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महिला ने कार में दिया बच्ची को जन्म, डिलीवरी केेे बाद एक घंटा तक तड़पती रही
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पानीपत। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी के बाहर गेट पर कार में हुई महिला की डिलीवरी।
- फोटो : Panipat
सिविल अस्पताल के गेट पर एक महिला ने कार में बच्ची को जन्म दिया। महिला के पति ने इस बारे में इमरजेंसी के डॉक्टरों को बताया। स्टाफ नर्स बच्ची को प्रसूति वार्ड में ले गई, लेकिन महिला को कार में ही छोड़ दिया। एक घंटे तक महिला कार में बिलखती रही। इस दौरान लगातार रक्त रिसाव होता रहा, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। पति का धैर्य जवाब दे गया। उसके हंगामा करने पर स्टाफ नर्सों ने महिला को प्रसूति वार्ड में शिफ्ट किया। फिलहाल दोनों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शांति नगर निवासी गुलफशा पत्नी शहजाद की यह तीसरी डिलीवरी थी। शहजाद एक फैक्टरी में काम करता है। शनिवार सुबह गुलफशा को प्रसव पीड़ा हुई। पति शहजाद पड़ोसी नितिन की कार में पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा। गेट पर ही गुलफशा ने कार में बेटी को जन्म दिया। शहजाद और नितिन इमरजेंसी वार्ड में गए और स्टाफ नर्सों को इस बारे में बताया।
स्टाफ नर्सों ने कार से बच्ची को निकालकर प्रसूति वार्ड में पहुंचाया। गुलफशा की सास का आरोप है कि एक घंटे तक गुलफशा कार में बिलखती रही, उसको लगातार रक्त रिसाव होता रहा। गुलफशा के कपड़े बदले गए न ही उसे प्रसूति वार्ड में शिफ्ट किया गया। ऐसे में वो बेहोशी की हालत में आ गई थी। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। इस बारे में डॉक्टरों से बात करेंगे।
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शांति नगर निवासी गुलफशा पत्नी शहजाद की यह तीसरी डिलीवरी थी। शहजाद एक फैक्टरी में काम करता है। शनिवार सुबह गुलफशा को प्रसव पीड़ा हुई। पति शहजाद पड़ोसी नितिन की कार में पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा। गेट पर ही गुलफशा ने कार में बेटी को जन्म दिया। शहजाद और नितिन इमरजेंसी वार्ड में गए और स्टाफ नर्सों को इस बारे में बताया।
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स्टाफ नर्सों ने कार से बच्ची को निकालकर प्रसूति वार्ड में पहुंचाया। गुलफशा की सास का आरोप है कि एक घंटे तक गुलफशा कार में बिलखती रही, उसको लगातार रक्त रिसाव होता रहा। गुलफशा के कपड़े बदले गए न ही उसे प्रसूति वार्ड में शिफ्ट किया गया। ऐसे में वो बेहोशी की हालत में आ गई थी। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। इस बारे में डॉक्टरों से बात करेंगे।
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