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Panipat News: श्री शिवमहापुराण कथा में सुनाई महामृत्युंजय मंत्र की महिमा
Sun, 03 May 2026 03:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 03 May 2026 03:29 AM IST
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कुरुक्षेत्र। श्री शिवमहापुराण कथा में आरती में हिस्सा लेते श्रद्धालु। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। पटियाला बैंक कॉलोनी के मनोकामना सिद्ध श्री शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में करवाई जा रही श्री शिव महापुराण कथा शनिवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर कथाव्यास आचार्य रमेश उनियाल (हरिद्वार) ने महामृत्युंजय मंत्र की महिमा के साथ-साथ ऋषि मार्कण्डेय की उप कथा और शिवमहापुराण के श्रवण का महत्व बताया। पूर्वांचल समाज महासभा प्रदेशाध्यक्ष संतोष पासवान,श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत कुरुक्षेत्र के प्रधान विशाल सिंगला,समाजसेवी श्याम जुनेजा और विवेक भारद्वाज डब्बू ने शिव पूजन किया। पुजारी पंडित उमेश पाठक ने सभी यजमानों, सहयोगियों और अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किया।
आचार्य रमेश उनियाल ने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का वह शक्तिशाली मंत्र है, जो मृत्यु के भय,अकाल मृत्यु, और असाध्य रोगों से रक्षा करता है। यह मंत्र स्वास्थ्य, दीर्घायु, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी माना जाता है। नियमित जाप से मानसिक शांति,नकारात्मकता का नाश, और शिव कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि यह मंत्र अकाल मृत्यु के योग को टालने और जीवन को सुरक्षित रखने में सक्षम है। गंभीर या लंबे समय से चले आ रहे रोगों से राहत पाने के लिए यह मंत्र अचूक माना जाता है। यह मनुष्य के मन से सभी प्रकार के डर को दूर करता है और किसी भी अनजाने खतरे या राजभय से रक्षा करता है। कुंडली में मौजूद ग्रह दोषों या ग्रहों से होने वाली पीड़ा को कम करने के लिए भी यह महामंत्र उत्तम माना गया है। इस मंत्र के जाप से घर में अशांति, गृह क्लेश, और परेशानियों का शमन होता है। यह मंत्र मानसिक,शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है और मोक्ष प्रदान करने वाला मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है। इस अवसर पर गायक सीताराम कश्यप ने भगवान शिव के मधुर भजन सुनाए। शिव आरती में आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, सौरभ शास्त्री, उज्जवल शर्मा,सौर्यांश तिवारी,मुख्य यजमान विनोद सिंगला, अशोक सिंगला, दर्शन पुरी,दलीप राय और महिंदर खन्ना सहित कॉलोनीवासी शामिल रहे। संवाद
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आचार्य रमेश उनियाल ने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का वह शक्तिशाली मंत्र है, जो मृत्यु के भय,अकाल मृत्यु, और असाध्य रोगों से रक्षा करता है। यह मंत्र स्वास्थ्य, दीर्घायु, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी माना जाता है। नियमित जाप से मानसिक शांति,नकारात्मकता का नाश, और शिव कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि यह मंत्र अकाल मृत्यु के योग को टालने और जीवन को सुरक्षित रखने में सक्षम है। गंभीर या लंबे समय से चले आ रहे रोगों से राहत पाने के लिए यह मंत्र अचूक माना जाता है। यह मनुष्य के मन से सभी प्रकार के डर को दूर करता है और किसी भी अनजाने खतरे या राजभय से रक्षा करता है। कुंडली में मौजूद ग्रह दोषों या ग्रहों से होने वाली पीड़ा को कम करने के लिए भी यह महामंत्र उत्तम माना गया है। इस मंत्र के जाप से घर में अशांति, गृह क्लेश, और परेशानियों का शमन होता है। यह मंत्र मानसिक,शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है और मोक्ष प्रदान करने वाला मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है। इस अवसर पर गायक सीताराम कश्यप ने भगवान शिव के मधुर भजन सुनाए। शिव आरती में आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, सौरभ शास्त्री, उज्जवल शर्मा,सौर्यांश तिवारी,मुख्य यजमान विनोद सिंगला, अशोक सिंगला, दर्शन पुरी,दलीप राय और महिंदर खन्ना सहित कॉलोनीवासी शामिल रहे। संवाद
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