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हसन मियां की चौथी पीढ़ी बना रही रावण का पुतला

Fri, 11 Oct 2013 11:02 PM IST
कैथ्ाल
कैथ्ाल Updated Fri, 11 Oct 2013 11:02 PM IST
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The fourth generation of Mian Hassan making Ravana
हमें नहीं पता दंगे क्यों किए जा रहे हैं और हिंदू व मुस्लिम के नाम पर लोग
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एक दूसरे से क्यों लड़ रहे हैं। हम मुस्लिम होते हुए बीते 70 वर्षों से रावण के पुतले बना रहे हैं। यह बात पश्चिमी यूपी के बागपत जिले के रहने वाले मोहम्मद गुलफाम अहमद ने कही।  उन्होंने कहा कि दशहरा केवल हिंदूओं का ही नहीं हमारा भी त्योहार है।

हाल ही में दंगों से चर्चा में आए पश्चिमी यूपी के बागपत जिले के रहने वाले मोहम्मद गुलफाम अहमद अपने साथियों मोहम्मद अहमद आदिल और अन्य के साथ हरियाणा के जिले कैथल में दशहरा के दिन होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के लिए रावण का पुतला बनाने के लिए आए हुए हैं।
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करीब 70 वर्षोें से उनका पीढ़ियों से यह काम है। इस काम में एक महीने में उन्हें 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है।

गुलफाम ने बताया कि वे तो चाहते हैं कि दशहरा साल में दो बार मनाया जाए। उनका हिंदू-मुस्लिम विवाद में कोई विश्वास नहीं है। वे अच्छे संस्कारों वाले परिवार में पले-बढ़े हैं।
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इसी कारण वे सभी को अपना भाई मानते हैं। यही कारण है कि उनके पास इस सीजन में पांच शहरों में रावण के पुतले बनाए जाने के लिए ठेके मिले हुए हैं। इसमें कैथल, जींद, शामली, उनके पड़ोस का एक गांव सहित कैराना में भी उन्हें रावण का पुतला बनाने का ऑर्डर मिला है।

वह 14 साल से यह काम कर रहे हैं। उससे पूर्व उनके पिता ने 55 साल, उनके दादा ने 50 साल और उनके परदादा हसन अली ने भी यह काम दशकों तक किया।

वे दिल्ली के रामलीला मैदान के लिए भी पुतले बनाते थे। अब भी बनाते हैं। उसने अपने पिता से पुतला बनाने का प्रशिक्षण लिया तथा अब वह अपने साथियों के साथ मिलकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके में हुए दंगें पर उन्होंने कहा कि दंगों में उनका विश्वास नहीं है। उनके साथी अभी भी उन इलाकों में पुतले बना रहे हैं। जिन्हें कोई परेशानी नहीं आ रही है।


 अब वहां लगभग सब कुछ ठीक नजर आ रहा है। वे खुश हैं कि उन्हें हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत बनाने के काम में महारथ हासिल है। वे चाहते हैं कि सभी आपस में प्रेम-प्यार से रहें और एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करें। न कि धर्म के नाम पर एक दूसरे का विरोध करें।
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