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Panipat News: कोहरे से निपटने के दावे पर सच्चाई आपके सामने
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पानीपत। जिले में धुंध व कोहरे में सफर खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन की लापरवाही से लोगों की जान जोखिम है। धुंध व कोहरे के सीजन को देखते हुए प्रशासन सिर्फ बैठक कर मुस्तैदी के दावे करता रहा, कागजों में गंभीरता दिखाई गई। वास्तव में प्रशासन ने सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं लगाई। ब्लाइंड कटों, निर्माणाधीन सड़कों व खतरनाक कटों की सूचना बोर्ड लगाकर नहीं दी गई। पानीपत में तीन स्टेट हाईवे हैं जिसमें गोहाना रोड असंध रोड व सनौली रोड हैं।
तीनों ही व्यस्त मार्ग है। तीनों पर रात को सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। गोहाना रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क के दोनों और ढाई ढाई फीट तक गड्ढे खोदे गए हैं। रात को धुंध में वाहन चालक इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहे , आए दिन मोटरसाइकिल सवार इनमें गिरकर घायल हो रहे हैं।
एनएफएल नाका से डाहर से तक सफर बेहद जोखिम भरा है। प्रशासन ने निर्माणाधीन गोहाना रोड पर सड़क के किनारे किनारे मिट्टी के कट्टे भरकर रखे हुए हैं ताकि वाहन चालक गड्ढे का अंदाजा लगा सके लेकिन यह हादसों का कारण बन रहे हैं। रात को मोटरसाइकिलों की इन्हीं में टक्कर होती है। हर वर्ष जिले में सड़क हादसों में औसतन 275 लोगों की मौत हो जाती है और 520 से ज्यादा लोग घायल होते हैं। 60 फीसदी सड़क हादसे दिसंबर से मार्च में होते हैं।
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असंध रोड ःअसंध रोड पानीपत से जींद तक सिंगल ही है। इस रोड पर सफर करना जोखिमभरा है। सिंगल रोड पर सफर करना खतरनाक है। यहां दिशा सूचकों की कमी है। सफेद पट्टी नहीं लगाई गई। थर्मल के पास इस सड़क पर सबसे अधिक ज्यादा हादसे होते हैं।
यहां होते हैं अधिक हादसे ः हाईवे पर गांजबड़, बडौली, बाबरपुर मंडी, टोल प्लाजा, यमुना एनक्लेव कट, मलिक पेट्रोल पंप के सामने और अनाज मंडी कट के पास हादसे होते हैं। इसी तरह से नांगल खेड़ी के पास बीबीएमबी कट के सामने, सिवाह, पुलिस लाइन, समालखा अनाज मंडी के सामने, पट्टीकल्याणा के पास भी कट पर हादसे होते हैं।
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तीनों ही व्यस्त मार्ग है। तीनों पर रात को सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। गोहाना रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क के दोनों और ढाई ढाई फीट तक गड्ढे खोदे गए हैं। रात को धुंध में वाहन चालक इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहे , आए दिन मोटरसाइकिल सवार इनमें गिरकर घायल हो रहे हैं।
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एनएफएल नाका से डाहर से तक सफर बेहद जोखिम भरा है। प्रशासन ने निर्माणाधीन गोहाना रोड पर सड़क के किनारे किनारे मिट्टी के कट्टे भरकर रखे हुए हैं ताकि वाहन चालक गड्ढे का अंदाजा लगा सके लेकिन यह हादसों का कारण बन रहे हैं। रात को मोटरसाइकिलों की इन्हीं में टक्कर होती है। हर वर्ष जिले में सड़क हादसों में औसतन 275 लोगों की मौत हो जाती है और 520 से ज्यादा लोग घायल होते हैं। 60 फीसदी सड़क हादसे दिसंबर से मार्च में होते हैं।
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असंध रोड ःअसंध रोड पानीपत से जींद तक सिंगल ही है। इस रोड पर सफर करना जोखिमभरा है। सिंगल रोड पर सफर करना खतरनाक है। यहां दिशा सूचकों की कमी है। सफेद पट्टी नहीं लगाई गई। थर्मल के पास इस सड़क पर सबसे अधिक ज्यादा हादसे होते हैं।
यहां होते हैं अधिक हादसे ः हाईवे पर गांजबड़, बडौली, बाबरपुर मंडी, टोल प्लाजा, यमुना एनक्लेव कट, मलिक पेट्रोल पंप के सामने और अनाज मंडी कट के पास हादसे होते हैं। इसी तरह से नांगल खेड़ी के पास बीबीएमबी कट के सामने, सिवाह, पुलिस लाइन, समालखा अनाज मंडी के सामने, पट्टीकल्याणा के पास भी कट पर हादसे होते हैं।