{"_id":"61201bf88ebc3e79d862e7f4","slug":"there-will-be-a-struggle-for-320-seats-in-government-college-bapoli-panipat-news-knl80564230","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो ब्लॉक में एकमात्र राजकीय महाविद्यालय बापौली में 320 सीटों पर होगी जद्दोजहद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो ब्लॉक में एकमात्र राजकीय महाविद्यालय बापौली में 320 सीटों पर होगी जद्दोजहद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेजों में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद सनौली व बापौली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों के विद्यार्थियों को राजकीय कॉलेज बापौली में एडमिशन लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। सनौली-बापौली ब्लॉक में गांव बहरामपुर-बापौली के राजकीय कॉलेज में मात्र 320 सीटें हैं। जबकि जिले की करीब एक चौथाई आबादी सनौली-बापौली ब्लॉक में रहती है। इस सत्र से महाविद्यालय नॉन-मेडिकल की 20 सीटें भी शुरू करने जा रहा है लेकिन इतने बड़े क्षेत्र को कवर कर पाना एकमात्र कॉलेज के लिए चुनौती बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार कॉलेजों में एडमिशन के लिए प्रवेश प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू हो चुकी है। कोरोना महामारी को देखते हुए कॉलेज में आवेदन व दाखिला प्रक्रिया को लेकर एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों के मार्गदशन के लिए कॉलेज में काउंसलिंग कमेटी का गठन किया गया है। निर्देशानुसार कोविड-19 के चलते कॉलेज में आवेदन व दाखिला प्रक्रिया फिलहाल ऑनलाइन होगी।
- उच्चतर शिक्षा से वंचित हैं 80 फीसदी छात्राएं
सनौली-बापौली ब्लॉक में उच्चतर शिक्षा के लिए एकमात्र राजकीय कॉलेज होने से क्षेत्र की करीब 40 फीसदी आबादी उच्चतर शिक्षा से वंचित हैं। सूत्रों के अनुसार 12वीं कक्षा पास करने के बाद दोनों ब्लॉक से करीब 80 फीसदी छात्राएं उच्चतर शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहीं हैं। लड़कियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी अभाव है। अब तो फिर भी जागरूकता बढ़ी है और छात्र-छात्राएं उच्चतर शिक्षा के लिए पानीपत शहर की ओर रूख कर रहे हैं। लेकिन राजकीय महाविद्यालय बापौली की स्थापना अर्थात वर्ष 2012-13 से पहले क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी। इसका मुख्य कारण सनौली-बापौली क्षेत्र में उच्चतर शिक्षा के लिए महाविद्यालय का न होना रहा है।
विज्ञापन
वाहन सुविधा न होना भी कम साक्षरता का प्रमुख कारण
राजकीय महाविद्यालय बहरामपुर-बापौली हालांकि सनौली व बापौली ब्लॉक के 49 गांवों के लगभग केंद्र में हैं लेकिन अधिकतर गांवों का बापौली से सीधा जुड़ाव नहीं हैं। न ही विभिन्न गांवों से बापौली के लिए सीधी बसें जाती हैं। इसलिए अधिकतर विद्यार्थी उच्चतर शिक्षा के लिए बापौली जाने की बजाय पानीपत शहर के कॉलेजों में जाना पसंद करते हैं। उच्चतर शिक्षा के मामले में पर्याप्त सुविधाएं न होने से अभिभावक भी लड़कियों को उच्चतर शिक्षा दिलवाने से कतराते हैं। यमुना के साथ लगते कई गांव ऐसे हैं जहां उच्चतर शिक्षा का ग्राफ काफी नीचे है।
- राजकीय महिला महाविद्यालय मडलौडा में विभिन्न कोर्सेंस की सीटें
बीए 240
बीकॉम 80
बीएससी नॉन मेडिकल 20
कुल 340
वर्जन-
चालू सत्र में विद्यार्थियों को मिलेगी नॉन-मेडिकल की सुविधा: अबरोल
- राजकीय महाविद्यालय बापौली उच्चतर शिक्षा के मामले में पूरे क्षेत्र में एकमात्र महाविद्यालय है। राजकीय महाविद्यालय बापौली में यूजी कक्षाओं के लिए कला तथा वाणिज्य संकाय की सुविधा है। वहीं, इस सत्र में नॉन-मेडिकल की सुविधा शुरू की गई है। आवेदन प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू हो चुकी है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइन के अनुसार कॉलेज में आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। कॉलेज में कुल 340 सीटों पर दाखिले होने हैं। यूनिवर्सिटी के निर्देशानुसार ही दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी और कक्षाएं लगाई जाएंगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी लगाया गया है।
- संजू अबरोल, प्राचार्या, राजकीय महाविद्यालय, बहरामपुर-बापौली।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कॉलेजों में एडमिशन के लिए प्रवेश प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू हो चुकी है। कोरोना महामारी को देखते हुए कॉलेज में आवेदन व दाखिला प्रक्रिया को लेकर एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों के मार्गदशन के लिए कॉलेज में काउंसलिंग कमेटी का गठन किया गया है। निर्देशानुसार कोविड-19 के चलते कॉलेज में आवेदन व दाखिला प्रक्रिया फिलहाल ऑनलाइन होगी।
विज्ञापन
- उच्चतर शिक्षा से वंचित हैं 80 फीसदी छात्राएं
सनौली-बापौली ब्लॉक में उच्चतर शिक्षा के लिए एकमात्र राजकीय कॉलेज होने से क्षेत्र की करीब 40 फीसदी आबादी उच्चतर शिक्षा से वंचित हैं। सूत्रों के अनुसार 12वीं कक्षा पास करने के बाद दोनों ब्लॉक से करीब 80 फीसदी छात्राएं उच्चतर शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहीं हैं। लड़कियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी अभाव है। अब तो फिर भी जागरूकता बढ़ी है और छात्र-छात्राएं उच्चतर शिक्षा के लिए पानीपत शहर की ओर रूख कर रहे हैं। लेकिन राजकीय महाविद्यालय बापौली की स्थापना अर्थात वर्ष 2012-13 से पहले क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी। इसका मुख्य कारण सनौली-बापौली क्षेत्र में उच्चतर शिक्षा के लिए महाविद्यालय का न होना रहा है।
विज्ञापन
वाहन सुविधा न होना भी कम साक्षरता का प्रमुख कारण
राजकीय महाविद्यालय बहरामपुर-बापौली हालांकि सनौली व बापौली ब्लॉक के 49 गांवों के लगभग केंद्र में हैं लेकिन अधिकतर गांवों का बापौली से सीधा जुड़ाव नहीं हैं। न ही विभिन्न गांवों से बापौली के लिए सीधी बसें जाती हैं। इसलिए अधिकतर विद्यार्थी उच्चतर शिक्षा के लिए बापौली जाने की बजाय पानीपत शहर के कॉलेजों में जाना पसंद करते हैं। उच्चतर शिक्षा के मामले में पर्याप्त सुविधाएं न होने से अभिभावक भी लड़कियों को उच्चतर शिक्षा दिलवाने से कतराते हैं। यमुना के साथ लगते कई गांव ऐसे हैं जहां उच्चतर शिक्षा का ग्राफ काफी नीचे है।
- राजकीय महिला महाविद्यालय मडलौडा में विभिन्न कोर्सेंस की सीटें
बीए 240
बीकॉम 80
बीएससी नॉन मेडिकल 20
कुल 340
वर्जन-
चालू सत्र में विद्यार्थियों को मिलेगी नॉन-मेडिकल की सुविधा: अबरोल
- राजकीय महाविद्यालय बापौली उच्चतर शिक्षा के मामले में पूरे क्षेत्र में एकमात्र महाविद्यालय है। राजकीय महाविद्यालय बापौली में यूजी कक्षाओं के लिए कला तथा वाणिज्य संकाय की सुविधा है। वहीं, इस सत्र में नॉन-मेडिकल की सुविधा शुरू की गई है। आवेदन प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू हो चुकी है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइन के अनुसार कॉलेज में आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। कॉलेज में कुल 340 सीटों पर दाखिले होने हैं। यूनिवर्सिटी के निर्देशानुसार ही दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी और कक्षाएं लगाई जाएंगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी लगाया गया है।
- संजू अबरोल, प्राचार्या, राजकीय महाविद्यालय, बहरामपुर-बापौली।