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Panipat News: सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, कई दिन बादल छाने के आसार
Sat, 28 Mar 2026 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 28 Mar 2026 02:21 AM IST
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दिनभर चली तेज हवा के साथ आसमान में छाए रहे हल्के बादल। संवाद
पानीपत। मौसम ने फिर से करवट ली है। जिले में शुक्रवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। दिन में हवा की रफ्तार बढ़ने से अधिकतम तापमान में चार डिग्री तो न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की कमी आई है। मौसम करवट लेने से सरसों व गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ ने आगामी कई दिन बादल छाने व सोमवार को बारिश का अनुमान जताया है।
जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। मौसम के बार-बार करवट लेने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में शुक्रवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में कमी आई है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। बारिश होने व हवा की रफ्तार बढ़ने से किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सताने लगा है। डाहर निवासी सुशील और जगबीर ने बताया कि उन्होंने सरसों की फसल लगाई हुई है जो करीब आधी फसल की कटाई हो चुकी है अब मौसम के बदलने से फसल उत्पादन कम होने का डर बना हुआ है। इस समय बारिश होती है तो खेत में पड़ी फसल पानी में रहकर खराब हो जाएगी और हवा तेज चलती है तो खड़ी फसल झड़ सकती है। इस समय न तो बारिश सही है और न ही हवा की तेज रफ्तार। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। आगामी कई दिन बादल छाए रहने और सोमवार को बारिश हो सकती है। ऐसे में सरसों उत्पादक किसानों को मौसम साफ होने के इंतजार करना चाहिए और उसके बाद ही सरसों की कटाई करनी चाहिए। क्योंकि सरसों कटने के बाद पानी में रहकर खराब होने और झड़ सकती है।
दिन अधिकतम/न्यूनतम तापमान
शुक्रवार 29/18
शनिवार 30/15
रविवार 31/19
सोमवार 33/19
मंगलवार 32/17
बुधवार 32/17
वीरवार 34/18
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जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। मौसम के बार-बार करवट लेने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में शुक्रवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में कमी आई है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। बारिश होने व हवा की रफ्तार बढ़ने से किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सताने लगा है। डाहर निवासी सुशील और जगबीर ने बताया कि उन्होंने सरसों की फसल लगाई हुई है जो करीब आधी फसल की कटाई हो चुकी है अब मौसम के बदलने से फसल उत्पादन कम होने का डर बना हुआ है। इस समय बारिश होती है तो खेत में पड़ी फसल पानी में रहकर खराब हो जाएगी और हवा तेज चलती है तो खड़ी फसल झड़ सकती है। इस समय न तो बारिश सही है और न ही हवा की तेज रफ्तार। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। आगामी कई दिन बादल छाए रहने और सोमवार को बारिश हो सकती है। ऐसे में सरसों उत्पादक किसानों को मौसम साफ होने के इंतजार करना चाहिए और उसके बाद ही सरसों की कटाई करनी चाहिए। क्योंकि सरसों कटने के बाद पानी में रहकर खराब होने और झड़ सकती है।
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दिन अधिकतम/न्यूनतम तापमान
शुक्रवार 29/18
शनिवार 30/15
रविवार 31/19
सोमवार 33/19
मंगलवार 32/17
बुधवार 32/17
वीरवार 34/18