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Panipat News: असम और बंगाल के रास्ते करते हैं घुसपैठ, ठेकेदारों के जरिये मिलती है फैक्टरी में नौकरी
Tue, 26 Aug 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:43 AM IST
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- अब तक 40 बांग्लादेशियों की हो चुकी तलाश, आज सात को भेजा जाएगा बीएसएफ कैंप
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी परिवारों को जल्द डिपोर्ट किया जाएगा। अब तक पुलिस 40 बांग्लादेशियों को तलाश चुकी है। इनमें से 33 को वापस भेजा जा चुका है, वहीं सात लोगों को मंगलवार को पश्चिम बंगाल के बीएसएफ कैंप में भेजा जाएगा।
इन से हुई पूछताछ में कई हैरान कर देने वाली बातें सामने आईं हैं। बांग्लादेशी पश्चिम बंगाल और असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करते हैं। इसके बाद ठेकेदारों के माध्यम से पानीपत पहुंचते हैं और फैक्टरियों में नौकरी मिल जाती है। खास बात यह है कि कुछ के पास भारतीय पते पर बने पहचान पत्र और राशन कॉर्ड तक हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच करा रही है।
जिले में बड़ी संख्या में फैक्टरी हैं। जिस कारण यहां पर कई राज्यों के श्रमिक काम करते हैं। जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिक सबसे अधिक हैं। इन्हीं की आड़ में जिले में बड़ी संख्या में अवैध रूप से घुसपैठ कर आए बांग्लादेशी भी फैक्टरियों में काम कर रहे हैं। एक इनपुट के बाद पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की तलाश के लिए अभियान चलाया है।
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अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों ने पूछताछ मेें बताया कि वह बांग्लादेश से आसाम और पश्चिमी बंगाल के रास्ते अवैध रूप से बॉर्डर पार कर भारत में घुसे थे। इसके बाद खुद को आसाम और बंगाल का नागरिक बताकर देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंच रहे हैं। पानीपत पहुंचने के बाद बांग्लादेशी ठेकेदारों से संपर्क करते हैं और फैक्टरियों में नौकरी करने लगते हैं। अब तक मिले परिवारों में ज्यादातर 15 से 30 साल पहले आकर भारत में रहने लगे थे। कुछ के पास भारतीय दस्तावेज भी मिले हैं।
33 को भेजा गया वापस
जिले में अब तक अवैध रूप से रहे रहे बांग्लादेशियों को तलाशा जा चुका है। जिनमें से 33 को बांग्लादेश भेजा जा चुका है। करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर-25 में रह रहे एक ही परिवार के सात सदस्यों को हिरासत में लिया गया था। उन्हें डी-पोर्ट करने के लिए बीएसएफ कैंप भेजा गया है। जहां से 29 अगस्त को बांग्लादेश भेजा जाएगा।
वर्जन
अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की तलाश के लिए जिले में अभियान चल रहा है। जो पकड़े गए हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है। कुछ अन्य अभी पुलिस की रडार पर हैं। उन्हें भी जल्द तलाश कर वापस भेजा जाएगा।
-सुरेश सैनी, डीएसपी पानीपत
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी परिवारों को जल्द डिपोर्ट किया जाएगा। अब तक पुलिस 40 बांग्लादेशियों को तलाश चुकी है। इनमें से 33 को वापस भेजा जा चुका है, वहीं सात लोगों को मंगलवार को पश्चिम बंगाल के बीएसएफ कैंप में भेजा जाएगा।
इन से हुई पूछताछ में कई हैरान कर देने वाली बातें सामने आईं हैं। बांग्लादेशी पश्चिम बंगाल और असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करते हैं। इसके बाद ठेकेदारों के माध्यम से पानीपत पहुंचते हैं और फैक्टरियों में नौकरी मिल जाती है। खास बात यह है कि कुछ के पास भारतीय पते पर बने पहचान पत्र और राशन कॉर्ड तक हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच करा रही है।
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जिले में बड़ी संख्या में फैक्टरी हैं। जिस कारण यहां पर कई राज्यों के श्रमिक काम करते हैं। जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिक सबसे अधिक हैं। इन्हीं की आड़ में जिले में बड़ी संख्या में अवैध रूप से घुसपैठ कर आए बांग्लादेशी भी फैक्टरियों में काम कर रहे हैं। एक इनपुट के बाद पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की तलाश के लिए अभियान चलाया है।
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अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों ने पूछताछ मेें बताया कि वह बांग्लादेश से आसाम और पश्चिमी बंगाल के रास्ते अवैध रूप से बॉर्डर पार कर भारत में घुसे थे। इसके बाद खुद को आसाम और बंगाल का नागरिक बताकर देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंच रहे हैं। पानीपत पहुंचने के बाद बांग्लादेशी ठेकेदारों से संपर्क करते हैं और फैक्टरियों में नौकरी करने लगते हैं। अब तक मिले परिवारों में ज्यादातर 15 से 30 साल पहले आकर भारत में रहने लगे थे। कुछ के पास भारतीय दस्तावेज भी मिले हैं।
33 को भेजा गया वापस
जिले में अब तक अवैध रूप से रहे रहे बांग्लादेशियों को तलाशा जा चुका है। जिनमें से 33 को बांग्लादेश भेजा जा चुका है। करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर-25 में रह रहे एक ही परिवार के सात सदस्यों को हिरासत में लिया गया था। उन्हें डी-पोर्ट करने के लिए बीएसएफ कैंप भेजा गया है। जहां से 29 अगस्त को बांग्लादेश भेजा जाएगा।
वर्जन
अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की तलाश के लिए जिले में अभियान चल रहा है। जो पकड़े गए हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है। कुछ अन्य अभी पुलिस की रडार पर हैं। उन्हें भी जल्द तलाश कर वापस भेजा जाएगा।
-सुरेश सैनी, डीएसपी पानीपत