पानीपत: राख से मालामाल होगा थर्मल, पहली बार 300 करोड़ में सौदा, सीमेंट फैक्टरी को बेची
थर्मल पहले एनएचएआई को निशुल्क राख देता था। इसमें ट्रांसपोर्टेशन के 500 करोड़ भी अपने पास से लगाता था।
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पानीपत थर्मल ने पहली बार अपनी राख बेचनी शुरू की है। श्री सीमेंट को यह राख 152 रुपये प्रति टन के हिसाब बेची जाएगी। शुक्रवार को थर्मल की झील से राख का पहला टैंकर श्री सीमेंट के लिए रवाना किया गया। राख की बिक्री से थर्मल को करीब 300 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे लेकिन उसे फायदा 800 करोड़ रुपये का होगा।
दरअसल, अभी तक थर्मल अपनी राख एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को निशुल्क देता था और इसके ट्रांसपोर्टेशन के लिए अपने पास से 500 करोड़ रुपये भी लगाता था। इस तरह 500 करोड़ रुपये भी बचेंगे यानी 800 करोड़ रुपये का थर्मल को मुनाफा होगा।
हरियाणा पावर कारपोरेशन लिमिटेड के तत्वावधान में थर्मल प्रबंधन ने राख की बिक्री के लिए ई-ऑक्शन किया था। यह प्रक्रिया पूरी होने पर तय हुआ कि थर्मल अपनी राख अब श्री सीमेंट को बिक्री करेगा। गौरतलब है कि अभी तक थर्मल अपनी राख को हाईवे के निर्माण में इस्तेमाल के लिए निशुल्क दे रहा था।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह से राख के निस्तारण के लिए थर्मल प्रबंधन को ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी वहन करना पड़ता था। एनएचआई के एक ओएमयू के अनुसार थर्मल को फ्री में राख दी जा रही थी। इसके ट्रांसपोर्टेशन का खर्च ही करीब 500 करोड़ रुपये था।
श्री सीमेंट को राख की बिक्री से थर्मल को 300 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे यानी कुल 800 करोड़ रुपये का उसे फायदा होगा। इसके अलावा थर्मल के आसपास के ग्रामीणों को राख उड़ने से होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
एमएसटीसी के टेंडर में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी श्री सीमेंट थी। इसमें 152 रुपये प्रति टन के हिसाब से राख को बेचा जाएगा। श्री सीमेंट ने राख को खरीद कर समाज उपयोगी और राज्य के राजस्व की ओर भी कदम बढ़ाया है। थर्मल और कंपनी ने अनुबंध पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। थर्मल की ओर से कंपनी को राखी के उठान पर कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने भी इस कदम की काफी प्रशंसा की है। - जीत सिंह, एक्सईएन, थर्मल