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महिला सेल के बाहर दामाद को पीटकर अधमरा किया
अमर उजाला पानीपत
Updated Sat, 10 May 2014 07:22 PM IST
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पानीपत। एसपी ऑफिस स्थित महिला सेल के बाहर कुछ लोगों ने अपने दामाद को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। युवक अपने परिवार के साथ पत्नी द्वारा महिला सेल में दर्ज शिकायत की पेशी पर आया था। युवक पुलिसकर्मियों से जान बचाने की गुहार लगाता रहा और एसपी कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी आगे आने की बजाय तमाशबीन बने रहे। यहीं नहीं, पीड़ित का सिविल अस्पताल में भी मेडिकल करने से मना कर दिया। पहले पुलिस और फिर चिकित्सकों की अनदेखी पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद डाक्टरों ने पीड़ित का मेडिकल किया और पुलिस बयान लेने पहुंची।
यमुना विहार कालोनी कैथल रोड करनाल निवासी सुरेंद्र शनिवार को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ एसपी कार्यालय स्थित महिला सेल में आया था। यहां पर उसकी पत्नी सुनीता निवासी पानीपत की शिकायत पर पेशी थी। महिला सेल ने पेशी के बाद दोनों पक्षों को आपस में सुलह करने का समय दे दिया। इसके बाद वे बाहर आ गए। आरोप है कि सुरेंद्र और उसके परिवार के लोग बाहर पहुंचे तो उसकी पत्नी के परिवार पक्ष के कुछ लोगों ने सुरेंद्र के साथ हाथापाई शुरू कर दी और देखते ही देखते उस पर लात-घूसे बरसाने शुरू कर दिए। सुरेंद्र पेट और गुप्तांग में लात-घूसे लगने से अधमरा होकर गिर पड़ा। परिजन कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों से बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी आगे नहीं आया। जब सुरेंद्र के पिता रामबीर सिंह बीचबचाव के लिए आगे आए तो उनके हाथ में पकड़ी छड़ी छीनकर उन पर तान दी और पिता को धक्का देकर गिरा दिया।
लघु सचिवालय के चौथे मंजिल पर स्थित एक कार्यालय की महिला अधिकारी मामले को देखकर वहां पहुंची और पुलिसकर्मियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद परिजनों की मदद से सुरेंद्र को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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दो माह पहले पत्नी आ गई थी मायका
करनाल निवासी रामबीर सिंह ने बताया कि उनका लड़का सुरेंद्र पेट्रोल पंप पर काम करता है और कई साल पहले पानीपत निवासी सुनीता के साथ उसकी शादी की थी। कुछ समय पहले दोनों में कहासुनी हो गई और 15-20 दिन पहले सुनीता अपने मायके आ गई। उसने महिला सेल में प्रताड़ना की शिकायत दे दी।
अस्पताल में प्रभावशाली से फोन कराने का आरोप
परिवार के लोग सुरेंद्र को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे, लेकिन यहां पर डाक्टरों ने उसका मेडिकल करने से मना कर दिया। आरोप है कि एमरजेंसी में तैनात डाक्टर की अनदेखी से सुरेंद्र काफी देर तक वहीं पर पड़ा रहा। परिजनों ने डाक्टर की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया और एक स्थानीय नेता द्वारा फोन कर मेडिकल न होने देने का आरोप लगाया। परिजनों का हंगामा होने की सूचना मिलते ही चिकित्सा अधिकारी एमरजेंसी में पहुंचे और परिजनों को आश्वस्त कर सुरेंद्र का इलाज कराया।
वर्जन
लघु सचिवालय में एक युवक के साथ मारपीट और तोड़फोड़ करने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। पुलिस पूछताछ में मारपीट में किसी तरह की चोट न लगने की जानकारी मिली है, वहीं सिविल अस्पताल से भी कोई रुक्का नहीं मिला। पुलिस को ऐसी शिकायत या सूचना मिलती है तो इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
-बलबीर सिंह, प्रभारी चौकी, सेक्टर-6/7 पानीपत
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यमुना विहार कालोनी कैथल रोड करनाल निवासी सुरेंद्र शनिवार को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ एसपी कार्यालय स्थित महिला सेल में आया था। यहां पर उसकी पत्नी सुनीता निवासी पानीपत की शिकायत पर पेशी थी। महिला सेल ने पेशी के बाद दोनों पक्षों को आपस में सुलह करने का समय दे दिया। इसके बाद वे बाहर आ गए। आरोप है कि सुरेंद्र और उसके परिवार के लोग बाहर पहुंचे तो उसकी पत्नी के परिवार पक्ष के कुछ लोगों ने सुरेंद्र के साथ हाथापाई शुरू कर दी और देखते ही देखते उस पर लात-घूसे बरसाने शुरू कर दिए। सुरेंद्र पेट और गुप्तांग में लात-घूसे लगने से अधमरा होकर गिर पड़ा। परिजन कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों से बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी आगे नहीं आया। जब सुरेंद्र के पिता रामबीर सिंह बीचबचाव के लिए आगे आए तो उनके हाथ में पकड़ी छड़ी छीनकर उन पर तान दी और पिता को धक्का देकर गिरा दिया।
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लघु सचिवालय के चौथे मंजिल पर स्थित एक कार्यालय की महिला अधिकारी मामले को देखकर वहां पहुंची और पुलिसकर्मियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद परिजनों की मदद से सुरेंद्र को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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दो माह पहले पत्नी आ गई थी मायका
करनाल निवासी रामबीर सिंह ने बताया कि उनका लड़का सुरेंद्र पेट्रोल पंप पर काम करता है और कई साल पहले पानीपत निवासी सुनीता के साथ उसकी शादी की थी। कुछ समय पहले दोनों में कहासुनी हो गई और 15-20 दिन पहले सुनीता अपने मायके आ गई। उसने महिला सेल में प्रताड़ना की शिकायत दे दी।
अस्पताल में प्रभावशाली से फोन कराने का आरोप
परिवार के लोग सुरेंद्र को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे, लेकिन यहां पर डाक्टरों ने उसका मेडिकल करने से मना कर दिया। आरोप है कि एमरजेंसी में तैनात डाक्टर की अनदेखी से सुरेंद्र काफी देर तक वहीं पर पड़ा रहा। परिजनों ने डाक्टर की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया और एक स्थानीय नेता द्वारा फोन कर मेडिकल न होने देने का आरोप लगाया। परिजनों का हंगामा होने की सूचना मिलते ही चिकित्सा अधिकारी एमरजेंसी में पहुंचे और परिजनों को आश्वस्त कर सुरेंद्र का इलाज कराया।
वर्जन
लघु सचिवालय में एक युवक के साथ मारपीट और तोड़फोड़ करने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। पुलिस पूछताछ में मारपीट में किसी तरह की चोट न लगने की जानकारी मिली है, वहीं सिविल अस्पताल से भी कोई रुक्का नहीं मिला। पुलिस को ऐसी शिकायत या सूचना मिलती है तो इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
-बलबीर सिंह, प्रभारी चौकी, सेक्टर-6/7 पानीपत