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जोहड़ से बॉल निकाल रहे किशोर का पैर फिसला, बचाने गया किशोर भी डूबा
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पानीपत। नीतिन। फाइल फोटो।
- फोटो : Panipat
वार्ड-11 स्थित सैनी कॉलोनी में क्रिकेट खेलते समय जोहड़ में गिरी बॉल निकाल रहे एक किशोर का पैर फिसल गया। उसे बचाने आया दूसरा किशोर भी असंतुलित होकर जोहड़ में गिरकर डूब गया। दो अन्य किशोरों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। करीब 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद किशोरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर किला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में रखवाए। शनिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सैनी कॉलोनी निवासी नितिन (12) पुत्र पवन अपने छोटे भाई कार्तिक (10), दोस्त नीरज (13) पुत्र स्वर्गीय सुशील और चचेरे भाई ओटी के साथ दोपहर तीन बजे क्रिकेट खेलने के लिए निकले थे। उन्हें कोई जगह नहीं मिली तो वह कॉलोनी स्थित जोहड़ के पास पहुंच गए। वहां जोहड़ को बंद करने का कार्य चल रहा था। करीब 30 प्रतिशत हिस्से पर पड़ी मिट्टी पर चारों मिलकर क्रिकेट खेलने लगे। इसी बीच बॉल जोहड़ में जा गिरी। पहले नितिन ने बैट से बॉल निकालने का प्रयास किया, लेकिन बॉल दूर होती गई। नितिन ने जैसे ही हाथ बढ़ाया तो उसका पैर फिसल गया और वह जोहड़ में गिर गया। उसने बचाव के लिए आवाज लगाई तो नीरज पहुंचा, लेकिन वह भी असंतुलित होकर जोहड़ में गिर गया और दोनों डूब गए। वहीं नितिन का छोटा भाई कार्तिक व चचेरा भाई ओटी दोनों घर पहुंचे और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
अंकल, भाई और नीरज जोहड़ में गिर गए हैं बचा लो
प्रत्यक्षदर्शी राजेश ने बताया कि वह गली से गुजर रहा था कि कार्तिक रोते-रोते अपने घर जा रहा था। कार्तिक ने कहा कि अंकल भाई और नीरज जोहड़ में गिर गए हैं, उन्हें बचा लो। वह जोहड़ के पास पहुंचा और छलांग लगा दी। जोहड़ करीब 10 फीट गहरा है। उसने 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें निकाल लिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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चहारदीवारी थी, तब हादसा नहीं हुआ, हटाते ही हो गया : सोलंकी
कॉलोनी निवासी सोलंकी ने बताया कि पहले जोहड़ के चारों तरफ चहारदीवारी थी, लेकिन अब पिछले कई माह से जोहड़ को बंद करने के लिए कार्य चल रहा है। वार्ड पार्षद जोहड़ में मिट्टी डलवा रहे हैं, जिस वजह चहारदीवारी को तोड़ना पड़ा और दीवार तोड़ते ही हादसा हो गया।
कॉलोनी में नहीं कोई ग्राउंड
परिजनों ने बताया कि कॉलोनी में कोई क्रिकेट ग्राउंड या कोई अन्य स्थान नहीं है, जहां बच्चे कोई खेल सकें। प्रशासन को जोहड़ पर एक चौकीदार रखना चाहिए, ताकि कोई हादसा न हो सके। परिजनों का कहना है कि अगर साइट पर कोई चौकीदार होता तो शायद हादसा न होता।
हादसे के समय मृतक किशोरों के परिजन गए थे फैक्टरी
जिस समय हादसे की सूचना मिली तब नीरज और नितिन दोनों के ही परिजन घर पर नहीं थे। वह कॉलोनी में ही एक धागे की फैक्टरी में काम करने के लिए गए हुए थे। पड़ोसियों ने उन्हें फोन कर सूचना दी, जिसके बाद वह घर पहुंचे। हादसे की सूचना मिलते ही किशोरों की माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं और मेरे लाल आ जा, कहकर रो रही हैं।
प्रोफाइल
तीसरी कक्षा का छात्र था नितिन, तीन बहन भाईयों में बड़ा
मृतक नितिन के पिता पवन ने बताया कि वह और उसकी पत्नी माया दोनों एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा नितिन (12), फिर मंझला बेटा कार्तिक और सबसे छोटी बेटी वंशिका है। नितिन तीसरी कक्षा में पढ़ता था।
पिता की मौत के बाद नाना-नानी के पास रहता था नीरज
आठ मरला कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय नीरज के पिता सुशील की सात साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद नीरज मां सुमन के साथ सैनी कॉलोनी में अपने नाना महेंद्र के घर आकर रहने लगे थे। नीरज से बड़ी 18 वर्षीय बहन प्रियंका और 16 वर्षीय भाई प्रिंस है। जो कि आठ मरला में दादा-दादी के पास रहते हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दोनों किशोरों के शव को सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शनिवार को परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
-इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, किला थाना प्रभारी
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सैनी कॉलोनी निवासी नितिन (12) पुत्र पवन अपने छोटे भाई कार्तिक (10), दोस्त नीरज (13) पुत्र स्वर्गीय सुशील और चचेरे भाई ओटी के साथ दोपहर तीन बजे क्रिकेट खेलने के लिए निकले थे। उन्हें कोई जगह नहीं मिली तो वह कॉलोनी स्थित जोहड़ के पास पहुंच गए। वहां जोहड़ को बंद करने का कार्य चल रहा था। करीब 30 प्रतिशत हिस्से पर पड़ी मिट्टी पर चारों मिलकर क्रिकेट खेलने लगे। इसी बीच बॉल जोहड़ में जा गिरी। पहले नितिन ने बैट से बॉल निकालने का प्रयास किया, लेकिन बॉल दूर होती गई। नितिन ने जैसे ही हाथ बढ़ाया तो उसका पैर फिसल गया और वह जोहड़ में गिर गया। उसने बचाव के लिए आवाज लगाई तो नीरज पहुंचा, लेकिन वह भी असंतुलित होकर जोहड़ में गिर गया और दोनों डूब गए। वहीं नितिन का छोटा भाई कार्तिक व चचेरा भाई ओटी दोनों घर पहुंचे और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
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अंकल, भाई और नीरज जोहड़ में गिर गए हैं बचा लो
प्रत्यक्षदर्शी राजेश ने बताया कि वह गली से गुजर रहा था कि कार्तिक रोते-रोते अपने घर जा रहा था। कार्तिक ने कहा कि अंकल भाई और नीरज जोहड़ में गिर गए हैं, उन्हें बचा लो। वह जोहड़ के पास पहुंचा और छलांग लगा दी। जोहड़ करीब 10 फीट गहरा है। उसने 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें निकाल लिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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चहारदीवारी थी, तब हादसा नहीं हुआ, हटाते ही हो गया : सोलंकी
कॉलोनी निवासी सोलंकी ने बताया कि पहले जोहड़ के चारों तरफ चहारदीवारी थी, लेकिन अब पिछले कई माह से जोहड़ को बंद करने के लिए कार्य चल रहा है। वार्ड पार्षद जोहड़ में मिट्टी डलवा रहे हैं, जिस वजह चहारदीवारी को तोड़ना पड़ा और दीवार तोड़ते ही हादसा हो गया।
कॉलोनी में नहीं कोई ग्राउंड
परिजनों ने बताया कि कॉलोनी में कोई क्रिकेट ग्राउंड या कोई अन्य स्थान नहीं है, जहां बच्चे कोई खेल सकें। प्रशासन को जोहड़ पर एक चौकीदार रखना चाहिए, ताकि कोई हादसा न हो सके। परिजनों का कहना है कि अगर साइट पर कोई चौकीदार होता तो शायद हादसा न होता।
हादसे के समय मृतक किशोरों के परिजन गए थे फैक्टरी
जिस समय हादसे की सूचना मिली तब नीरज और नितिन दोनों के ही परिजन घर पर नहीं थे। वह कॉलोनी में ही एक धागे की फैक्टरी में काम करने के लिए गए हुए थे। पड़ोसियों ने उन्हें फोन कर सूचना दी, जिसके बाद वह घर पहुंचे। हादसे की सूचना मिलते ही किशोरों की माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं और मेरे लाल आ जा, कहकर रो रही हैं।
प्रोफाइल
तीसरी कक्षा का छात्र था नितिन, तीन बहन भाईयों में बड़ा
मृतक नितिन के पिता पवन ने बताया कि वह और उसकी पत्नी माया दोनों एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा नितिन (12), फिर मंझला बेटा कार्तिक और सबसे छोटी बेटी वंशिका है। नितिन तीसरी कक्षा में पढ़ता था।
पिता की मौत के बाद नाना-नानी के पास रहता था नीरज
आठ मरला कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय नीरज के पिता सुशील की सात साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद नीरज मां सुमन के साथ सैनी कॉलोनी में अपने नाना महेंद्र के घर आकर रहने लगे थे। नीरज से बड़ी 18 वर्षीय बहन प्रियंका और 16 वर्षीय भाई प्रिंस है। जो कि आठ मरला में दादा-दादी के पास रहते हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दोनों किशोरों के शव को सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शनिवार को परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
-इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, किला थाना प्रभारी

पानीपत। मृतक नीतिन की मां विलाप करती हुई बेटे के साथ (पीली टी-शर्ट) में फोटो दिखाती हुई।- फोटो : Panipat

पानीपत। वार्ड नंबर-11 स्थित सैनी कॉलोनी में मृतक नीतिन के घर पर विलाप करती हुई उसकी मां,दादी व अन्य ?- फोटो : Panipat

पानीपत। मृतक नीरज की मां व अन्य महिलाएं शव के पास विलाप करती हुई।- फोटो : Panipat