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इस बार डोली में सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, नहीं माना जा रहा शुभ संकेत
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छह अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या है। अगले ही दिन से यानी 07 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र आरंभ हो जाएंगे। प्रतिपदा तिथि पर घर-घर मां का आगमन होता है, जबकि अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्याओं का पूजन कर मां की विदाई की जाती है। अबकी बार द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही दिन होने के कारण नवरात्र 8 दिन के होंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे के अनुसार मां दुर्गा हर बार अलग-अलग सवारी पर सवार हो कर आती हैं। जो भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देता है। इस वर्ष मां दुर्गा शारदीय नवरात्र पर डोली में सवार होकर आ रही हैं। ज्योतिष नजरिए से मां का आगमन डोली की सवारी के साथ आना और नवरात्र के दिन घटना शुभ नहीं माना जाता है।
साल भर में चैत्र और शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इसमें देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा आराधना होती है। आश्विन माह की प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ मां शक्ति की आराधना का पर्व शुरू हो जाएगा। नवरात्र के दौरान प्रतिपदा तिथि, अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। नवरात्र के नौ दिन बाद दशहरा पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा शारदीय नवरात्र में अपने मायके आती हैं। यहां रह कर अपने भक्तों के सभी दुख दूर करती हैं।
नवरात्र के दिनों का घटना शुभ संकेत नहीं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर किसी वर्ष नवरात्र नौ की बजाय 8 दिनों की हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। अगर 10 दिन हों तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
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डोली पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
मान्यता है कि हर बार मां दुर्गा अलग-अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं, जिनके अलग-अलग अर्थ हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इसका मतलब है कि मां दुर्गा डोली पर सवार हो कर आएंगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार जब नवरात्र की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार से होती है तो इसका अर्थ मां के डोली पर सवार होकर आने से है।
मां की सवारी के क्या हैं संकेत
मां का अपने मायके या भक्तों के घर आना और उन्हें अभयदान प्रदान करना हमेशा ही शुभ होता है। लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां दुर्गा का डोली पर सवार होकर आना भविष्य के लिए अशुभ संकेत दे रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां का डोली पर सवार होकर आना प्राकृतिक आपदा, महामारी और देश में शासन व्यवस्था में अस्थिरता का संकेत दे रहा है। इसके कारण हमें भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ये संकेत है मां दुर्गा का पूरी श्रद्घा और मनोयोग से पूजन करने का है।
किस दिन क्या होती है मां दुर्गा की सवारी
नवरात्रि का आरंभ वाहन
सोमवार और रविवार हाथी
शनिवार और मंगलवार घोड़े
बुधवार नाव
गुरुवार और शुक्रवार डोली
किस दिन किस देवी की होगी पूजा
7 अक्तूबर- मां शैलपुत्री
8 अक्तूबर- मां ब्रह्मचारिणी
9 अक्तूबर- मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा (तीसरा और चौथा नवरात्रि)
10 अक्तूबर- मां स्कंदमाता
11 अक्तूबर- मां कात्यायनी
12 अक्तूबर- मां कालरात्रि
13 अक्तूबर- मां महागौरी
14 अक्तूबर- मां सिद्धिदात्री
15 अक्तूबर- दशहरा और नवरात्र व्रत का पारण
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साल भर में चैत्र और शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इसमें देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा आराधना होती है। आश्विन माह की प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ मां शक्ति की आराधना का पर्व शुरू हो जाएगा। नवरात्र के दौरान प्रतिपदा तिथि, अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। नवरात्र के नौ दिन बाद दशहरा पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा शारदीय नवरात्र में अपने मायके आती हैं। यहां रह कर अपने भक्तों के सभी दुख दूर करती हैं।
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नवरात्र के दिनों का घटना शुभ संकेत नहीं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर किसी वर्ष नवरात्र नौ की बजाय 8 दिनों की हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। अगर 10 दिन हों तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
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डोली पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
मान्यता है कि हर बार मां दुर्गा अलग-अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं, जिनके अलग-अलग अर्थ हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इसका मतलब है कि मां दुर्गा डोली पर सवार हो कर आएंगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार जब नवरात्र की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार से होती है तो इसका अर्थ मां के डोली पर सवार होकर आने से है।
मां की सवारी के क्या हैं संकेत
मां का अपने मायके या भक्तों के घर आना और उन्हें अभयदान प्रदान करना हमेशा ही शुभ होता है। लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां दुर्गा का डोली पर सवार होकर आना भविष्य के लिए अशुभ संकेत दे रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां का डोली पर सवार होकर आना प्राकृतिक आपदा, महामारी और देश में शासन व्यवस्था में अस्थिरता का संकेत दे रहा है। इसके कारण हमें भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ये संकेत है मां दुर्गा का पूरी श्रद्घा और मनोयोग से पूजन करने का है।
किस दिन क्या होती है मां दुर्गा की सवारी
नवरात्रि का आरंभ वाहन
सोमवार और रविवार हाथी
शनिवार और मंगलवार घोड़े
बुधवार नाव
गुरुवार और शुक्रवार डोली
किस दिन किस देवी की होगी पूजा
7 अक्तूबर- मां शैलपुत्री
8 अक्तूबर- मां ब्रह्मचारिणी
9 अक्तूबर- मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा (तीसरा और चौथा नवरात्रि)
10 अक्तूबर- मां स्कंदमाता
11 अक्तूबर- मां कात्यायनी
12 अक्तूबर- मां कालरात्रि
13 अक्तूबर- मां महागौरी
14 अक्तूबर- मां सिद्धिदात्री
15 अक्तूबर- दशहरा और नवरात्र व्रत का पारण