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जिले में कोई पशु मंडी न होने के बाद भी अब किसानों को पशु खरीदने पर देना होगा 4 प्रतिशत टैक्स
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पशु पालने वाले किसानों के लिए सरकार अब एक नया टैक्स लेकर आई है। अब किसानों को पशु खरीदने पर करीब 4 प्रतिशत तक टैक्स देना होगा। जिले में एक भी पशु मंडी न होने के बाद भी यह नियम लागू किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा प्रदेश के किसानों को वीडियो जारी करके टैक्स के बारे में बताया तो जिले के किसानों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि अगर टैक्स वापस नहीं लिया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। जिले के किसानों का कहना है कि सरकार पशु पालने वाले छोटे पशु पालक व छोटे किसानों के लिए एक मंडी तक नहीं बनवा पाई है और अब सरकार किसानों को लूटने का एक नया तरीका लेकर आई है। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अपने वायरल वीडियो में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने टैक्स वसूलने के लिए ठेका भी दे दिया है। सरकार किसानों को रास्ते में रोक कर टैक्स वसूलेगी।
जिले के किसान सरकार से बनाए गए नए टैक्स नियम को वापस लेने की बात कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि वह इस नियम को रद्द नहीं करेंगे तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इससे पहले भी वह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर ही रहे हैं। जिले के किसानों ने बताया कि पहले पशु खरीदने वाले को 60 रुपये देने पड़ते थे जिसको अब 4 प्रतिशत कर दिया गया है।
पशु बेचने पर बनाए हुए इस टैक्स को सरकार जल्द से जल्द खत्म करे, नहीं तो किसान फिर से भारी संख्या में एकजुट होकर सरकार विरोधी प्रदर्शन करेंगे। सरकार को यह नियम बनाने से पहले कम से कम हर जिले में एक पशु मंडी तो बनानी चाहिए थी।
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-सुुधीर जाखड़, जिला प्रधान भारतीय किसान यूनियन
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जिले के किसान सरकार से बनाए गए नए टैक्स नियम को वापस लेने की बात कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि वह इस नियम को रद्द नहीं करेंगे तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इससे पहले भी वह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर ही रहे हैं। जिले के किसानों ने बताया कि पहले पशु खरीदने वाले को 60 रुपये देने पड़ते थे जिसको अब 4 प्रतिशत कर दिया गया है।
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पशु बेचने पर बनाए हुए इस टैक्स को सरकार जल्द से जल्द खत्म करे, नहीं तो किसान फिर से भारी संख्या में एकजुट होकर सरकार विरोधी प्रदर्शन करेंगे। सरकार को यह नियम बनाने से पहले कम से कम हर जिले में एक पशु मंडी तो बनानी चाहिए थी।
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-सुुधीर जाखड़, जिला प्रधान भारतीय किसान यूनियन