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Panipat News: वाहे गुरु के जयकारों से गूंजी नगरी
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पानीपत। गुरुद्वारा भाई लालो जी सिंह सभा पटेल नगर तहसील कैंप द्वारा रविवार को गुरु नानक देव के 555वें प्रकाश उत्सव पर वार्षिक अलौकिक नगर कीर्तन निकाला गया। जिसमें तहसील कैंप की प्रमुख धार्मिक की सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया। प्रभात फेरी के रूप में निकाले गए नगर कीर्तन में क्षेत्र के प्रमुख गुरुद्वारों और मंदिरों की प्रभात फेरियां शामिल हुईं।
इनमें प्रमुख गुरुद्वारा भाई लालो, गुरुद्वारा गुरुनानक, श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान मंदिर फतेहपुरी चौक, गुरुद्वारा माया देवी, गुरुद्वारा फतेहपुरी, गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर, गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा, श्री हनुमान मंदिर पटेल नगर, प्रेम मंदिर पटेल नगर, प्राचीन शिव मंदिर रामनगर, गुरुद्वारा भाई केसर सिंह, गुरुद्वारा राम गड़िया सिंह सभा, स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा भाई लालो जी व गुरुद्वारा गुरु अर्जुन देव शामिल रहे।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में निकाले गए नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारों ने की। नगर कीर्तन भाई लालो जी चौक पटेल नगर से सुबह सात बजे आरंभ होकर तहसील कैंप के मुख्य मार्गाें फतेहपुरी चौक, जट्टू चौक, भूल भुलैया चौक, भावना चौक, दुष्यंत नगर, अशोक नगर, न्यू रमेश नगर, जवाहर नगर, भगत नगर और ग्रीन पार्क से होते हुए दोपहर लगभग एक बजे गुरुद्वारा भाई लालो में संपन्न हुआ। नगर कीर्तन के रास्ते मेंजगह-जगह श्रद्धालुओं ने लंगर के स्टाॅल पर सेवा की। नगर कीर्तन की समाप्ति पर गुरु का लंगर अटूट बरताया गया। कौमी एकता के प्रतीक इस नगर कीर्तन का उद्देश्य गुरुनानक देव के उपदेशों को याद दिलाना रहा। जिसमें उन्होंने समस्त मानव जाति को एक ईश्वर की संतान बताते हुए सच की कमाई करने पर बल दिया था। वे एक निर्भीक व मानवता के सच्चे संत थे। जिन्होंने बेईमानी, घूसखोरी, पाखंड और शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। गुरु के उपदेश विश्व-उचयशांति और सांप्रदायिक सद्भावना के लिए हमेशा सार्थक रहेंगे। इस मौके पर बलदेव सिंह, अवतार सिंह, हरविन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, अमर सिंह, जसविंद्र सिंह, लखविंद्र सिंह, तेज प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, कुलजिंदर सिंह व परविंद्र सिंह मौजूद रहे।
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इनमें प्रमुख गुरुद्वारा भाई लालो, गुरुद्वारा गुरुनानक, श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान मंदिर फतेहपुरी चौक, गुरुद्वारा माया देवी, गुरुद्वारा फतेहपुरी, गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर, गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा, श्री हनुमान मंदिर पटेल नगर, प्रेम मंदिर पटेल नगर, प्राचीन शिव मंदिर रामनगर, गुरुद्वारा भाई केसर सिंह, गुरुद्वारा राम गड़िया सिंह सभा, स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा भाई लालो जी व गुरुद्वारा गुरु अर्जुन देव शामिल रहे।
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में निकाले गए नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारों ने की। नगर कीर्तन भाई लालो जी चौक पटेल नगर से सुबह सात बजे आरंभ होकर तहसील कैंप के मुख्य मार्गाें फतेहपुरी चौक, जट्टू चौक, भूल भुलैया चौक, भावना चौक, दुष्यंत नगर, अशोक नगर, न्यू रमेश नगर, जवाहर नगर, भगत नगर और ग्रीन पार्क से होते हुए दोपहर लगभग एक बजे गुरुद्वारा भाई लालो में संपन्न हुआ। नगर कीर्तन के रास्ते मेंजगह-जगह श्रद्धालुओं ने लंगर के स्टाॅल पर सेवा की। नगर कीर्तन की समाप्ति पर गुरु का लंगर अटूट बरताया गया। कौमी एकता के प्रतीक इस नगर कीर्तन का उद्देश्य गुरुनानक देव के उपदेशों को याद दिलाना रहा। जिसमें उन्होंने समस्त मानव जाति को एक ईश्वर की संतान बताते हुए सच की कमाई करने पर बल दिया था। वे एक निर्भीक व मानवता के सच्चे संत थे। जिन्होंने बेईमानी, घूसखोरी, पाखंड और शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। गुरु के उपदेश विश्व-उचयशांति और सांप्रदायिक सद्भावना के लिए हमेशा सार्थक रहेंगे। इस मौके पर बलदेव सिंह, अवतार सिंह, हरविन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, अमर सिंह, जसविंद्र सिंह, लखविंद्र सिंह, तेज प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, कुलजिंदर सिंह व परविंद्र सिंह मौजूद रहे।
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