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Panipat News: बेजुबानों का सहारा बना बेसहारा गोवंश चिकित्सालय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:38 AM IST
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The destitute cow hospital became a support for the mute animals
समालखा।भापरा रोड पर चल रहे बेसहारा गोवंश चिकित्सालय पिछले कई वर्षों से घायल पशु-पक्षियों के उपचार के लिए कार्य कर रहा है। गत वर्ष भी इसके द्वारा करीब 3065 गोवंश का मौके पर पहुंचकर उपचार किया गया।
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वर्ष 2023-24 में बेसहारा गोवंश चिकित्सालय में घायल गोवंश को लेकर 3065 सूचनाएं प्राप्त हुई। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर उनका उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 720 ऐसे मामले सामने आए जिसमें सड़क हादसे में घायल व बीमार गोवंश को उपचार के लिए चिकित्सालय में दाखिल कराया गया। इनमें गंभीर रूप से घायल, बीमार 330 गो वंश की उपचार के दौरान मौत हो गई। यहां के प्रधान मोहित गोयल व कोषाध्यक्ष संदीप गाहल्याण देहरा ने बताया कि 286 गोवंश जो ठीक हुए उन्हें विभिन्न स्थानीय गोशालाओं में छोड़ा गया। फिलहाल यहां पर 104 गोवंश उपचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में वर्षभर में करंट लगने से गंभीर रूप से पीडि़त 40 बंदर भी दाखिल किए गए थे। जिनमें 15 बंदर ठीक हुए। वहीं कुत्तों के नोचने से जख्मी चार राष्ट्रीय पक्षी मोर भी यहां लाए गए। जिन्हें इलाज के उपरांत वन्य विभाग को सौंप दिया गया। यहां पर पहले ऑपरेशन विभाग में पांच-छह पशुओं का इलाज हो सकता था। अभी इसकी क्षमता को 20-25 तक बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि साथ ही स्थित पशु चिकित्सालय से डाॅ. शैलेश का भी उन्हें पूरा सहयोग तो मिलता है। शहरी व ग्रामीण आंचल से गौ सेवकों की टीमें भी हर समय तत्पर रहती है और उनका सहयोग करती हैं।
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