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डॉक्टर बोले- रिपोर्ट आने के बाद ही होगा पोस्टमार्टम
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गांव निंबरी में हुई कुलदीप उर्फ विक्का के शव का कोविड़-19 टेस्ट कराना भारी पड़ गया। जांच अधिकारी दिलबाग मंगलवार को शव का एक्सरे कराने के बाद कोविड-19 टेस्ट कराने लैब में ले गए। जहां पर उन्होंने शव के सैंपल दिए। जब वह शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए शवगृह लेकर गए तो डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम होगा, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम तुरंत ही कराना चाह रही थी। बाद में पुलिस के आलाधिकारियों के हस्ताक्षेप पर आठ घंटे के इंतजार के बार पोस्टमार्टम हो सका।
डॉक्टर ने जांच अधिकारी को कहा कि कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही अब शव का पोस्टमार्टम होगा। डॉक्टर ने कहा कि अगर वह कोविड-19 टेस्ट नहीं कराते तो वह पोस्टमार्टम कर सकते है। इसी बात पर पुलिस महकमे मेें हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर अनीरुद्ध चौहान सीधा अस्पताल पहुंचे और करीब आधे घंटे तक डॉक्टर से पोस्टमार्टम करने की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। उसके बाद परिजन एसपी मनीषा चौधरी से मिले, जिसके बाद सीएमओ संतलाल वर्मा से बात की गई और शव का पोस्टमार्टम हुआ। मंगलवार शाम करीब छह बजे परिजनों को शव सौंपा गया।
डॉक्टर ने पहन ली थी सुरक्षा किट, टेस्ट कराने की जानकारी दी तो निकाली
डॉक्टर ने सुरक्षा किट पहन ली थी और पोस्टमार्टम करने के लिए निकल पड़े थे, लेकिन इसी बीच एक कर्मचारी ने डॉक्टर को बताया कि जांच अधिकारी ने शव का कोविड-19 का टेस्ट कराया है, जिसके बाद डॉक्टर वापस अपने ऑफिस में जाकर बैठ गया और सुरक्षा ड्रेस निकालकर खाना खाने चले गए। जिसके बाद एसपी के संज्ञान में मामला पहुंचा और उसके बाद अधिकारियों से मीटिंग कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो नहीं होता पोस्टमार्टम
एक्सपर्ट की मानें सरकार की ओर से कोई भी ऐसी गाइडलाइन नहीं है, जिसमें हर शव का कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य किया गया हो। अगर शव की मौत का कारण स्पष्ट है तो पुलिस बगैर कोविड-19 टेस्ट कराए पोस्टमार्टम करा सकती है। अगर मृतक पहले बीमार था और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है तो उसका कोविड-19 टेस्ट कराया जाएगा। तब टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होती है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पोस्टमार्टम नहीं होता है और अगर नेगेटिव आती है तो शव का पोस्टमार्टम किया जाता है।
वर्जन:
पुलिस के आलाधिकारियों की कॉल के बार शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। नियमों का पालन करते हुए ही शव का पोस्टमार्टम किया गया है। - डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ
एफआईआर में बदली कहानी, शराब तस्करों का विरोध करना बताया हत्या का कारण
पानीपत। शराब ठेकेदार की हत्या की वजह एफआईआर में बदल गई है। आठ साल पहले हुई सरपंच की हत्या का बदला लेने की वजह से एफआईआर में अवैध शराब तस्करों का विरोध करना बताया गया है। हालांकि एफआईआर में जिनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है, वे सरपंच के पिता और उसके भाई और अन्य ही हैं।
पुलिस को दी शिकायत में शराब ठेकेदार कुलदीप उर्फ विक्का (40) के भाई नीरज निवासी निंबरी ने बताया कि भाई ने ठेकेदार बनने के बाद गांव में अवैध शराब तस्करों का विरोध किया था। उसने कहा था कि गांव में शराब नहीं बेंचे। गांव के अवैध शराब तस्कर इसी के चलते रंजिश रखने लगे। सोमवार शाम छह बजे वह और उसका भाई कुलदीप ठेके के साथ बनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी बीच वीरेंद्र उर्फ बलिंद्र पुत्र रुप चंद, उसके बेटे विकास उर्फ विक्का, सुमित उर्फ फौजी, अजीत उर्फ कालू, विशाल और चार अन्य बाइक पर सवार होकर आए। वीरेंद्र और उसके बेटे विकास उर्फ विक्का ने कुलदीप को देशी पिस्तौल से गोली मारी और दूसरे बेटे सुमित ने तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।
चाय लेने घर गया था, वापस आया मुझ पर भी चलाई गोलियां: नीरज
मृतक कुलदीप के भाई नीरज ने बताया कि कुलदीप ने उसे शाम को चाय लेने के लिए घर भेज दिया था। जब वह चाय लेकर आया तो वीरेंद्र और उसका बेटा विकास गोली व तेजधार हथियार से कुलदीप पर हमला कर रहे थे। इसी बीच उसने शोर मचाया तो आरोपी उसके पीछे भागने लगे। विक्का ने उस पर कई गोलियां चलाई लेकिन वह बच गया और पानीपत की तरफ भाग गया। वहीं जब वह देर रात घर पहुंचा तो पता चला कि कुलदीप की हत्या हो गई है।
सोनू मालपरिया गैंगस्टर के ठेके में हिस्सेदार था कुलदीप
गैंगस्टर सोनू मालपरिया के ठेके में कुलदीप हिस्सेदार था। गांव में चर्चा रही कि सरपंच के भाईयों ने कुलदीप की हत्या की है अब जल्द ही बड़ी वारदात हो सकती है। सोनू मालपरिया कोई भी बड़ी वारदात करवा सकता है। ऐसे में पुलिस भी सर्तक हो गई है। एक दूसरे की बदले में हत्या करने की वारदात पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
वर्जन
पुलिस ने शव पोटस्मार्टम कराकर परिजनो को सौंप दिया है, आरोपियों के धरपकड़ के प्रयास जारी है। उन्होंने कुछ युवको को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
- अनिरुध चौहान, सदर थाना प्रभारी।
इनके खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट
आर्म्स एक्ट-25-54, 302, 307, 506, 148, 149 के तहत प्रेम, अनिल, सिंदा, छोटू, सरपंच के पिता वीरेंद्र, भाई विकास उर्फ विक्का, सुमित, अजीत, विशाल और सुरजीत, मंजीत समेत दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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डॉक्टर ने जांच अधिकारी को कहा कि कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही अब शव का पोस्टमार्टम होगा। डॉक्टर ने कहा कि अगर वह कोविड-19 टेस्ट नहीं कराते तो वह पोस्टमार्टम कर सकते है। इसी बात पर पुलिस महकमे मेें हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर अनीरुद्ध चौहान सीधा अस्पताल पहुंचे और करीब आधे घंटे तक डॉक्टर से पोस्टमार्टम करने की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। उसके बाद परिजन एसपी मनीषा चौधरी से मिले, जिसके बाद सीएमओ संतलाल वर्मा से बात की गई और शव का पोस्टमार्टम हुआ। मंगलवार शाम करीब छह बजे परिजनों को शव सौंपा गया।
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डॉक्टर ने पहन ली थी सुरक्षा किट, टेस्ट कराने की जानकारी दी तो निकाली
डॉक्टर ने सुरक्षा किट पहन ली थी और पोस्टमार्टम करने के लिए निकल पड़े थे, लेकिन इसी बीच एक कर्मचारी ने डॉक्टर को बताया कि जांच अधिकारी ने शव का कोविड-19 का टेस्ट कराया है, जिसके बाद डॉक्टर वापस अपने ऑफिस में जाकर बैठ गया और सुरक्षा ड्रेस निकालकर खाना खाने चले गए। जिसके बाद एसपी के संज्ञान में मामला पहुंचा और उसके बाद अधिकारियों से मीटिंग कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो नहीं होता पोस्टमार्टम
एक्सपर्ट की मानें सरकार की ओर से कोई भी ऐसी गाइडलाइन नहीं है, जिसमें हर शव का कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य किया गया हो। अगर शव की मौत का कारण स्पष्ट है तो पुलिस बगैर कोविड-19 टेस्ट कराए पोस्टमार्टम करा सकती है। अगर मृतक पहले बीमार था और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है तो उसका कोविड-19 टेस्ट कराया जाएगा। तब टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होती है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पोस्टमार्टम नहीं होता है और अगर नेगेटिव आती है तो शव का पोस्टमार्टम किया जाता है।
वर्जन:
पुलिस के आलाधिकारियों की कॉल के बार शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। नियमों का पालन करते हुए ही शव का पोस्टमार्टम किया गया है। - डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ
एफआईआर में बदली कहानी, शराब तस्करों का विरोध करना बताया हत्या का कारण
पानीपत। शराब ठेकेदार की हत्या की वजह एफआईआर में बदल गई है। आठ साल पहले हुई सरपंच की हत्या का बदला लेने की वजह से एफआईआर में अवैध शराब तस्करों का विरोध करना बताया गया है। हालांकि एफआईआर में जिनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है, वे सरपंच के पिता और उसके भाई और अन्य ही हैं।
पुलिस को दी शिकायत में शराब ठेकेदार कुलदीप उर्फ विक्का (40) के भाई नीरज निवासी निंबरी ने बताया कि भाई ने ठेकेदार बनने के बाद गांव में अवैध शराब तस्करों का विरोध किया था। उसने कहा था कि गांव में शराब नहीं बेंचे। गांव के अवैध शराब तस्कर इसी के चलते रंजिश रखने लगे। सोमवार शाम छह बजे वह और उसका भाई कुलदीप ठेके के साथ बनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी बीच वीरेंद्र उर्फ बलिंद्र पुत्र रुप चंद, उसके बेटे विकास उर्फ विक्का, सुमित उर्फ फौजी, अजीत उर्फ कालू, विशाल और चार अन्य बाइक पर सवार होकर आए। वीरेंद्र और उसके बेटे विकास उर्फ विक्का ने कुलदीप को देशी पिस्तौल से गोली मारी और दूसरे बेटे सुमित ने तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।
चाय लेने घर गया था, वापस आया मुझ पर भी चलाई गोलियां: नीरज
मृतक कुलदीप के भाई नीरज ने बताया कि कुलदीप ने उसे शाम को चाय लेने के लिए घर भेज दिया था। जब वह चाय लेकर आया तो वीरेंद्र और उसका बेटा विकास गोली व तेजधार हथियार से कुलदीप पर हमला कर रहे थे। इसी बीच उसने शोर मचाया तो आरोपी उसके पीछे भागने लगे। विक्का ने उस पर कई गोलियां चलाई लेकिन वह बच गया और पानीपत की तरफ भाग गया। वहीं जब वह देर रात घर पहुंचा तो पता चला कि कुलदीप की हत्या हो गई है।
सोनू मालपरिया गैंगस्टर के ठेके में हिस्सेदार था कुलदीप
गैंगस्टर सोनू मालपरिया के ठेके में कुलदीप हिस्सेदार था। गांव में चर्चा रही कि सरपंच के भाईयों ने कुलदीप की हत्या की है अब जल्द ही बड़ी वारदात हो सकती है। सोनू मालपरिया कोई भी बड़ी वारदात करवा सकता है। ऐसे में पुलिस भी सर्तक हो गई है। एक दूसरे की बदले में हत्या करने की वारदात पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
वर्जन
पुलिस ने शव पोटस्मार्टम कराकर परिजनो को सौंप दिया है, आरोपियों के धरपकड़ के प्रयास जारी है। उन्होंने कुछ युवको को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
- अनिरुध चौहान, सदर थाना प्रभारी।
इनके खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट
आर्म्स एक्ट-25-54, 302, 307, 506, 148, 149 के तहत प्रेम, अनिल, सिंदा, छोटू, सरपंच के पिता वीरेंद्र, भाई विकास उर्फ विक्का, सुमित, अजीत, विशाल और सुरजीत, मंजीत समेत दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।