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Panipat News: पर्यूषण पर्व का उत्तम क्षमा पर्व मनाया
Fri, 29 Aug 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:32 AM IST
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भगवान मस्तक पर विराजमान कर महोत्सव स्थल पर ले जाते श्रद्धालु। स्रोत : स्वयं
-श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन मोहल्ला समेत जैन मंदिरों में किया गया आयोजन
-दस दिनों तक सभी अनुयायी व्रत, उपवास त्याग, तप व दान करते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। श्री दिगंबर जैन मंदिर जैन मोहल्ला में वीरवार को प्रथम दिवस भक्तामर विधान का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सर्वप्रथम भगवान का अभिषेक व शांति धारा की गई। फिर विधान का आयोजन शुरू हुआ। पर्यूषण पर्व का उत्तम क्षमा पर्व धूमधाम से मनाया गया।
मंदिर समिति के प्रधान ने बताया कि भाद्र माह के सुदी पंचमी से ही दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्व शुरू होते हैं। यह पहला दिन उत्तम क्षमा पर्व के रूप में मनाया जाता है। हम उनसे क्षमा मांगते है जिनके साथ हमने बुरा व्यवहार किया हो और उन्हें क्षमा करते है जिन्होंने हमारे साथ बुरा व्यवहार किया हो। सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि हर एक इंद्रिय से पांच इंद्रिय जीवों के प्रति जिनमें जीव है उनके प्रति भी ऐसा भाव रखते हैं। उत्तम क्षमा धर्म हमारी आत्मा को सही राह खोजने में और क्षमा को जीवन और व्यवहार में लाना सिखाता है जिससे सम्यक दर्शन प्राप्त होता है। सम्यक दर्शन वो चीज है जो आत्मा को कठोर तप त्याग की कुछ समय की यातना सहन करके परम आनंद मोक्ष को पाने का प्रथम मार्ग है। इस दिन बोला जाता है सबको क्षमा सबसे क्षमा उत्तम क्षमा। संध्या की बेला में महिला मंडल व समाज के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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-दस दिनों तक सभी अनुयायी व्रत, उपवास त्याग, तप व दान करते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। श्री दिगंबर जैन मंदिर जैन मोहल्ला में वीरवार को प्रथम दिवस भक्तामर विधान का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सर्वप्रथम भगवान का अभिषेक व शांति धारा की गई। फिर विधान का आयोजन शुरू हुआ। पर्यूषण पर्व का उत्तम क्षमा पर्व धूमधाम से मनाया गया।
मंदिर समिति के प्रधान ने बताया कि भाद्र माह के सुदी पंचमी से ही दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्व शुरू होते हैं। यह पहला दिन उत्तम क्षमा पर्व के रूप में मनाया जाता है। हम उनसे क्षमा मांगते है जिनके साथ हमने बुरा व्यवहार किया हो और उन्हें क्षमा करते है जिन्होंने हमारे साथ बुरा व्यवहार किया हो। सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि हर एक इंद्रिय से पांच इंद्रिय जीवों के प्रति जिनमें जीव है उनके प्रति भी ऐसा भाव रखते हैं। उत्तम क्षमा धर्म हमारी आत्मा को सही राह खोजने में और क्षमा को जीवन और व्यवहार में लाना सिखाता है जिससे सम्यक दर्शन प्राप्त होता है। सम्यक दर्शन वो चीज है जो आत्मा को कठोर तप त्याग की कुछ समय की यातना सहन करके परम आनंद मोक्ष को पाने का प्रथम मार्ग है। इस दिन बोला जाता है सबको क्षमा सबसे क्षमा उत्तम क्षमा। संध्या की बेला में महिला मंडल व समाज के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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