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Panipat News: रोहतक से क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम ने शहर की दो कॉलोनी जांचा लार्वा
Fri, 25 Jul 2025 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 25 Jul 2025 03:44 AM IST
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पानीपत। मौसम बदलाव से साथ जिले में मलेरिया-डेंगू का खतरा बढ़ गया है। रोहतक से क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम ने वीरवार को शहरी क्षेत्र में परमहंस कुटिया और बतरा कॉलोनी में घरों में लार्वा की जांच की। इस दौरान टीम दोनों कॉलोनियों के 134 घरों में पहुंची। टीम ने परमहंस कुटिया में 69 और बतरा कॉलोनी में 67 घर में लार्वा की जांच की तो दोनों कॉलोनियों के नौ घरों में लार्वा मिला। इस पर टीम ने मकान मालिकों को नोटिस दे दिए। इसके साथ लोगों को जागरूक किया और मलेरिया-डेंगू, चिकनगुनिया के पंप्लेट बांटे गए। इसके अलावा बुखार के संदिग्ध मरीजों की जांच कर उनकी रक्त पट्टिकाएं बनाई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार मलेरिया-डेंगू जागरूकता कार्यक्रम व सर्वे चलाए जा रहे हैं। अब तक जिले में मलेरिया के 10 पॉजीटिव केस मिले हैं। इनमें से एक स्थानीय और नौ बाहरी क्षेत्रों से आए मरीज रहे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता व सर्वे कार्यक्रम बढ़ा दिए हैं। क्योंकि बारिश के मौसम में मलेरिया-डेंगू फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। वीरवार को रोहतक से जिले में क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम आई। टीम ने परमहंस कुटिया और बतरा कॉलोनी में मच्छरों की जांच की।
एडिज और क्यूलेक्स मच्छर मिला
टीम ने परमहंस कुटिया क्षेत्र में 69 घरों में लार्वा की जांच की। जिनमें से चार घरों में लार्वा मिला। लार्वा नष्ट कर टीम ने मकान मालिकों को नोटिस दिए और जागरूक किया। निर्मल कुटिया क्षेत्र में दो एडिज मच्छर, सात क्यूलेक्स के मच्छर पाए गए। बतरा कॉलोनी में 67 घरों में लार्वा की जांच की। जिनमें पांच घरों में लार्वा मिला। इनमें एक एडिज मच्छर, छह क्यूलेक्स मच्छर पाए। लार्वा पाए जाने वाले मकान मालिकों को नोटिस दिया गया।
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इस मच्छर से यह बीमारी होती
क्यूलेक्स मच्छर मनुष्यों और अन्य जानवरों की एक या एक से अधिक महत्वपूर्ण बीमारियों के वाहक के रूप में काम करता है। इनमें वेस्ट नाइल वायरस, जापानी इंसेफेलाइटिस या सेंट लुइस इंसेफेलाइटिस जैसे अर्बोवायरस संक्रमण, फाइलेरिया और एवियन मलेरिया भी शामिल हैं। एडीज मच्छर से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और पीत ज्वर जैसी बीमारी फैलती हैं।
वर्जन :
रोहतक से क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम ने दो कॉलोनियों में मच्छरों की जांच की है। दोनों कॉलोनियों में एडिज और क्यूलेक्स मच्छर मिले हैं। लोगों को नोटिस दिए हैं। इसके साथ मलेरिया-डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम किए जाए रहे हैं।
डॉ. सुनील संदूजा, जिला मलेरिया अधिकारी।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार मलेरिया-डेंगू जागरूकता कार्यक्रम व सर्वे चलाए जा रहे हैं। अब तक जिले में मलेरिया के 10 पॉजीटिव केस मिले हैं। इनमें से एक स्थानीय और नौ बाहरी क्षेत्रों से आए मरीज रहे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता व सर्वे कार्यक्रम बढ़ा दिए हैं। क्योंकि बारिश के मौसम में मलेरिया-डेंगू फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। वीरवार को रोहतक से जिले में क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम आई। टीम ने परमहंस कुटिया और बतरा कॉलोनी में मच्छरों की जांच की।
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एडिज और क्यूलेक्स मच्छर मिला
टीम ने परमहंस कुटिया क्षेत्र में 69 घरों में लार्वा की जांच की। जिनमें से चार घरों में लार्वा मिला। लार्वा नष्ट कर टीम ने मकान मालिकों को नोटिस दिए और जागरूक किया। निर्मल कुटिया क्षेत्र में दो एडिज मच्छर, सात क्यूलेक्स के मच्छर पाए गए। बतरा कॉलोनी में 67 घरों में लार्वा की जांच की। जिनमें पांच घरों में लार्वा मिला। इनमें एक एडिज मच्छर, छह क्यूलेक्स मच्छर पाए। लार्वा पाए जाने वाले मकान मालिकों को नोटिस दिया गया।
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इस मच्छर से यह बीमारी होती
क्यूलेक्स मच्छर मनुष्यों और अन्य जानवरों की एक या एक से अधिक महत्वपूर्ण बीमारियों के वाहक के रूप में काम करता है। इनमें वेस्ट नाइल वायरस, जापानी इंसेफेलाइटिस या सेंट लुइस इंसेफेलाइटिस जैसे अर्बोवायरस संक्रमण, फाइलेरिया और एवियन मलेरिया भी शामिल हैं। एडीज मच्छर से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और पीत ज्वर जैसी बीमारी फैलती हैं।
वर्जन :
रोहतक से क्षेत्रीय कीट विज्ञान टीम ने दो कॉलोनियों में मच्छरों की जांच की है। दोनों कॉलोनियों में एडिज और क्यूलेक्स मच्छर मिले हैं। लोगों को नोटिस दिए हैं। इसके साथ मलेरिया-डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम किए जाए रहे हैं।
डॉ. सुनील संदूजा, जिला मलेरिया अधिकारी।