक्ट्री मालिक ने ओवरटाइम कराया था, लेकिन उस हिसाब से तनख्वाह नहीं दी गई। इसे लेकर हुए विवाद के बाद फैक्ट्री मालिकों ने कई कर्मचारियों के साथ मिलकर 10-15 दिन पहले उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि इसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है।
सद्दाम और जुल्फान निवासी रसलापुर गांव ने सनौली थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि उनका भाई इस्लाम (35) और कुरबान (28) रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। वे दोनों जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरटेशनल प्राइवेट लिमिटेड में बतौर ट्रैक्टर-ड्राइवर काम करते थे। इसमें चद्दर और कंबल बनाया जाता है। इस्लाम और कुरबान फैक्ट्री से केमिकल युक्त दूषित पानी टैंकरों में भरकर नजदीक के ड्रेन नंबर-दो में डालते थे। उनकी ड्यूटी रात में सात से 12 बजे तक होती थी। इसी फैक्ट्री में सुरेश (35) वासी परसा जकरिया थाना दुधारा जिला संत कबीर नगर यूपी मेंटेनेंस में काम करता था। उसकी ड्यूटी 12 घंटे की होती थी।
परिजनों के अनुसार, इस्लाम और कुरबान शनिवार शाम को करीब सात बजे फैक्ट्री में काम पर गए थे। वे दोनों रात 12 बजे के बाद भी घर वापस नहीं आए तो परिजनों ने उन्हें फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिजन दोनों को तलाश करते हुए अलसुबह करीब चार बजे ही फैक्ट्री पहुंच गए। गार्ड ने उन्हें बताया कि वह दोनों काफी समय पहले जा चुके हैं। आरोप है कि परिजनों को अंदर भी नहीं जाने दिया गया। इसी दौरान फैक्ट्री के बाहर डायल-112 और अंदर पुलिस की गाड़ी देखकर उन्हें हादसे का अंदेशा हुआ और वे अंदर घुस गए। तब उन्हें बताया गया कि इस्लाम, कुरबान और सुरेश की फैक्ट्री के केमिकलयुक्त दूषित पानी में डूबने से मौत हो गई है। टैंक के आसपास हाथ पैर के निशान बने हुए थे। उन्होंने आशंका जताई कि फैक्ट्री मालिकों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस्लाम और कुरबान की पहले हत्या की। इस दौरान सुरेश ने आरोपियों को देख लिया। ऐसे में साक्ष्य मिटाने के लिए उसे भी टैंक में फेंक दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री के तीनों पार्टनर नवीन, विष्णु और सौरभ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
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दमकलकर्मियों और परिजनों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शवों को सुबह लगभग सात बजे बाहर निकाला। इस दौरान परिजनों ने फैक्ट्री में जमकर हंगामा किया और आक्रोशित लोगों ने शवों को लेने आई एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप है कि वे सुबह करीब चार बजे फैक्ट्री पहुंचे तो पुलिस मौके पर थी। पुलिसकर्मी शवों को बाहर निकालने के बजाय कार्रवाई में लगे थे। एएसपी मयंक मिश्रा और थाना प्रभारी सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।
परिजनों ने बताया कि इस्लाम और कुरबान फैक्ट्री के लिए अलग-अलग समय पर ट्रैक्टर चलाते थे। इन दोनों के समय में करीब एक घंटे का अंतराल था। वे हर रोज ट्रैक्टर फैक्ट्री में खड़ा कर जाते थे, लेकिन रविवार को दोनों ट्रैक्टर दूसरी तरफ स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े मिले।
पुलिस को जलालपुर रोड स्थित गोरजा फैक्ट्री में तीन श्रमिकों के टैंक में डूबने से मौत की सूचना मिली थी। परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों पर हत्या का आरोप लगाया है। सनौली पुलिस ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद फैक्ट्री मालिक नवीन, विष्णु व सौरभ पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने फिलहाल फैक्ट्री को अपने कब्जे में लिया है। एफएसएल की टीम से नमूने उठाए जाएंगे। इसके बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी, पानीपत।
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सद्दाम और जुल्फान निवासी रसलापुर गांव ने सनौली थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि उनका भाई इस्लाम (35) और कुरबान (28) रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। वे दोनों जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरटेशनल प्राइवेट लिमिटेड में बतौर ट्रैक्टर-ड्राइवर काम करते थे। इसमें चद्दर और कंबल बनाया जाता है। इस्लाम और कुरबान फैक्ट्री से केमिकल युक्त दूषित पानी टैंकरों में भरकर नजदीक के ड्रेन नंबर-दो में डालते थे। उनकी ड्यूटी रात में सात से 12 बजे तक होती थी। इसी फैक्ट्री में सुरेश (35) वासी परसा जकरिया थाना दुधारा जिला संत कबीर नगर यूपी मेंटेनेंस में काम करता था। उसकी ड्यूटी 12 घंटे की होती थी।
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परिजनों के अनुसार, इस्लाम और कुरबान शनिवार शाम को करीब सात बजे फैक्ट्री में काम पर गए थे। वे दोनों रात 12 बजे के बाद भी घर वापस नहीं आए तो परिजनों ने उन्हें फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिजन दोनों को तलाश करते हुए अलसुबह करीब चार बजे ही फैक्ट्री पहुंच गए। गार्ड ने उन्हें बताया कि वह दोनों काफी समय पहले जा चुके हैं। आरोप है कि परिजनों को अंदर भी नहीं जाने दिया गया। इसी दौरान फैक्ट्री के बाहर डायल-112 और अंदर पुलिस की गाड़ी देखकर उन्हें हादसे का अंदेशा हुआ और वे अंदर घुस गए। तब उन्हें बताया गया कि इस्लाम, कुरबान और सुरेश की फैक्ट्री के केमिकलयुक्त दूषित पानी में डूबने से मौत हो गई है। टैंक के आसपास हाथ पैर के निशान बने हुए थे। उन्होंने आशंका जताई कि फैक्ट्री मालिकों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस्लाम और कुरबान की पहले हत्या की। इस दौरान सुरेश ने आरोपियों को देख लिया। ऐसे में साक्ष्य मिटाने के लिए उसे भी टैंक में फेंक दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री के तीनों पार्टनर नवीन, विष्णु और सौरभ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
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दमकलकर्मियों और परिजनों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शवों को सुबह लगभग सात बजे बाहर निकाला। इस दौरान परिजनों ने फैक्ट्री में जमकर हंगामा किया और आक्रोशित लोगों ने शवों को लेने आई एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप है कि वे सुबह करीब चार बजे फैक्ट्री पहुंचे तो पुलिस मौके पर थी। पुलिसकर्मी शवों को बाहर निकालने के बजाय कार्रवाई में लगे थे। एएसपी मयंक मिश्रा और थाना प्रभारी सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।
परिजनों ने बताया कि इस्लाम और कुरबान फैक्ट्री के लिए अलग-अलग समय पर ट्रैक्टर चलाते थे। इन दोनों के समय में करीब एक घंटे का अंतराल था। वे हर रोज ट्रैक्टर फैक्ट्री में खड़ा कर जाते थे, लेकिन रविवार को दोनों ट्रैक्टर दूसरी तरफ स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े मिले।
पुलिस को जलालपुर रोड स्थित गोरजा फैक्ट्री में तीन श्रमिकों के टैंक में डूबने से मौत की सूचना मिली थी। परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों पर हत्या का आरोप लगाया है। सनौली पुलिस ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद फैक्ट्री मालिक नवीन, विष्णु व सौरभ पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने फिलहाल फैक्ट्री को अपने कब्जे में लिया है। एफएसएल की टीम से नमूने उठाए जाएंगे। इसके बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी, पानीपत।