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Panipat News: डाक कांवड़ लेने हरिद्वार गया युवक गंगा में बहा
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पानीपत। डाक कांवड़ लेने हरिद्वार गया पानीपत जिले के बिहोली गांव का 18 वर्षीय युवक शुक्रवार शाम गंगा में डुबकी लगाते समय बह गया। वह चंडी घाट पर स्नान कर रहा था। आखिरी डुबकी लगाते समय उसका संतुलन बिगड़ गया था। साथ में स्नान कर रहे दो साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। उन्होंने हादसे की सूचना परिजनों और वहां की पुलिस को दी। पुलिस ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
बिहोली गांव के सरपंच संदीप ने बताया कि गांव से 12 जुलाई को करीब तीन डाक कांवड़ हरिद्वार गई थी। इनमें करीब 30 युवा कांवड़ लेने गए थे। इनमें 18 वर्षीय शिवम पुत्र सतबीर भी शामिल था। वह 14 जुलाई की शाम हरिद्वार में चंडी घाट पर गंगा में डुबकी लगा रहे थे। सभी नहाकर बाहर निकले तो शिवम ने कहा कि उसे गर्मी लग रही है और वह एक आखिरी डुबकी लगाने चला गया। चंडी घाट पर गंगा का बहाव तेज था। शिवम ने जैसे ही आखिरी डुबकी लगाई, वह अपना नियंत्रण खो बैठा और गंगा की धारा में बह गया। उन्हें कुछ दूरी पर उसके सिर्फ हाथ ऊपर दिखाई दिए। दोस्त अंकित व मोहित ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। कुछ दूरी के बाद शिवम गंगा में डूब गया। इसके बाद उन्होंने शिवम के परिजनों और वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
पिता सतबीर ने बताया कि वह एक फैक्टरी में काम करता है। उसके दो लड़के हैं। बड़ा बेटा हितेश एक अकाउंटेंट के पास काम सीखता है। छोटा बेटा शिवम 12वीं के बाद आईटीआई कर रहा था। वह तीसरी बार डाक कांवड़ लेने गया था। उनकी पत्नी सुनीता गृहिणी हैं।
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बिहोली गांव के सरपंच संदीप ने बताया कि गांव से 12 जुलाई को करीब तीन डाक कांवड़ हरिद्वार गई थी। इनमें करीब 30 युवा कांवड़ लेने गए थे। इनमें 18 वर्षीय शिवम पुत्र सतबीर भी शामिल था। वह 14 जुलाई की शाम हरिद्वार में चंडी घाट पर गंगा में डुबकी लगा रहे थे। सभी नहाकर बाहर निकले तो शिवम ने कहा कि उसे गर्मी लग रही है और वह एक आखिरी डुबकी लगाने चला गया। चंडी घाट पर गंगा का बहाव तेज था। शिवम ने जैसे ही आखिरी डुबकी लगाई, वह अपना नियंत्रण खो बैठा और गंगा की धारा में बह गया। उन्हें कुछ दूरी पर उसके सिर्फ हाथ ऊपर दिखाई दिए। दोस्त अंकित व मोहित ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। कुछ दूरी के बाद शिवम गंगा में डूब गया। इसके बाद उन्होंने शिवम के परिजनों और वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
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पिता सतबीर ने बताया कि वह एक फैक्टरी में काम करता है। उसके दो लड़के हैं। बड़ा बेटा हितेश एक अकाउंटेंट के पास काम सीखता है। छोटा बेटा शिवम 12वीं के बाद आईटीआई कर रहा था। वह तीसरी बार डाक कांवड़ लेने गया था। उनकी पत्नी सुनीता गृहिणी हैं।
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