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Panipat News: मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार का प्रसंग देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
Sat, 10 Oct 2026 03:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 10 Oct 2026 03:58 AM IST
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पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर रामलीला सभा में रामलीला महोत्सव में मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार व अन्य प्रमुख प्रसंगों का सजीव और भावपूर्ण मंचन किया गया। मंचन से कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
सभा के प्रधान तरुण गांधी ने धर्मप्रेमी दर्शकों को एक प्रेरक संदेश दिया और बताया कि गणेश महाराज मदन गखड़ ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना के साथ किया। गुरु वशिष्ठ सतपाल खुराना ने अपनी गंभीर व प्रभावशाली संवाद अदायगी से गुरु की गरिमा को जीवंत किया। आकाश खुराना ने श्रवण कुमार के माता-पिता के प्रति निस्वार्थ सेवा, कांवड़ यात्रा और बाण लगने के मार्मिक दृश्य को भावुक अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
श्रवण कुमार के पिता लवकेश महाजन ने अंधे पिता की बेबसी और पुत्र वियोग के दर्द को मंच पर दर्शाया। श्रवण कुमार की माता विशाल खुराना ने माता के विलाप और ममता के दृश्य को मार्मिक ढंग से पेश किया। रावण स्वरूप शुभ छाबड़ा ने अपने रौबदार अभिनय और बुलंद आवाज से दशानन के किरदार में जान फूंक दी। प्रधान ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को श्रवण कुमार के जीवन से प्रेरणा लेने की परम आवश्यकता है। श्रवण कुमार केवल एक पौराणिक चरित्र नहीं, बल्कि माता-पिता की सेवा, त्याग और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। मंचन के माध्यम से युवाओं को अपने पारिवारिक दायित्वों को समझने और बुजुर्गों की सेवा का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। संवाद
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सभा के प्रधान तरुण गांधी ने धर्मप्रेमी दर्शकों को एक प्रेरक संदेश दिया और बताया कि गणेश महाराज मदन गखड़ ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना के साथ किया। गुरु वशिष्ठ सतपाल खुराना ने अपनी गंभीर व प्रभावशाली संवाद अदायगी से गुरु की गरिमा को जीवंत किया। आकाश खुराना ने श्रवण कुमार के माता-पिता के प्रति निस्वार्थ सेवा, कांवड़ यात्रा और बाण लगने के मार्मिक दृश्य को भावुक अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
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श्रवण कुमार के पिता लवकेश महाजन ने अंधे पिता की बेबसी और पुत्र वियोग के दर्द को मंच पर दर्शाया। श्रवण कुमार की माता विशाल खुराना ने माता के विलाप और ममता के दृश्य को मार्मिक ढंग से पेश किया। रावण स्वरूप शुभ छाबड़ा ने अपने रौबदार अभिनय और बुलंद आवाज से दशानन के किरदार में जान फूंक दी। प्रधान ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को श्रवण कुमार के जीवन से प्रेरणा लेने की परम आवश्यकता है। श्रवण कुमार केवल एक पौराणिक चरित्र नहीं, बल्कि माता-पिता की सेवा, त्याग और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। मंचन के माध्यम से युवाओं को अपने पारिवारिक दायित्वों को समझने और बुजुर्गों की सेवा का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। संवाद
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