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Panipat News: हड़ताल से हजारों इंतकाल व प्रमाणपत्र लंबित, सरकार को करोड़ों का फटका
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पानीपत। पिछले दो सप्ताह से काम छोड़ सांकेतिक धरने पर बैठे जिले की पांचों तहसीलों के पटवारियों और कानूनगो की वजह से इंतकाल, जमाबंदी, रिहायशी प्रमाण पत्र, कमजोर वर्ग के प्रमाण पत्रों के कामकाज पूरी तरह से ठप हो गए हैं। इससे जहां लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। मांगे न माने जाने पर पटवारियों और कानूनगो ने हड़ताल को अब दो दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब पटवारी और कानूनगो 17 को अवकाश के बाद 18 और 19 को भी सांकेतिक धरने पर रहेंगे।
पटवारियों और कानूनगो के धरने की वजह से अब तक जिले की तहसीलों में करीब 30 हजार इंतकाल लंबित हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 15 हजार रिहायशी प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। हाल ही में घोषित हुए ग्रुप डी के परिणाम में ईडब्ल्यूएस यानी इकॉनामी वीकर सेक्शन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित पांच प्रतिशत वेटेज लेने वाले चयनकर्ताओं के प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे चयनित लोग तहसील परिसर में चक्कर काटने को मजबूर हैं।
दी रिवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे इस सांकेतिक धरने में नगर निगम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुभाष चंडालिया ने कहा कि सरकार एक तरफ तो कहती है कि हम सबका विकास करेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे। दूसरी ओर पटवारियों की अनदेखी की जा रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा रोडवेज और वर्तमान हरियाणा किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह मलिक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ खिलवाड़ कर रही है। एसोसिएशन जिला प्रधान मुकेश कुमार और उप प्रधान विजेंद्र शर्मा ने कहा की सरकार कर्मचारियों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर रही है। इससे आमजन को परेशानी के साथ ही सरकार को भी लगभग 50 करोड रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
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मीडिया प्रभारी सुधांशु ने बताया कि पिछले 13 दिन बाद भी सरकार ने धरने पर चल रहे पटवारी और कर्मचारियों की कोई सुध नहीं ली। इस कारण प्रांतीय कार्यकारिणी ने 18 और 19 जनवरी को भी धरने का आह्वान किया है। नगर निगम कर्मचारी संघ के उप प्रधान बलराज कृष्ण बागड़ी, राजेंद्र, ओम प्रकाश, वेद प्रकाश, सचिव आदि ने मंगलवार को धरने को संबोधित किया। मौके पर इरफान अली, विजेंद्र कुमार, भीम सिंह, अशोक कुमार, नायब सदर कानूनगो सहित सभी कानूनगो और तहसील बापौली के प्रधान राकेश मलिक समेत अन्य मौजूद रहे।
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पटवारियों और कानूनगो के धरने की वजह से अब तक जिले की तहसीलों में करीब 30 हजार इंतकाल लंबित हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 15 हजार रिहायशी प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। हाल ही में घोषित हुए ग्रुप डी के परिणाम में ईडब्ल्यूएस यानी इकॉनामी वीकर सेक्शन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित पांच प्रतिशत वेटेज लेने वाले चयनकर्ताओं के प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे चयनित लोग तहसील परिसर में चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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दी रिवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे इस सांकेतिक धरने में नगर निगम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुभाष चंडालिया ने कहा कि सरकार एक तरफ तो कहती है कि हम सबका विकास करेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे। दूसरी ओर पटवारियों की अनदेखी की जा रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा रोडवेज और वर्तमान हरियाणा किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह मलिक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ खिलवाड़ कर रही है। एसोसिएशन जिला प्रधान मुकेश कुमार और उप प्रधान विजेंद्र शर्मा ने कहा की सरकार कर्मचारियों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर रही है। इससे आमजन को परेशानी के साथ ही सरकार को भी लगभग 50 करोड रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
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मीडिया प्रभारी सुधांशु ने बताया कि पिछले 13 दिन बाद भी सरकार ने धरने पर चल रहे पटवारी और कर्मचारियों की कोई सुध नहीं ली। इस कारण प्रांतीय कार्यकारिणी ने 18 और 19 जनवरी को भी धरने का आह्वान किया है। नगर निगम कर्मचारी संघ के उप प्रधान बलराज कृष्ण बागड़ी, राजेंद्र, ओम प्रकाश, वेद प्रकाश, सचिव आदि ने मंगलवार को धरने को संबोधित किया। मौके पर इरफान अली, विजेंद्र कुमार, भीम सिंह, अशोक कुमार, नायब सदर कानूनगो सहित सभी कानूनगो और तहसील बापौली के प्रधान राकेश मलिक समेत अन्य मौजूद रहे।