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Panipat News: रामलीला लैय्या सभा के कलाकारों ने किया सीता हरण का मंचन
Sat, 27 Sep 2025 09:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 27 Sep 2025 09:31 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सायंकाल रामलीला लैय्या सभा द्वारा शुक्रवार को आईबी पीजी कॉलेज में सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। महामंत्री युधिष्ठिर शर्मा ने बताया कि शनिवार को राम हनुमान मिलन और बाली सुग्रीव महासंग्राम दिखाया जाएगा। स्वामी अरुणदास ने रामभक्तों संग आरती उतारी।
अपनी कटी नाक लेकर शूर्पणखा लंकाधिपति रावण के पास जाकर उन्हें उकसाती है कि वन में दो सुंदर तपस्वी राजकुमारों के साथ एक सुंदर नारी देख मेरा मन उसे आपकी अर्धांगिनी बनाने को उत्सुक हुआ तो उन्होंने मेरी नाक काट मुझे कुरूप बना दिया। इसका बदला आपको लेना है। रावण क्रोधित होकर अपने मामा मारीच के पास जाकर उसे स्वर्ण मृग का रूप धारण कर सीता की कुटिया के आगे टहलने को मजबूर करता है। सीता स्वर्ण मृग पकड़कर लाने के लिए राम से जिद करती है तो राम वन में चले जाते हैं। इस दौरान साधु वेश में आया रावण सीता को उठा ले जाता है। हे राम हे राम की दर्द भरी आवाज सुन परोपकारी जीव जटायु अपनी तीखी चोंच से रावण पर प्रहार करता है। बहुत देर तक दोनों में युद्ध होता है लेकिन रावण ने अपनी चंद्रहास की तलवार से जटायु के पंख काटे तो वह धरती पर धड़ाम से गिर पड़ता है। इस मौके पर परमवीर ढींगरा, यशपाल शर्मा, सचिन, सुमित मिगलानी, जगदीश शर्मा, जगदीश चराया, दुर्गेश शर्मा, दीपक मखीजा इशांत शर्मा उपस्थित रहे।
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पानीपत। सायंकाल रामलीला लैय्या सभा द्वारा शुक्रवार को आईबी पीजी कॉलेज में सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। महामंत्री युधिष्ठिर शर्मा ने बताया कि शनिवार को राम हनुमान मिलन और बाली सुग्रीव महासंग्राम दिखाया जाएगा। स्वामी अरुणदास ने रामभक्तों संग आरती उतारी।
अपनी कटी नाक लेकर शूर्पणखा लंकाधिपति रावण के पास जाकर उन्हें उकसाती है कि वन में दो सुंदर तपस्वी राजकुमारों के साथ एक सुंदर नारी देख मेरा मन उसे आपकी अर्धांगिनी बनाने को उत्सुक हुआ तो उन्होंने मेरी नाक काट मुझे कुरूप बना दिया। इसका बदला आपको लेना है। रावण क्रोधित होकर अपने मामा मारीच के पास जाकर उसे स्वर्ण मृग का रूप धारण कर सीता की कुटिया के आगे टहलने को मजबूर करता है। सीता स्वर्ण मृग पकड़कर लाने के लिए राम से जिद करती है तो राम वन में चले जाते हैं। इस दौरान साधु वेश में आया रावण सीता को उठा ले जाता है। हे राम हे राम की दर्द भरी आवाज सुन परोपकारी जीव जटायु अपनी तीखी चोंच से रावण पर प्रहार करता है। बहुत देर तक दोनों में युद्ध होता है लेकिन रावण ने अपनी चंद्रहास की तलवार से जटायु के पंख काटे तो वह धरती पर धड़ाम से गिर पड़ता है। इस मौके पर परमवीर ढींगरा, यशपाल शर्मा, सचिन, सुमित मिगलानी, जगदीश शर्मा, जगदीश चराया, दुर्गेश शर्मा, दीपक मखीजा इशांत शर्मा उपस्थित रहे।
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