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कोरोना के लक्षण दिखने पर ही होगा टेस्ट
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कोरोना की संभावित चौथी लहर से निपटने की तैयारियां शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की रडार पर फिर विदेश से आने वाले यात्री हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक सप्ताह में 56 लोगों को ट्रेस किया है। इन लोगों से कोविड के लक्षणों की जानकारी ली जा रही है। जिस यात्री में कोविड के लक्षण होंगे सिर्फ उन्हीं की कोविड जांच होगी। अब एयरपोर्ट पर भी कोरोना सैंपलिंग नहीं हो रही है।
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ लक्षणों वाले यात्रियों की ही सैंपलिंग करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को कोरोना का एक नया रोगी मिला है। विभाग ने उसको होम आइसोलेट कर दिया है। अप्रैल में कोरोना के आठ रोगी मिले हैं। इनमें से पांच रोगी ठीक हो चुके हैं। तीन कोरोना के एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य विभाग बच्चों के लिए हाई डिपेंडेंसी यूनिट भी तैयार रहा है।
पानीपत में लैब टेक्निशयन की कमी के कारण हर रोज महज 100-120 लोगों की ही जांच हो पा रही है। सैंपल को जांच के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। सैंपलिंग करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यहां से तीन- चार दिन में सैंपल की रिपोर्ट मिलती है। ऐसे में कोरोना को कंट्रोल करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सिविल सर्जन ने लोगों से भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
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एसीएस व स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रदेश के सभी सिविल सर्जन व कोरोना के नोडल अधिकारियों की लगातार मीटिंग ले रहे हैं। मीटिंग में एसीएस ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने अपने निर्देशों में कहा कि कोविड सैंपलिंग बढ़ाए और जहां भी कोरोना के रोगी मिलते हैं उन्हें होम आइसोलेट कर उन तक जल्द स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाए।
विदेश से आने वाले लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। विदेश से आने वाले सिर्फ उन ही लोगों के टेस्ट होंगे जिनमें कोविड के लक्षण होंगे। लोगों से अपील है कि वो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। सामाजिक दूरी का ध्यान रखें।
डॉ. सुनील संडुजा, डिप्टी सिविल सर्जन
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इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ लक्षणों वाले यात्रियों की ही सैंपलिंग करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को कोरोना का एक नया रोगी मिला है। विभाग ने उसको होम आइसोलेट कर दिया है। अप्रैल में कोरोना के आठ रोगी मिले हैं। इनमें से पांच रोगी ठीक हो चुके हैं। तीन कोरोना के एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य विभाग बच्चों के लिए हाई डिपेंडेंसी यूनिट भी तैयार रहा है।
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पानीपत में लैब टेक्निशयन की कमी के कारण हर रोज महज 100-120 लोगों की ही जांच हो पा रही है। सैंपल को जांच के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। सैंपलिंग करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यहां से तीन- चार दिन में सैंपल की रिपोर्ट मिलती है। ऐसे में कोरोना को कंट्रोल करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सिविल सर्जन ने लोगों से भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
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एसीएस व स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रदेश के सभी सिविल सर्जन व कोरोना के नोडल अधिकारियों की लगातार मीटिंग ले रहे हैं। मीटिंग में एसीएस ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने अपने निर्देशों में कहा कि कोविड सैंपलिंग बढ़ाए और जहां भी कोरोना के रोगी मिलते हैं उन्हें होम आइसोलेट कर उन तक जल्द स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाए।
विदेश से आने वाले लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। विदेश से आने वाले सिर्फ उन ही लोगों के टेस्ट होंगे जिनमें कोविड के लक्षण होंगे। लोगों से अपील है कि वो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। सामाजिक दूरी का ध्यान रखें।
डॉ. सुनील संडुजा, डिप्टी सिविल सर्जन