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बजट से उद्यमियों के चेहरे खिले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2022 02:32 AM IST
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The faces of entrepreneurs blossomed with the budget
पानीपत। सरकार ने पांच वर्ष बाद सरकारी डॉक्टरों की पीजी में कोटे की मांग को मान लिया है। बजट में सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी में दाखिले के लिए 40 प्रतिशत कोटा आरक्षित करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही अस्पताल में रेस्टोरेंट एवं विश्राम गृह बनाने का भी निर्णय लिया है। बुजुर्गों के लिए अस्पताल में अलग से ओपीडी का संचालन किया जाएगा। सीएचसी एवं पीएचसी को समय अपग्रेड किया जाएगा।
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हरियाणा सिविल सर्विसेज मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। इस साथ ही सरकारी डॉक्टरों के लिए तीन वर्ष में एनओसी मांगी है। सरकार ने 2017 में पीजी में कोटा खत्म कर दिया था। पीजी कोटा खत्म होने से सरकारी डॉक्टरों ने सरकारी नौकरी छोड़ना शुरू कर दिया था। बीते पांच वर्ष में 24 डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। अब पीजी कोटा दोबारा मिलने से डॉक्टर सरकारी अस्पताल में टिकेंगे।
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70 प्रतिशत विकलांगता वाले आयुष्मान योजना में शामिल
सीएम ने 70 प्रतिशत विकलांगता वालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज मिलेगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सर्वे भी करेगा और जागरूकता कैंप भी लगाएगा। बजट में डॉक्टरों को नए अस्पताल एवं क्लीनिक खोलने पर दो प्रतिशत ब्याज पर लोन देने का ऐलान किया गया है।
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पीजी में कोटे के लिए तीन साल में एनओसी दे
सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी में 40 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया है। इसका स्वागत करते हैं, लेकिन सीधी एसएमओ की भर्ती पर जल्द पूर्ण रूप से रोक लगे और सरकारी डॉक्टरों को पीजी में दाखिले के लिए तीन साल में एनओसी मिले। - डॉ. वीरेंद्र ढांडा, सचिव हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन
बजट अच्छा है, स्वास्थ्य को बढ़ावा मिला
सरकार ने स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने पर अस्पतालों को 15 दिन में पैसे मिलेंगे। इस पर सरकार की पहल, अच्छी बात है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को सुधारने पर भी बल दिया गया है। - डॉ. गौरव श्रीवास्तव, एमडी आईबीएम अस्पताल

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर करने का प्रयास
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर करने का सरकार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाई जा रही है। निजी अस्पतालों को भी बढ़ावा देने का प्रयास है। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि बजट बहुत अच्छा रहा। - डॉ. सुमित कुमार, एमडी सुमित स्किन अस्पताल
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