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Panipat News: मंडी की व्यवस्थाएं अधूरी, आढ़तियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जिले की मंडियों में नई धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सीजन की शुरुआत के साथ ही मंडियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। मार्केट कमेटी अब तक मंडियों में सफाई व्यवस्था का टेंडर पूरा नहीं कर पाई है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, धान के अच्छे भाव मिलने से किसानों को राहत है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन ने ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
समालखा और पानीपत मंडी में धान की आवक बढ़ने लगी है। इस बार 1509 किस्म के धान का भाव पिछले साल के मुकाबले करीब 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहा है। पिछले वर्ष 1509 किस्म 3000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी थी, जबकि इस बार सीजन की शुरुआत में ही किसानों को 3800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है।
पानीपत मंडी में वीरवार को सीजन के पहले दिन करीब 150 क्विंटल धान पहुंचा। इसमें से करीब 50 क्विंटल धान प्राइवेट मिलर्स ने खरीदा, जबकि बाकी फसल में नमी होने के कारण किसानों ने उसे सुखाने के लिए फड़ पर डाला।
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आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने कहा कि आढ़ती लंबे समय से ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों के समक्ष मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो आढ़ती हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
किसान बोले, अच्छे रेट के साथ सुविधाएं भी मिलें
डाहर गांव के किसान बलबीर ने बताया कि वह वीरवार को धान लेकर मंडी पहुंचे थे। उनकी फसल आते ही अच्छे भाव पर बिक गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में धान के भाव में और बढ़ोतरी हो सकती है। सिवाह गांव के किसान सर्वानंद ने बताया कि उनकी फसल में नमी अधिक होने के कारण उसे फड़ पर सुखाने के लिए डालना पड़ा। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को फसल के बेहतर दाम मिलने चाहिए और मंडियों में सुविधाएं भी पर्याप्त होनी चाहिए।
मंडी में साफ-सफाई का टेंडर लगा दिया गया है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है। केवल एक बिड ओपन होना बाकी है। इसे आगामी दो से तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
-अवतार शास्त्री, चेयरमैन, मार्केट कमेटी, पानीपत।
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समालखा और पानीपत मंडी में धान की आवक बढ़ने लगी है। इस बार 1509 किस्म के धान का भाव पिछले साल के मुकाबले करीब 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहा है। पिछले वर्ष 1509 किस्म 3000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी थी, जबकि इस बार सीजन की शुरुआत में ही किसानों को 3800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है।
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पानीपत मंडी में वीरवार को सीजन के पहले दिन करीब 150 क्विंटल धान पहुंचा। इसमें से करीब 50 क्विंटल धान प्राइवेट मिलर्स ने खरीदा, जबकि बाकी फसल में नमी होने के कारण किसानों ने उसे सुखाने के लिए फड़ पर डाला।
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आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने कहा कि आढ़ती लंबे समय से ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों के समक्ष मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो आढ़ती हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
किसान बोले, अच्छे रेट के साथ सुविधाएं भी मिलें
डाहर गांव के किसान बलबीर ने बताया कि वह वीरवार को धान लेकर मंडी पहुंचे थे। उनकी फसल आते ही अच्छे भाव पर बिक गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में धान के भाव में और बढ़ोतरी हो सकती है। सिवाह गांव के किसान सर्वानंद ने बताया कि उनकी फसल में नमी अधिक होने के कारण उसे फड़ पर सुखाने के लिए डालना पड़ा। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को फसल के बेहतर दाम मिलने चाहिए और मंडियों में सुविधाएं भी पर्याप्त होनी चाहिए।
मंडी में साफ-सफाई का टेंडर लगा दिया गया है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है। केवल एक बिड ओपन होना बाकी है। इसे आगामी दो से तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
-अवतार शास्त्री, चेयरमैन, मार्केट कमेटी, पानीपत।