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लगातार आठवें दिन जारी रही काम छोड़ हड़ताल, अब तीन दिन और बढ़ाए
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पानीपत। नगर निगम कर्मचारियों की बुधवार को लगातार आठवें दिन भी हड़ताल जारी रही। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। निगम कर्मियों की हड़ताल से जहां शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई है वहीं, निगम में तकनीकी से लेकर क्लर्क स्तर के काम भी लटके हुए हैं। जिससे शहरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के लोग निगम जाते जरूर हैं लेकिन हड़ताल देख लौट आते हैँ। यूनियन पदाधिकारियों ने सरकार और निगम प्रशासन को चेताया है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो उनकी हड़ताल अनिश्चितकालीन के लिए भी हो सकती है।
अगर हड़ताल लंबे समय तक चली तो शहरवासियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी। अभी से शहर में कूड़े और गंदगी के ढेर लगना शुरू हो गए हैं। भले ही निगम ने शहर की सफाई की जिम्मेदारी तीन अलग अलग एजेंसियों को दी हो लेकिन निगम के सफाई कर्मी उल्टी झाडू लिए बैठे हैं।
बता दें कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 19 और 20 अक्तूबर को दो दिन की हड़ताल का फैसला लिया गया था। इसके पहले दिन निकाय मंत्री और संघ के बीच चंडीगढ़ में वार्ता हुई लेकिन मंत्री ने मांगों को नहीं माना। उनकी मांगों में कच्चे कर्मचारियो को पक्का करना, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का ठेका प्रथा समाप्त करना, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर करने और उनका रुका हुआ वेतन देने, 50 लाख रुपये कोरोना से मरने वाले कर्मचारियों को देने की मांग रखी।
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इसके अलावा चार हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, फायर के कर्मचारियों को पदों पर समायोजित करने और अन्य जितनी भी मांग पत्र में वर्णित मांगे हैं उनको मानने से सरकार ने मना कर दिया है। जिस कारण सरकार से वार्ता विफल रही। इसके बाद संघ ने हड़ताल को 23 अक्तूबर तक जारी रखने का फैसला लिया गया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद 26 अक्तूबर भी आई पर सहमति नहीं बनी। अब हड़ताल को तीन दिन के लिए बढ़ाया गया है।
इस हड़ताल में निगम ऑफिस कर्मचारी, माली, बेलदार, सेवादार, चौकीदार, फायर कर्मचारी, सफाई कर्मचारी कच्चे व पक्के सभी ने भाग लिया। इस मौके पर प्रधान सुभाष चंडालिया, उपप्रधान बलराज, कैशियर संजय, ऑडिटर सतीश, प्रेस सचिव बलवान, महिला प्रधान पूनम, महिला उपप्रधान रीटा, फायर प्रधान रणबीर नांदल, फायर सचिव बलराज सैनी, सलाहकार रमेश बागडी, ओमप्रकाश, कृष्ण बागडी, राजेंद्र आदि सहित कर्मचारी मौजूद रहे।
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अगर हड़ताल लंबे समय तक चली तो शहरवासियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी। अभी से शहर में कूड़े और गंदगी के ढेर लगना शुरू हो गए हैं। भले ही निगम ने शहर की सफाई की जिम्मेदारी तीन अलग अलग एजेंसियों को दी हो लेकिन निगम के सफाई कर्मी उल्टी झाडू लिए बैठे हैं।
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बता दें कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 19 और 20 अक्तूबर को दो दिन की हड़ताल का फैसला लिया गया था। इसके पहले दिन निकाय मंत्री और संघ के बीच चंडीगढ़ में वार्ता हुई लेकिन मंत्री ने मांगों को नहीं माना। उनकी मांगों में कच्चे कर्मचारियो को पक्का करना, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का ठेका प्रथा समाप्त करना, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर करने और उनका रुका हुआ वेतन देने, 50 लाख रुपये कोरोना से मरने वाले कर्मचारियों को देने की मांग रखी।
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इसके अलावा चार हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, फायर के कर्मचारियों को पदों पर समायोजित करने और अन्य जितनी भी मांग पत्र में वर्णित मांगे हैं उनको मानने से सरकार ने मना कर दिया है। जिस कारण सरकार से वार्ता विफल रही। इसके बाद संघ ने हड़ताल को 23 अक्तूबर तक जारी रखने का फैसला लिया गया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद 26 अक्तूबर भी आई पर सहमति नहीं बनी। अब हड़ताल को तीन दिन के लिए बढ़ाया गया है।
इस हड़ताल में निगम ऑफिस कर्मचारी, माली, बेलदार, सेवादार, चौकीदार, फायर कर्मचारी, सफाई कर्मचारी कच्चे व पक्के सभी ने भाग लिया। इस मौके पर प्रधान सुभाष चंडालिया, उपप्रधान बलराज, कैशियर संजय, ऑडिटर सतीश, प्रेस सचिव बलवान, महिला प्रधान पूनम, महिला उपप्रधान रीटा, फायर प्रधान रणबीर नांदल, फायर सचिव बलराज सैनी, सलाहकार रमेश बागडी, ओमप्रकाश, कृष्ण बागडी, राजेंद्र आदि सहित कर्मचारी मौजूद रहे।