{"_id":"6ac96afbf90f0403f00fb8c4","slug":"at-the-sita-swayamvar-mother-sita-became-shri-rams-the-assembly-resounded-with-cheers-panipat-news-c-244-1-pnp1007-165680-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सीता स्वयंवर में श्रीराम की हुई माता सीता, जयकारों से गूंजी सभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सीता स्वयंवर में श्रीराम की हुई माता सीता, जयकारों से गूंजी सभा
विज्ञापन
श्री सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
पानीपत। श्री सायंकाल रामलीला लैय्या सभा द्वारा आईबी कॉलेज के प्रांगण में शुक्रवार को सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। भगवान राम द्वारा भगवान शिव का चिल्ला चढ़ाते ही सभा भगवान राम के जय-जयकारों से गूंज उठी। कार्यक्रम में मुख्यातिथि समाजसेवी जगदीश जैन, विजय जैन रहे। मंच का संचालन दुर्गेश शर्मा ने किया।
महाराजा जनक ने स्वयंवर समारोह में अपने हृदय का संकल्प दोहराया कि सभागार के मध्य सुशोभित शिव धनुष पर जो कोई चिल्ला चढ़ाएगा। वह वीर पुरुष मेरी सुकुमारी सीता को विवाह कर ले जाएगा। इस घोषणा के बाद बारी बारी से सभी राजा महाराज अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने आए लेकिन कोई शिव धनुष को हिला तक न सका। यहां तक कि लंकाधीश रावण भी आकाशवाणी के प्रभाव से निराश लौट गए। स्वयंवर में पधारे मुनि विश्वामित्र संग राम व लक्ष्मण यह दृश्य देख रहे थे तभी महाराज जनक ने अत्यंत निराश होकर कहा कि काश यदि मैं जानता की धरती वीरों से खाली है तो स्वयंवर रचाकर जग हंसाई न कराता। निराश और हताश जनक को ऐसा कहते देख लक्ष्मण को बड़ा क्रोध आया कि महापराक्रमी राम के होते धरती वीरों से खाली कैसे कही जा सकती है। मुनि विश्वामित्र ने लक्ष्मण को शांत किया और राम को शिव धनुष का चिल्ला चढ़ाकर जनक के हृदय का संताप दूर करने का आदेश दिया। भगवान राम ने इष्टदेव शिवजी की स्तुति वंदना कर शिवधनुष का चिल्ला चढ़ाया। स्वयंवर समारोह में जय जयकार होने लगी। शिव धनुष भंग होने पर सीता ने श्रीराम के गले वर माला दी। इस बीच शिव धनुष भंग होने का पता चलते ही भगवान परशुराम आए और क्रोधित स्वरों में जनक व राम से वार्तालाप किया। वह श्रीराम को दिव्य शक्ति मानकर राम की दिव्यता को स्वीकार कर तपस्या करने महेन्द्राचल पर्वत चले गए। राम का स्वरूप योगेश शर्मा, सीता गर्वित, लक्ष्मण सागर कलाकार निभा रहे हैं। सभा के महामंत्री युधिष्ठिर शर्मा ने बताया कि शनिवार 10 अक्तूबर को प्रभु राम की भव्य बारात का आयोजन सायं चार बजे से आईबी कॉलेज से होगा। जिसमें देवी देवताओं की आकर्षक झांकियों, ढोल, शहनाई, आगरा, सहारनपुर , देहली, गुरूग्राम से पधारे बैंड बाजो की अगवानी में सूर्यवंशी रथ पर भगवान राम शीश मुकुट पर सेहरा बांधे विराजमान होंगे। राम बारात नगर भ्रमण के बाद मध्य रात्रि में रंगीन लाइटों की फुलवारी में सजी जनकपुरी में प्रवेश करेगी। जहां जनकपुरी समिति द्वारा स्वागत व लावामंगल का कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर स्वामी अरुण दास, गजेंद्र सलूजा, जगदीश शर्मा, जगदीश चराया, लक्की अरोड़ा, इशांत शर्मा, नितिन नंदा उपस्थित रहे।
महावीर दल ने राम जन्म और ताड़का वध का किया मंचन-
वार्ड -19 आठ मरला काॅलोनी में शुक्रवार को महावीर राम नाटक एकता कल्ब ने राम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया। कार्यक्रम का समय नौ से 12 बजे का रहा। प्रधान योगेश शर्मा ने बताया कि इसमें कलाकारों ने राम जन्म का मंचन किया। मंचन के दौरान प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने गुरु वशिष्ठ व पिता दशरथ की आज्ञा पाकर बाललीला के दृश्य में क्रिकेट खेलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दूसरी तरफ मुनि विश्वामित्र द्वारा लोक कल्याण के लिए किए जा रहे यज्ञ में ताड़का, सुबाहु और मारीच ने विघ्न डाला। इससे क्रोधित मुनि विश्वामित्र अयोध्या दरबार पहुंचे और राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांग लिया। सिद्धाश्रम में यज्ञ रक्षा के दौरान जब राक्षस उत्पात मचाने आए तो श्रीराम ने ताड़का और सुबाहु का वध कर दिया। ताड़का वध के दृश्य पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। वहीं राम के बाण से मारीच सौ योजन दूर जा गिरा। इस अवसर पर कपिल मिगलानी, अंशुल शर्मा, अमित सागर और मंच संचालक सुरेश आहूजा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
हैदराबादी रामलीला क्लब ने किया दैनिक रामलीला का उद्घाटन, नारद प्रसंग का किया मंचन-
श्री हैदराबादी रामलीला एवं ड्रामेटिक क्लब ने शुक्रवार को दैनिक रामलीला कार्यक्रम का उद्घाटन किया और नारद प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। जिससे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समय रात्रि 08:30 से 12 बजे तक का रहा। क्लब के प्रधान कृष्ण लाल जुनेजा ने बताया कि 8 से 21 अक्टूबर तक चलने वाली दैनिक रामलीला का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को नारद लीला के मंचन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्यातिथि समाजसेवी सुंदर सिंह दुआ रहे। कलाकारों ने नारद प्रसंग का सुंदर और सजीव मंचन किया। दर्शकों की तालियों की गड़-गड़ाहट ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर अशोक जिंदल, संजय चुघ, जगदीश आहूजा, तिलक सलूजा, गिरीश खुराना और चुनी लाल चुघ उपस्थित रहे। संवाद
विज्ञापन
महाराजा जनक ने स्वयंवर समारोह में अपने हृदय का संकल्प दोहराया कि सभागार के मध्य सुशोभित शिव धनुष पर जो कोई चिल्ला चढ़ाएगा। वह वीर पुरुष मेरी सुकुमारी सीता को विवाह कर ले जाएगा। इस घोषणा के बाद बारी बारी से सभी राजा महाराज अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने आए लेकिन कोई शिव धनुष को हिला तक न सका। यहां तक कि लंकाधीश रावण भी आकाशवाणी के प्रभाव से निराश लौट गए। स्वयंवर में पधारे मुनि विश्वामित्र संग राम व लक्ष्मण यह दृश्य देख रहे थे तभी महाराज जनक ने अत्यंत निराश होकर कहा कि काश यदि मैं जानता की धरती वीरों से खाली है तो स्वयंवर रचाकर जग हंसाई न कराता। निराश और हताश जनक को ऐसा कहते देख लक्ष्मण को बड़ा क्रोध आया कि महापराक्रमी राम के होते धरती वीरों से खाली कैसे कही जा सकती है। मुनि विश्वामित्र ने लक्ष्मण को शांत किया और राम को शिव धनुष का चिल्ला चढ़ाकर जनक के हृदय का संताप दूर करने का आदेश दिया। भगवान राम ने इष्टदेव शिवजी की स्तुति वंदना कर शिवधनुष का चिल्ला चढ़ाया। स्वयंवर समारोह में जय जयकार होने लगी। शिव धनुष भंग होने पर सीता ने श्रीराम के गले वर माला दी। इस बीच शिव धनुष भंग होने का पता चलते ही भगवान परशुराम आए और क्रोधित स्वरों में जनक व राम से वार्तालाप किया। वह श्रीराम को दिव्य शक्ति मानकर राम की दिव्यता को स्वीकार कर तपस्या करने महेन्द्राचल पर्वत चले गए। राम का स्वरूप योगेश शर्मा, सीता गर्वित, लक्ष्मण सागर कलाकार निभा रहे हैं। सभा के महामंत्री युधिष्ठिर शर्मा ने बताया कि शनिवार 10 अक्तूबर को प्रभु राम की भव्य बारात का आयोजन सायं चार बजे से आईबी कॉलेज से होगा। जिसमें देवी देवताओं की आकर्षक झांकियों, ढोल, शहनाई, आगरा, सहारनपुर , देहली, गुरूग्राम से पधारे बैंड बाजो की अगवानी में सूर्यवंशी रथ पर भगवान राम शीश मुकुट पर सेहरा बांधे विराजमान होंगे। राम बारात नगर भ्रमण के बाद मध्य रात्रि में रंगीन लाइटों की फुलवारी में सजी जनकपुरी में प्रवेश करेगी। जहां जनकपुरी समिति द्वारा स्वागत व लावामंगल का कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर स्वामी अरुण दास, गजेंद्र सलूजा, जगदीश शर्मा, जगदीश चराया, लक्की अरोड़ा, इशांत शर्मा, नितिन नंदा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महावीर दल ने राम जन्म और ताड़का वध का किया मंचन-
वार्ड -19 आठ मरला काॅलोनी में शुक्रवार को महावीर राम नाटक एकता कल्ब ने राम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया। कार्यक्रम का समय नौ से 12 बजे का रहा। प्रधान योगेश शर्मा ने बताया कि इसमें कलाकारों ने राम जन्म का मंचन किया। मंचन के दौरान प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने गुरु वशिष्ठ व पिता दशरथ की आज्ञा पाकर बाललीला के दृश्य में क्रिकेट खेलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दूसरी तरफ मुनि विश्वामित्र द्वारा लोक कल्याण के लिए किए जा रहे यज्ञ में ताड़का, सुबाहु और मारीच ने विघ्न डाला। इससे क्रोधित मुनि विश्वामित्र अयोध्या दरबार पहुंचे और राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांग लिया। सिद्धाश्रम में यज्ञ रक्षा के दौरान जब राक्षस उत्पात मचाने आए तो श्रीराम ने ताड़का और सुबाहु का वध कर दिया। ताड़का वध के दृश्य पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। वहीं राम के बाण से मारीच सौ योजन दूर जा गिरा। इस अवसर पर कपिल मिगलानी, अंशुल शर्मा, अमित सागर और मंच संचालक सुरेश आहूजा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
हैदराबादी रामलीला क्लब ने किया दैनिक रामलीला का उद्घाटन, नारद प्रसंग का किया मंचन-
श्री हैदराबादी रामलीला एवं ड्रामेटिक क्लब ने शुक्रवार को दैनिक रामलीला कार्यक्रम का उद्घाटन किया और नारद प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। जिससे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समय रात्रि 08:30 से 12 बजे तक का रहा। क्लब के प्रधान कृष्ण लाल जुनेजा ने बताया कि 8 से 21 अक्टूबर तक चलने वाली दैनिक रामलीला का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को नारद लीला के मंचन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्यातिथि समाजसेवी सुंदर सिंह दुआ रहे। कलाकारों ने नारद प्रसंग का सुंदर और सजीव मंचन किया। दर्शकों की तालियों की गड़-गड़ाहट ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर अशोक जिंदल, संजय चुघ, जगदीश आहूजा, तिलक सलूजा, गिरीश खुराना और चुनी लाल चुघ उपस्थित रहे। संवाद

श्री सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद