{"_id":"62a656a2f451a3617d2edd51","slug":"the-descendants-of-panipat-stunned-by-sleeping-in-the-swimming-pool-panipat-news-knl111331454","type":"story","status":"publish","title_hn":"100 मीटर ब्रेस्ट में हारने के बाद 50 मीटर में वंश ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड,जीता स्वर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
100 मीटर ब्रेस्ट में हारने के बाद 50 मीटर में वंश ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड,जीता स्वर्ण
विज्ञापन
पानीपत। शुक्रवार को वंश ने 200 मीटर में रजत पदक जीता था लेकिन 100 मीटर रेस में छठे नंबर पर रहे। अपने इस प्रदर्शन से वह नाखुश थे। वंश ने इस पर आठ घंटे का कड़ा अभ्यास किया और 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्वीमिंग को 29.82 सेकंड में पूरा कर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। वंश ने खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीता है। इससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
ज्यादातर खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए दिल्ली, रोहतक और पंचकूला चले जाते हैं। वंश पन्ने ने जिस जगह से स्वीमिंग सीखी थी, वह आज भी वहीं पर अभ्यास करते हैं। बाल विकास प्रोग्रेसिव स्कूल के स्वीमिंग पूल में ही रोजाना आठ घंटे तक अभ्यास करते हैं। वंश को कोच राजेश दहिया और कोच बोबी राणा अभ्यास कराते हैं।
पिता ने आत्मरक्षा के लिए सिखाई थी तैराकी
वंश के पिता करण पन्नू ने अपने बेटे को आत्मरक्षा के लिए तैराकी सिखाई थी ताकि कभी मुसीबत या पानी में गिरने के वक्त वह तैर सकें। वंश ने बताया कि शुरुआत में तैरना नहीं आता था तो उनके पिता पानी में धक्का दे देते थे और कहते थे कि तैर। धीरे-धीरे वंश को तैरना आ गया। वंश ने अच्छी तैराकी देख स्वीमिंग को ही अपना खेल चुन लिया। वंश का लक्ष्य है कि अब वह इंटरनेशनल लेवल पर खेले और एक नया रिकॉर्ड स्थापित करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्यादातर खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए दिल्ली, रोहतक और पंचकूला चले जाते हैं। वंश पन्ने ने जिस जगह से स्वीमिंग सीखी थी, वह आज भी वहीं पर अभ्यास करते हैं। बाल विकास प्रोग्रेसिव स्कूल के स्वीमिंग पूल में ही रोजाना आठ घंटे तक अभ्यास करते हैं। वंश को कोच राजेश दहिया और कोच बोबी राणा अभ्यास कराते हैं।
विज्ञापन
पिता ने आत्मरक्षा के लिए सिखाई थी तैराकी
वंश के पिता करण पन्नू ने अपने बेटे को आत्मरक्षा के लिए तैराकी सिखाई थी ताकि कभी मुसीबत या पानी में गिरने के वक्त वह तैर सकें। वंश ने बताया कि शुरुआत में तैरना नहीं आता था तो उनके पिता पानी में धक्का दे देते थे और कहते थे कि तैर। धीरे-धीरे वंश को तैरना आ गया। वंश ने अच्छी तैराकी देख स्वीमिंग को ही अपना खेल चुन लिया। वंश का लक्ष्य है कि अब वह इंटरनेशनल लेवल पर खेले और एक नया रिकॉर्ड स्थापित करे।
विज्ञापन