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Panipat News: कंपनी को बदलनी होंगी बैटरी 10 हजार रुपये मुआवजा भी दें
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने सोलर सिस्टम की बैटरियों में खराबी के मामले में कंपनी को राहत देने से इन्कार कर दिया है। आयोग ने कंपनी को 45 दिन के भीतर खराब बैटरियों को बदलने और 10 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
असंध रोड स्थित एक फिलिंग स्टेशन के संचालक ने वर्ष 2018 में लगभग 7.75 लाख से सोलर रूफटॉप सिस्टम और बैटरियां खरीदी थीं। बैटरियों पर पांच वर्ष की वारंटी थी। बैटरियों ने बैकअप देना बंद किया तो कई बार शिकायत की गई पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वारंटी अवधि के भीतर होने के बावजूद कंपनी बैटरियों को बदलने के बजाय पैसे की मांग कर रही थी और बार-बार आश्वासन देकर मामले को टालती रही। वहीं कंपनी ने अपने पक्ष में तर्क दिया कि बैटरियों में कोई निर्माण दोष नहीं है और समस्या गलत उपयोग या चार्जिंग प्रक्रिया में कमी के कारण हुई है।
दलीलें सुनने के बाद आयोग के चेयरमैन डॉ. आर. के. डोगरा ने माना कि बैटरियों में वास्तविक खराबी थी और शिकायत वारंटी अवधि के भीतर की गई थी। इसके आधार पर आयोग ने कंपनी को निर्देश दिए कि वह 45 दिन के भीतर बैटरियां बदले और उपभोक्ता को 10 हजार रुपये का मुआवजा भी दे।
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असंध रोड स्थित एक फिलिंग स्टेशन के संचालक ने वर्ष 2018 में लगभग 7.75 लाख से सोलर रूफटॉप सिस्टम और बैटरियां खरीदी थीं। बैटरियों पर पांच वर्ष की वारंटी थी। बैटरियों ने बैकअप देना बंद किया तो कई बार शिकायत की गई पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वारंटी अवधि के भीतर होने के बावजूद कंपनी बैटरियों को बदलने के बजाय पैसे की मांग कर रही थी और बार-बार आश्वासन देकर मामले को टालती रही। वहीं कंपनी ने अपने पक्ष में तर्क दिया कि बैटरियों में कोई निर्माण दोष नहीं है और समस्या गलत उपयोग या चार्जिंग प्रक्रिया में कमी के कारण हुई है।
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दलीलें सुनने के बाद आयोग के चेयरमैन डॉ. आर. के. डोगरा ने माना कि बैटरियों में वास्तविक खराबी थी और शिकायत वारंटी अवधि के भीतर की गई थी। इसके आधार पर आयोग ने कंपनी को निर्देश दिए कि वह 45 दिन के भीतर बैटरियां बदले और उपभोक्ता को 10 हजार रुपये का मुआवजा भी दे।
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