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इसराना: पानीपत-गोहाना हाईवे पर किनारे खड़े तीन दोस्तों की कार की टक्कर से मौत
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इसराना। दशहरे की रात तीन परिवारों में मौत से मातम छा गया। पानीपत-गोहाना हाईवे पर सड़क किनारे खड़े होकर बात कर रहे तीन दोस्तों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। इससे तीनों की मौत हो गई। दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। कैंटर के शीशे साफ कर रहा कैंटर चालक का भांजा (हेल्पर) बच गया। कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने दो मृतकों के शवों को पानीपत सिविल अस्पताल और एक का शव सोनीपत स्थित पीजीआई खानपुर में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी की कार को कब्जे में ले लिया है।
रोहतक के चुलियाना निवासी दिनेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सोनीपत के गांव बनवासा निवासी कैंटर चालक मामा संदीप (35) के साथ हेल्पर है। बुधवार को कैंटर में सैनीपुरा से सामान लोड कर चंडीगढ़ जा रहे थे। इसराना में गांव कैत के पास कैंटर के टायरों की जांच करने के लिए किनारे रोक लिया। इसी दौरान मामा संदीप के दोस्त सोनीपत के गांव धुराना निवासी मोनू (31) और पानीपत स्थित इसराना के गांव पूठर निवासी धर्मबीर (40) को कॉल कर मिलने के लिए बुलाया। दोनों बाइक से वहां आ आए। मामा, मोनू और धर्मवीर बात कर रहे थे। वह कैंटर के शीशे साफ करने लगा। तभी गोहाना की ओर से आई तेज रफ्तार कार ने तीनों को टक्कर मार दी। इससे मामा संदीप और धर्मबीर की मौके पर मौत हो गई, जबकि मोनू (31) ने खानपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतक धर्मबीर किसान था। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा नौ साल की बेटी और पांच साल का एक बेटा छोड़ गया। कैंटर चालक संदीप की पत्नी और दो बेटियां हैं। किराना स्टोर संचालक एवं चालक मोनू पत्नी के साथ एक बेटे एवं दो बेटियों को छोड़ गया। तीनों परिवार में अकेले कमाने वाले थे।
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रोहतक के चुलियाना निवासी दिनेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सोनीपत के गांव बनवासा निवासी कैंटर चालक मामा संदीप (35) के साथ हेल्पर है। बुधवार को कैंटर में सैनीपुरा से सामान लोड कर चंडीगढ़ जा रहे थे। इसराना में गांव कैत के पास कैंटर के टायरों की जांच करने के लिए किनारे रोक लिया। इसी दौरान मामा संदीप के दोस्त सोनीपत के गांव धुराना निवासी मोनू (31) और पानीपत स्थित इसराना के गांव पूठर निवासी धर्मबीर (40) को कॉल कर मिलने के लिए बुलाया। दोनों बाइक से वहां आ आए। मामा, मोनू और धर्मवीर बात कर रहे थे। वह कैंटर के शीशे साफ करने लगा। तभी गोहाना की ओर से आई तेज रफ्तार कार ने तीनों को टक्कर मार दी। इससे मामा संदीप और धर्मबीर की मौके पर मौत हो गई, जबकि मोनू (31) ने खानपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।
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मृतक धर्मबीर किसान था। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा नौ साल की बेटी और पांच साल का एक बेटा छोड़ गया। कैंटर चालक संदीप की पत्नी और दो बेटियां हैं। किराना स्टोर संचालक एवं चालक मोनू पत्नी के साथ एक बेटे एवं दो बेटियों को छोड़ गया। तीनों परिवार में अकेले कमाने वाले थे।
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