{"_id":"66e8d2d680afc1f6b20c6cf6","slug":"there-is-danger-to-life-due-to-leakage-in-corporations-condom-building-panipat-news-c-244-1-pnp1004-124382-2024-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: निगम की कंडम इमारत टपकने से जान का बना रहता है खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: निगम की कंडम इमारत टपकने से जान का बना रहता है खतरा
विज्ञापन
पानीपत। पालिका बाजार नगर निगम कार्यालय की इमारत इस कदर जर्जर हो चुकी है कि इसकी पहली मंजिल की छत से लगातार पानी टपकता रहता है जो फर्श पर जमा हो रहा है। इससेे किसी के भी फिसलकर गिरने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा छत से मलबा भी टूट कर नीचे गिरता है। जो किसी को भी घायल कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि ये इमारत 40 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। इसका रखरखाव न होने की वजह से यहां अब हर समय लोगों को हादसों का डर बना रहता है। इस इमारत में ऊपर एक ओर नगर निगम अधिकारियों के कार्यालय हैं तो नीचे दुकानें हैं। दूसरी ओर संपत्ति कर शाखा है। यहां रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। पहले भी इस इमारत की रिसती छत को कभी तारकोल से तो कभी पॉलिथीन लगाकर रोकने का प्रयास किया जाता रहा है। बावजूद इसकी स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी। हालांकि निगम अधिकारियों ने इस इमारत पर करीब 20 करोड़ की लागत से बड़ा प्रोजेक्ट बनाने के लिए विचार विमर्श भी किया लेकिन ये भी सिरे नहीं चढ़ सका।
गौरतलब है कि निगम की ये इमारत 1984 में बनी थी, जो अपने 40 साल की उम्र को अब पार कर चुकी है। एक साल पहले तत्कालीन डीसी ने निगम का दौरा कर कार्यालय की रिपेयरिंग के आदेश भी दिए थे। कुछ पैचवर्क लगा रिपेयरिंग तो की गई लेकिन सही तरीके से नहीं हुई। इसके बाद नगर निगम ने इस इमारत को कंडम घोषित करने की तैयारी भी की। पीडब्लयूडी बीएंडआर एक्ट के तहत विभाग अधिकारियों को इमारत का अवलोकन करने के लिए पत्राचार तक किया गया।
विज्ञापन
बॉक्स
इस इमारत में हैं ये दफ्तर
पालिका बाजार निगम कार्यालय की इमारत में एक ओर प्रॉपर्टी टैक्स शाखा है। इसी ओर संयुक्त आयुक्त का कार्यालय है। तो दूसरी ओर नगर निगम की लेखा जोखा शाखा के अधिकारियों के दफ्तर हैं। यहां उप निगम आयुक्त का कार्यालय है। इसके दूसरे तल पर प्रधानमंत्री आवास योजना, सफाई शाखा के अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय भी यहीं हैं। यहीं पर नगर निगम कर्मचारी यूनियन का कार्यालय भी है। इस इमारत के भूतल पर दुकानें बनी हैं। जिनमें आज भी दुकानदार काबिज हैं।
बॉक्स
नए कार्यालय का काम थमा
दूसरी ओर नगर निगम के दोनों दफ्तरों को एग्रो मॉल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट में अब कानूनी पेंच फंसा है। मार्केटिंग बोर्ड की जमीन पर बनी एग्रो मॉल की इमारत को कुर्क करने के आदेश हो चुके हैं। जबकि निगम इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये मार्केटिंग बोर्ड को दे चुका है। वहीं, करीब सात करोड़ से इस इमारत को निगम बनाने के लिए लगाए जा रहे हैं।
वर्जन:
इस विषय पर अधिकारियों से इमारत के कंडम होने से लेकर नया प्रोजेक्ट बनाने की विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद जो भी सकारात्मक और आवश्यक कदम होंगे उठाए जाएंगे।
डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, आयुक्त नगर निगम।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ये इमारत 40 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। इसका रखरखाव न होने की वजह से यहां अब हर समय लोगों को हादसों का डर बना रहता है। इस इमारत में ऊपर एक ओर नगर निगम अधिकारियों के कार्यालय हैं तो नीचे दुकानें हैं। दूसरी ओर संपत्ति कर शाखा है। यहां रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। पहले भी इस इमारत की रिसती छत को कभी तारकोल से तो कभी पॉलिथीन लगाकर रोकने का प्रयास किया जाता रहा है। बावजूद इसकी स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी। हालांकि निगम अधिकारियों ने इस इमारत पर करीब 20 करोड़ की लागत से बड़ा प्रोजेक्ट बनाने के लिए विचार विमर्श भी किया लेकिन ये भी सिरे नहीं चढ़ सका।
विज्ञापन
गौरतलब है कि निगम की ये इमारत 1984 में बनी थी, जो अपने 40 साल की उम्र को अब पार कर चुकी है। एक साल पहले तत्कालीन डीसी ने निगम का दौरा कर कार्यालय की रिपेयरिंग के आदेश भी दिए थे। कुछ पैचवर्क लगा रिपेयरिंग तो की गई लेकिन सही तरीके से नहीं हुई। इसके बाद नगर निगम ने इस इमारत को कंडम घोषित करने की तैयारी भी की। पीडब्लयूडी बीएंडआर एक्ट के तहत विभाग अधिकारियों को इमारत का अवलोकन करने के लिए पत्राचार तक किया गया।
विज्ञापन
बॉक्स
इस इमारत में हैं ये दफ्तर
पालिका बाजार निगम कार्यालय की इमारत में एक ओर प्रॉपर्टी टैक्स शाखा है। इसी ओर संयुक्त आयुक्त का कार्यालय है। तो दूसरी ओर नगर निगम की लेखा जोखा शाखा के अधिकारियों के दफ्तर हैं। यहां उप निगम आयुक्त का कार्यालय है। इसके दूसरे तल पर प्रधानमंत्री आवास योजना, सफाई शाखा के अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय भी यहीं हैं। यहीं पर नगर निगम कर्मचारी यूनियन का कार्यालय भी है। इस इमारत के भूतल पर दुकानें बनी हैं। जिनमें आज भी दुकानदार काबिज हैं।
बॉक्स
नए कार्यालय का काम थमा
दूसरी ओर नगर निगम के दोनों दफ्तरों को एग्रो मॉल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट में अब कानूनी पेंच फंसा है। मार्केटिंग बोर्ड की जमीन पर बनी एग्रो मॉल की इमारत को कुर्क करने के आदेश हो चुके हैं। जबकि निगम इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये मार्केटिंग बोर्ड को दे चुका है। वहीं, करीब सात करोड़ से इस इमारत को निगम बनाने के लिए लगाए जा रहे हैं।
वर्जन:
इस विषय पर अधिकारियों से इमारत के कंडम होने से लेकर नया प्रोजेक्ट बनाने की विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद जो भी सकारात्मक और आवश्यक कदम होंगे उठाए जाएंगे।
डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, आयुक्त नगर निगम।