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Panipat News: मकर संक्रांति से शुरू होगा कुंभ का पवित्र स्नान और शुभ विवाह
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पानीपत। मकर संक्रांति का पर्व भारतवर्ष में धुमधाम से मनाया जाता है। इसके बाद ही विवाह जैसे शुभ कार्य दोबारा शुरू होते हैं। यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पंद्रहवे दिन ही पड़ता है।
इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य देव उत्तरायण हो जाते हैं। इस घटना को काफी शुभ माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है।
मकर संक्रांति से कुंभ का पवित्र स्नान शुरू हो जाएगा। प्राचीन श्री सिद्ध देवी मंदिर से पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि 10 जनवरी को एकादशी का व्रत किया जाएगा।
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12 को विवेकानंद जयंती मनाई जाएगी और 13 जनवरी को पूर्णिमा व्रत कथा की जाएगी। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में आ जाएंगे।
मकर संक्रांति के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का पवित्र स्नान और कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर का स्नान भी शुरू हो जाएगा। इस दिन विष्णु भगवान का चिंतन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
हवन और दान का विशेष महत्व
इस दिन हवन करने का और दान का विशेष महत्व माना जाता है। काले तिलों का हवन या दान करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है। धार्मिक पुस्तकों का दान और ब्राह्मणों को भोजन करना का भी विशेष महत्व है। मंगलवार को मकर संक्रांति होने से यह वर्ष सभी के लिए मंगल सिद्ध होगा।
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इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य देव उत्तरायण हो जाते हैं। इस घटना को काफी शुभ माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है।
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मकर संक्रांति से कुंभ का पवित्र स्नान शुरू हो जाएगा। प्राचीन श्री सिद्ध देवी मंदिर से पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि 10 जनवरी को एकादशी का व्रत किया जाएगा।
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12 को विवेकानंद जयंती मनाई जाएगी और 13 जनवरी को पूर्णिमा व्रत कथा की जाएगी। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में आ जाएंगे।
मकर संक्रांति के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का पवित्र स्नान और कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर का स्नान भी शुरू हो जाएगा। इस दिन विष्णु भगवान का चिंतन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
हवन और दान का विशेष महत्व
इस दिन हवन करने का और दान का विशेष महत्व माना जाता है। काले तिलों का हवन या दान करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है। धार्मिक पुस्तकों का दान और ब्राह्मणों को भोजन करना का भी विशेष महत्व है। मंगलवार को मकर संक्रांति होने से यह वर्ष सभी के लिए मंगल सिद्ध होगा।