{"_id":"655a74d90376ccebe80579e8","slug":"the-turban-of-the-head-of-kisan-bhavan-adorned-the-head-of-surajbhan-the-war-that-broke-out-over-chaudhar-for-the-last-eight-months-subsided-panipat-news-c-244-1-pnp1003-9446-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सूरजभान के सिर सजी किसान भवन के प्रधान की पगड़ी, आठ महीने से चौधर पर छिड़ी जंग शांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सूरजभान के सिर सजी किसान भवन के प्रधान की पगड़ी, आठ महीने से चौधर पर छिड़ी जंग शांत
विज्ञापन
पानीपत/बापौली। भारतीय किसान यूनियन किसान भवन पानीपत के प्रधान पद को लेकर करीब आठ महीने से छिड़ी चौधर की जंग के बीच रविवार को सूरजभान को प्रधान चुन लिया गया। बापौली के सरकारी स्कूल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल के बीच चुनाव कराया गया और पानीपत किसान भवन में नवनियुक्त प्रधान को नियुक्ति पत्र दिया गया। इसके साथ किसान भवन के मुख्य गेट पर लगा पूर्व प्रधान का बोर्ड उतार दिया गया। उन्हें चार्ज के साथ भवन का करीब 5.70 लाख रुपये नकद सौंपा गया।
भारतीय किसान यूनियन किसान भवन पानीपत के प्रधान के चुनाव को लेकर रविवार को राजकीय सीसे सरकारी स्कूल बापौली में रविवार को बापौली व सनौली खुर्द ब्लाॅकों के किसानों की बैठक हुई, जिसमें प्रधान पद के लिए सूरजभान रावल गढ़ी भल्लौर, सोनू मालपुरिया के समर्थन में जगपाल गोयला खुर्द, तेजपाल उझा और संदीप देशवाल कुराड़ ने दावेदारी की। बैठक की अध्यक्षता किसान भवन कमेटी के संयोजक एडवोकेट पवन कादियान ने की। इसके अलावा प्रशासन द्वारा नियुक्त एडहॉक कमेटी भी बैठक में शामिल रही। नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे। बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह भारी पुलिसबल के साथ मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए बापौली और सनौली खंड के किसानों को ही प्रवेश करने दिया गया। प्रधान पद के चारों उम्मीदवारों को किसानों का समर्थन पेश करने का मौका दिया। सूरजभान रावल ने बहुमत दिखाया। कमेटी ने उनको प्रधान घोषित कर दिया। तेजपाल उझा ने भी अपना समर्थन सूरजभान को दे दिया था। सूरजभान के प्रधान बनने पर उनके समर्थक किसानों ने उसका फूलमालाओं से स्वागत किया और नवनियुक्त प्रधान सूरजभान ढोल बजाते हुए जुलूस के रूप में पानीपत किसान भवन पहुंचे। यहां सर छोटू राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प लिया। किसान भवन कमेटी के संयोजक एडवोकेट पवन कादियान और हरेंद्र राणा ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर जयकरण कादियान, नरसिंह बैनीवाल, चूहड़ सिंह रावल, सुखबीर आट्टा, ऋषिपाल रावल, रमेश रावल, अजमेर कुहाड़, पूर्व सरपंच सोनू रुहल मौजूद रहे।
पिछले टर्म में समालखा खंड से सोनू मालपुरिया को प्रधान बनाया गया था। इस बार बापौली-सनौली खंड से प्रधान बनाने की बारी थी। सोनू मालपुरिया ने इससे पहले चार अगस्त को किसान भवन में बैठक बुलाकर अपना कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल करने का फैसला लिया था। किसान संगठनों ने इसका विरोध किया। इसे लेकर काफी हंगामा रहा। मामला थाना पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया। सीटीएम ने नया प्रधान बनने तक 10 सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया और इसका संयोजक एडवोकेट पवन कादियान को बनाया गया। इसके बाद भवन को लेकर कई बार विवाद उठे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन किसान भवन पानीपत के प्रधान के चुनाव को लेकर रविवार को राजकीय सीसे सरकारी स्कूल बापौली में रविवार को बापौली व सनौली खुर्द ब्लाॅकों के किसानों की बैठक हुई, जिसमें प्रधान पद के लिए सूरजभान रावल गढ़ी भल्लौर, सोनू मालपुरिया के समर्थन में जगपाल गोयला खुर्द, तेजपाल उझा और संदीप देशवाल कुराड़ ने दावेदारी की। बैठक की अध्यक्षता किसान भवन कमेटी के संयोजक एडवोकेट पवन कादियान ने की। इसके अलावा प्रशासन द्वारा नियुक्त एडहॉक कमेटी भी बैठक में शामिल रही। नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे। बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह भारी पुलिसबल के साथ मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए बापौली और सनौली खंड के किसानों को ही प्रवेश करने दिया गया। प्रधान पद के चारों उम्मीदवारों को किसानों का समर्थन पेश करने का मौका दिया। सूरजभान रावल ने बहुमत दिखाया। कमेटी ने उनको प्रधान घोषित कर दिया। तेजपाल उझा ने भी अपना समर्थन सूरजभान को दे दिया था। सूरजभान के प्रधान बनने पर उनके समर्थक किसानों ने उसका फूलमालाओं से स्वागत किया और नवनियुक्त प्रधान सूरजभान ढोल बजाते हुए जुलूस के रूप में पानीपत किसान भवन पहुंचे। यहां सर छोटू राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प लिया। किसान भवन कमेटी के संयोजक एडवोकेट पवन कादियान और हरेंद्र राणा ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर जयकरण कादियान, नरसिंह बैनीवाल, चूहड़ सिंह रावल, सुखबीर आट्टा, ऋषिपाल रावल, रमेश रावल, अजमेर कुहाड़, पूर्व सरपंच सोनू रुहल मौजूद रहे।
विज्ञापन
पिछले टर्म में समालखा खंड से सोनू मालपुरिया को प्रधान बनाया गया था। इस बार बापौली-सनौली खंड से प्रधान बनाने की बारी थी। सोनू मालपुरिया ने इससे पहले चार अगस्त को किसान भवन में बैठक बुलाकर अपना कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल करने का फैसला लिया था। किसान संगठनों ने इसका विरोध किया। इसे लेकर काफी हंगामा रहा। मामला थाना पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया। सीटीएम ने नया प्रधान बनने तक 10 सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया और इसका संयोजक एडवोकेट पवन कादियान को बनाया गया। इसके बाद भवन को लेकर कई बार विवाद उठे थे।
विज्ञापन